PM Modi Warns Global Energy Crisis: दुनिया में चल रहे युद्ध और गहराते वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है. पांच देशों के दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड्स के हेग पहुंचे पीएम मोदी ने भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान दशक मानवता के लिए लगातार बढ़ती आपदाओं का दौर बनता जा रहा है. यदि समय रहते इन वैश्विक परिस्थितियों को नहीं बदला गया, तो दुनिया की एक बहुत बड़ी आबादी दोबारा भयंकर गरीबी के दलदल में फंस सकती है.
कोविड और युद्ध ने बिगाड़े हालात
पीएम मोदी ने मौजूदा संकटों का जिक्र करते हुए कहा, “यह दशक चुनौतियों से भरा रहा है. पहले कोरोना महामारी आई और फिर युद्ध शुरू हो गए. तब से लेकर अब तक दुनिया लगातार तेल और ऊर्जा संकट से जूझ रही है.” उन्होंने आगाह किया कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो पिछले कई दशकों की मेहनत और इंसानी उपलब्धियां पूरी तरह नष्ट हो सकती हैं. गौरतलब है कि यूक्रेन-रूस संघर्ष और फिर ईरान-अमेरिका के बीच करीब 40 दिनों तक चले युद्ध के बाद हालांकि अभी शांति है, लेकिन 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर अभी भी ईरानी ताला लटका हुआ है, जिससे दुनिया की तेल सप्लाई बाधित है और वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है. जानिए भारतीय मुद्रा बचाने के लिए पीएम मोदी ने देशवासियों से क्या तीन बड़ी अपीलें की हैं.
पीएम मोदी ने देशवासियों से की ये 3 बड़ी अपीलें
इस गंभीर संकट और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रधानमंत्री ने मई के पहले हफ्ते में हैदराबाद के एक कार्यक्रम में देशवासियों से 'देशभक्ति' दिखाने और ईंधन व विदेशी मुद्रा बचाने के लिए 3 महत्वपूर्ण अपीलें की थीं:
एक साल तक सोना न खरीदें: भारत हर साल अरबों डॉलर का सोना आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव पड़ता है. पीएम मोदी ने अपील की है कि अगले एक साल तक किसी भी कार्यक्रम के लिए सोना न खरीदें. इस अपील के बाद सरकार ने सोने के आयात पर ड्यूटी भी बढ़ा दी है.
तेल और ऊर्जा की बचत करें: अपनी जरूरत का अधिकांश तेल-गैस बाहर से मंगाने के कारण भारत का बड़ा फंड इसी में चला जाता है. पीएम ने लोगों से कारपूलिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल और एक बार फिर 'वर्क फ्रॉम होम' (घर से काम) की दिनचर्या अपनाने पर जोर दिया है. इस बीच भारतीय तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दामों में तीन-तीन रुपये और सीएनजी में एक रुपये की बढ़ोतरी की है.
विदेशी यात्राओं पर रोक लगाएं: पीएम मोदी ने देशवासियों से विदेशी यात्राओं के बजाय भारत की खूबसूरत जगहों पर घूमने की अपील की है ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके.
फिर बढ़ सकता है युद्ध का खतरा
चिंता की बात यह है कि अमेरिका और ईरान दोनों ही खुद को विजेता बता रहे हैं, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना मुश्किल दिख रहा है. अमेरिका द्वारा दोबारा हमले के संकेत और ईरान की तरफ से भयानक पलटवार की चेतावनी ने पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी बजा दी है.
PM Modi Warns Global Energy Crisis: दुनिया में चल रहे युद्ध और गहराते वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है. पांच देशों के दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड्स के हेग पहुंचे पीएम मोदी ने भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान दशक मानवता के लिए लगातार बढ़ती आपदाओं का दौर बनता जा रहा है. यदि समय रहते इन वैश्विक परिस्थितियों को नहीं बदला गया, तो दुनिया की एक बहुत बड़ी आबादी दोबारा भयंकर गरीबी के दलदल में फंस सकती है.
कोविड और युद्ध ने बिगाड़े हालात
पीएम मोदी ने मौजूदा संकटों का जिक्र करते हुए कहा, “यह दशक चुनौतियों से भरा रहा है. पहले कोरोना महामारी आई और फिर युद्ध शुरू हो गए. तब से लेकर अब तक दुनिया लगातार तेल और ऊर्जा संकट से जूझ रही है.” उन्होंने आगाह किया कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो पिछले कई दशकों की मेहनत और इंसानी उपलब्धियां पूरी तरह नष्ट हो सकती हैं. गौरतलब है कि यूक्रेन-रूस संघर्ष और फिर ईरान-अमेरिका के बीच करीब 40 दिनों तक चले युद्ध के बाद हालांकि अभी शांति है, लेकिन ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर अभी भी ईरानी ताला लटका हुआ है, जिससे दुनिया की तेल सप्लाई बाधित है और वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है. जानिए भारतीय मुद्रा बचाने के लिए पीएम मोदी ने देशवासियों से क्या तीन बड़ी अपीलें की हैं.
पीएम मोदी ने देशवासियों से की ये 3 बड़ी अपीलें
इस गंभीर संकट और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रधानमंत्री ने मई के पहले हफ्ते में हैदराबाद के एक कार्यक्रम में देशवासियों से ‘देशभक्ति’ दिखाने और ईंधन व विदेशी मुद्रा बचाने के लिए 3 महत्वपूर्ण अपीलें की थीं:
एक साल तक सोना न खरीदें: भारत हर साल अरबों डॉलर का सोना आयात करता है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार पर भारी दबाव पड़ता है. पीएम मोदी ने अपील की है कि अगले एक साल तक किसी भी कार्यक्रम के लिए सोना न खरीदें. इस अपील के बाद सरकार ने सोने के आयात पर ड्यूटी भी बढ़ा दी है.
तेल और ऊर्जा की बचत करें: अपनी जरूरत का अधिकांश तेल-गैस बाहर से मंगाने के कारण भारत का बड़ा फंड इसी में चला जाता है. पीएम ने लोगों से कारपूलिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल और एक बार फिर ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) की दिनचर्या अपनाने पर जोर दिया है. इस बीच भारतीय तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दामों में तीन-तीन रुपये और सीएनजी में एक रुपये की बढ़ोतरी की है.
विदेशी यात्राओं पर रोक लगाएं: पीएम मोदी ने देशवासियों से विदेशी यात्राओं के बजाय भारत की खूबसूरत जगहों पर घूमने की अपील की है ताकि विदेशी मुद्रा की बचत हो सके.
फिर बढ़ सकता है युद्ध का खतरा
चिंता की बात यह है कि अमेरिका और ईरान दोनों ही खुद को विजेता बता रहे हैं, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना मुश्किल दिख रहा है. अमेरिका द्वारा दोबारा हमले के संकेत और ईरान की तरफ से भयानक पलटवार की चेतावनी ने पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी बजा दी है.