नेपाल में आई त्रासदी को 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी पूरा नहीं हुआ है. अब बचाव दलों का सबसे बड़ा फोकस तीन हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सुरंगों पर हैं, जहां बड़ी संख्या में वर्कर्स अभी भी फंसे हैं. अधिकारियों का कहना है, इन टनल्स में करीब 121 लोग फंसे हैं और उन्हें जिंदा रखने के लिए पाइप के जरिए लगातार ऑक्सीजन दी जा रही है.

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5 हजार से ज्यादा लापता

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, नेपाल में आई आपदा की वजह से करीब 11 हाइडिल प्रोजेक्ट्स पर असर पड़ा है. इनमें रसुवा में मौजूद अपर त्रिशूली प्रोजेक्ट्स 3A और 3B भी शामिल हैं. नेपाल में बाढ़ और लैंडस्लाइड ने भारी तबाही मचाई है. अब तक 1300 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 5000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं. रेस्क्यू टीम्स ने अब तक 13 हजार से ज्यादा लोगों को बचाया है.

कई भारतीयों का किया रेस्क्यू

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने जानकारी दी है कि नेपाल में फंसे 169 भारतीयों को रेस्क्यू किया जा चुका है, जबकि 275 भारतीय अब भी लापता हैं. इनमें तिब्बत क्षेत्र में लापता 49 भारतीय भी शामिल हैं. आपदा में मारे गए लोगों की पहचान के लिए भारतीय फोरेंसिक दल भी काम कर रहा है. जानकारी के मुताबिक, अब तक 1200 DNA सैंपल काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में जमा किए जा चुके हैं. उन्होंने बताया कि भारत, चीन और नेपाल में मौजूद कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं. भारत नेपाल की बुरे वक्त में उसके साथ खड़ा है. लगातार नेपाल को मदद पहुंचाई जा रही है. अब तक 7 विमानों के जरिए 95 टन राहत सामग्री नेपाल भेजी जा चुकी है.

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