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350 से ज्यादा बेकसूर लोग 4 महीने रहे कैद में; 33 साल बाद अब लड़ेंगे कानूनी कार्रवाई, जानें क्या है पूरा मामला

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1990 British Airways Flight Highjack Incident, लंदन: पुराने जख्मों को जब छेड़ दिया जाता है तो ये बहुत देते हैं, लेकिन इनका इलाज करना लाजमी हो जाता है। ऐसी एक स्थिति अब उन लोगों के लिए बन गई है, जिन्होंने आज से लगभग 33 साल पहले बिना किसी कसूर 4 महीने का लंबा वक्त कैद में गुजारा था। मामला 1991 में तत्कालीन इराकी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन द्वारा ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट को हाईजैक करने का है। उस फ्लाइट में सवार रहे यात्रियों और फ्लाइट के क्रू मेंबर्स ने अब कानूनी लड़ाई लड़कर इंसाफ हासिल करने की राह अपनाई है। पता चला है कि ये लोग अब न सिर्फ एयरलाइंस कंपनी ब्रिटिश एयरवेज के खिलाफ, बल्कि यूनाइटेड किंगडम की सरकार के खिलाफ भी मुकदमा करने वाले हैं।

  • 1991 में अमेरिका के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र सेना के हमले से बचने के लिए सद्दाम हुसैन ने ढाल के रूप में इस्तेमाल किया था ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA-149 को

  • घटना के पीड़ितों ने अब ब्रिटिश एयरवेज कंपनी और ब्रिटेन की सरकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का मन बनाया

बता देना जरूरी है कि 2 अगस्त 1990 को खाड़ी देश इराक ने पड़ोसी देश कुवैत पर हमला किया था। संयुक्त राष्ट्र संघ सुरक्षा परिषद ने इराक पर कई पाबंदियां लगाई, लेकिन जब इराके के तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन ने 15 जनवरी 1991 की डेडलाइन को अनदेखा कर दिया तो अमेरिका के नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र सेना ने इराक पर हमला कर दिया। उसी दौरान सद्दाम हुसैन ने ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट BA-149 को हाईजैक कर लिया और इसमें सवार लोगों को अपनी ढाल के रूप में इस्तेमाल किया। इसके बाद इस फ्लाइट में मौजूद 367 यात्रियों और चालक दल के कुछ सदस्यों ने चार महीने से ज्यादा का समय कैद में बिताया।

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न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक मंगलवार को एक कानूनी फर्म ने जानकारी दी कि 33 साल पुरानी प्लेन हाईजैक की घटना के पीड़ितों ने अब ब्रिटिश एयरवेज कंपनी और ब्रिटेन की सरकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का मन बनाया है। हाईजैक की गई फ्लाइट में सवार रे कर्मचारियों और यात्रियों के समूह का प्रतिनिधित्व करते हुए मैक्यू जूरी एंड पार्टनर्स ने कहा कि पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

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इनकी मानें तो यूनाइटेड किंगडम की सरकार और एयरलाइंस कंपनी को हमले के बारे में जानकारी थी, लेकिन फिर भी फ्लाइट BA-149 को उतरने की अनुमति दी गई। ऐसा करने के पीछे की वजह ‘उड़ान का इस्तेमाल कुवैत में पूर्व विशेष बलों और सुरक्षा सेवाओं की एक ब्लैक ऑप्स टीम को शामिल करने के लिए किया जाना’ रहा। बंधक रह चुके लोगों के पास इस बात के पुख्ता सबूत मौजूद हैं। उनकी मांग है कि जिम्मेदार लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।

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