जापान के पूर्वी तट पर शुक्रवार, 6 नवंबर को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.1 मापी गई. इसका केंद्र जापान के हासाकी शहर से करीब 156 किलोमीटर साउथ-ईस्ट में समुद्र के अंदर था. भूकंप की गहराई लगभग 10 किलोमीटर दर्ज की गई. झटका लोकल टाइम के मुताबिक शाम करीब 7:39 बजे आया. यह भूकंप जापान के होन्शू द्वीप के पूर्वी तट के पास कांटो इलाके में आया. इसकी खबर सामने आने के बाद लोगों में चिंता बढ़ गई. हालांकि, जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने किसी तरह की सुनामी चेतावनी जारी नहीं की. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भूकंप से किसी बड़े नुकसान या लोगों के परेशान होने की खबर नहीं मिली है. कुछ इलाकों में हल्के झटके महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई.
जापान में बार-बार क्यों आते हैं भूकंप?
जापान दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं. इसकी बड़ी वजह देश की भौगोलिक स्थिति है. जापान प्रशांत महासागर के आसपास मौजूद ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है. यहां कई बड़ी टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे से मिलती हैं और उनके बीच लगातार हलचल होती रहती है. जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे के नीचे खिसकती हैं, तो जमीन में कंपन पैदा होता है. इसी वजह से जापान में अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं.
भूकंप के बाद भी सतर्क रहने की जरूरत
6.1 तीव्रता का भूकंप काफी तेज माना जाता है. ऐसे झटकों के बाद छोटे भूकंप यानी आफ्टरशॉक भी आ सकते हैं. इसलिए लोगों को सावधान रहने और स्थानीय प्रशासन की सलाह मानने की जरूरत होती है. जापान में भूकंप से बचने के लिए मजबूत इमारतें, अलर्ट सिस्टम और सुरक्षा अभ्यास किए जाते हैं.