पराग्वे में आया सियासी 'तूफान', महाभियोग और इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति पेना गिरफ्तार, कौन बने नए प्रेसिडेंट?

पराग्वे के राष्ट्रपति पेना को इस्तीफा देते ही गिरफ्तार कर लिया गया है और अब उनके खिलाफ केस चलेगा. पेना की जगह नए राष्ट्रपति भी चुन लिए गए हैं. यूनो बैंक घोटाले के कारण पेना की कुर्सी गई है. उन पर सरकारी पैसे का दुरुपयोग करने के आरोप लगे हैं.

santiago pena | pedro alliana | paraguay

पराग्वे के राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया है. (Credit-ANI)

नेपाल, बांग्लादेश, फ्रांस, इटली आदि के बाद पराग्वे में सियासी तूफान आया है. क्योंकि राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को पद से हटा दिया गया है. उनके खिलाफ महाभियोग लाया गया, जो संसद में सर्वसम्मति से पास हुआ और फिर पेना को राष्ट्रपति पद छोड़ना पड़ा. हालांकि पेना ने महाभियोग से पहले ही इस्तीफे का ऐलान कर दिया था, लेकिन उन्हें महाभियोग के जरिए पद से हटाया गया. वहीं पद छोड़ते ही पेना को गिरफ्तार भी कर लिया गया. अब सर्वसम्मति से उपराष्ट्रपति पेड्रो अलियाना नए राष्ट्रपति बन गए हैं. पेना पर यूनो बैंक में घोटाला करने के आरोप लगे हैं. उन पर सरकारी पैसे को बैंक में जमा करने और बैंक को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने के आरोप हैं. जिसके चलते उन्हें अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी.

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संसद ने स्वीकार नहीं किया खुद से दिया इस्तीफा

बता दें कि पेना के खिलाफ शुक्रवार को महाभियोग के पक्ष में 44 मौजूदा सांसदों ने वोट दिया. इससे पहले पेना ने गुरुवार को पेना ने खुद इस्तीफा देने का ऐलान किया था, लेकिन संसद ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया. क्योंकि विपक्ष ने तर्क दिया था कि अगर पेना इस्तीफा देते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पाएगी और उन्हें पूर्व राष्ट्रपति को मिलने वाली सभी सुविधाएं और संसदीय सुरक्षा मिल जाएगी. इसलिए संसद अध्यक्ष की अनुमति से विपक्ष ने पेना के खिलाफ महाभियोग पेश किया. विपक्षी सांसद योलांडा पेरेडेस कहते हैं कि पेना को राष्ट्रपति पद से तो हटा दिया गया है, लेकिन यह काफी नहीं है. बल्कि उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए. उन्हें पद का दुरुपयोग करने की कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.

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यूनो बैंक मामले में पेना पर यह गंभीर आरोप लगे

बता दें कि पेना पर राजनीतिक ताकत का इस्तेमाल करके सरकारी पैसे को यूनो बैंक में जमा कराया. पेना ने सभी आरोपों को खारिज किया है, लेकिन जांच एजेंसियों को उनके खिलाफ सबूत मिले हैं. जांच एजेंसी ने इसी मामले में बैंक के मालिक और शेयर होल्डर मिगुएल वाजक्वेज समेत 27 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है. बैंक के 6 निदेशकों को हिरासत में भी लिया हुआ है. बैंक मालिक की 9 लग्जरी कारें, एक यॉट और छोटे विमान जब्त किए हैं. पेना यूनो बैंक की होल्डिंग कंपनी में हिस्सेदार थे, लेकिन मामले में दबाव बढ़ने पर उसे बेच दिया. उन पर केंद्रीय बैंक के प्रमुख पद पर यूनो बैंक से जुड़े शख्स को नियुक्त करने का आरोप है. सरकारी पेंशन फंड के 35.5 करोड़ डॉलर बैंक में जमा कराने का आरोप है.

यूनो बैंक में फंसी है 30 लाख लोगों की जमा पूंजी

बता दें कि जांच एजेंसियों ने यूनो बैंक पर कब्जा कर लिया, जिससे 30 लाख ग्राहकों के खाते और जमा पूंजी फंस गई है. लोग न तो पैसे निकाल पा रहे थे और न ही कार्ड से खरीदारी कर पा रहे थे. हालांकि बैंक में जमा 1 करोड़ गुआरानी यानी 1600 डॉलर तक की जमा पूंजी लौटाई जा रही है. वहीं यूनो बैंक में 37 हजार डॉलर रकम इंश्योरेंस की है.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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