Israel Iran War: अमेरिका के सीजफायर के प्रस्ताव पर कैसे बनी सहमति? यहां समझें पर्दे के पीछे की कहानी

Israel Iran Ceasefire Inside Story: इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर होने का दावा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने किया है, लेकिन ईरान के विदेश मंत्री कहते हैं कि इजरायल पहले हमले करना बंद करे। आइए जानते हैं कि आखिर सीजफायर के पीछे की कहानी क्या है?

Israel Iran War | Israel Iran Ceasefire | Donald Trump

इजराइल के प्रधानमंत्री और ईरान के सर्वोच्च नेता (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)

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Israel Iran Ceasefire Proposal Inside Story: इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर हो गया है, ऐसा दावा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने किया है। हालांकि इजरायल और ईरान ने युद्धविराम पर औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन ट्रंप ने दावा है कि दोनों देशों के पास 24 घंटे का समय है। पहले 12 घंटे के लिए ईरान सीजफायर करेगा और अगले 12 घंटे के लिए इजरायल सीजफायर करेगा। इसके बाद दोनों देशों के बीच हमेशा के लिए युद्धविराम हो जाएगा। उधर, ईरान के विदेश मंत्री सीजफायर के मुद्दे को लेकर अलग ही दावा कर रहे हैं। उनका कहना है कि पहले इजरायल हमले करना बंद करे, उसके बाद ईरान भी पीछे हट जाएगा। ईरान को सीजफायर का कोई प्रस्ताव नहीं मिला है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि इजरायल युद्धविराम के लिए राजी है। कतर ईरान को भी किसी तरह युद्धविराम के लिए मना ले।

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अमेरिका की कतर से मध्यस्थता की अपील

चर्चा है कि अमेरिका की अपील पर कतर के प्रधानमंत्री ईरान के अधिकारियों से फोन पर बात की और युद्धविराम के लिए राजी किया। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट लिखकर इजरायल और ईरान में युद्धविराम होने की बात दुनिया को बात दी, लेकिन यहां सवाल यह उठ रहा है कि इजरायल और ईरान के बीच 12 जून की सुबह जंग छिड़ी थी। इजरायल ने ईरान पर हमला किया था। आए दिन इजरायल और ईरान ने एक दूसरे पर हवाई हमले किए। दिन बीतने के साथ-साथ जंग विनाशकारी होती जा रही थी। इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों को ध्वस्त करना चाहता है। 10वें दिन जंग में अमेरिका कूद गया और ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी की तो अब अचानक से सीजफायर पर सहमति कैसे बन गई?

क्यों निभाई कतर ने बिचौलिए की भूमिका?

चर्चा है कि कतर ने इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर के लिए बिचौलिए की भूमिका निभाई। कतर ने मध्यस्थता इसलिए कि क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपील की थी। दरअसल, परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के हमले के बाद ईरान ने इजरायल पर ताबड़तोड़ हमले किए। बीते दिन ईरान ने मध्य पूर्व के 4 देशों कतर, बहरीन, कुवैत, इराक में अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। हमले को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से ईरान से बात करने की अपील की और कहा कि इजरायल युद्धविराम के लिए तैयार है। आप ईरान को सीजफायर के लिए मना लें। इसके बाद कतर के प्रधानमंत्री ने ईरान के अधिकारियों से फोन पर बात की और सीजफायर के लिए मना लिया। कतर की मध्यस्थता की कोशिश सफल होने का और इजरायल-ईरान में सीजफायर होने का दावा करते हुए ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रूथ सोशल पर पोस्ट लिख दी।

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