मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में छठे जहाज को निशाना बनाया गया है. अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद से ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का ऐलान किया था. बता दें, शनिवार को अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई थी. इसके जवाब में ईरान ने मिडिल ईस्ट के देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया, साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया.
होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए ग्लोबल ऑयल एंड गैस का करीब पांचवां हिस्सा सप्लाई होता है. रविवार को ईरान ने ऐलान किया कि कोई भी जहाज अब होर्मुज जलडमरूमध्य से नहीं गुजरेगा. जब ग्लोबल शिपिंग कंपनियों ने इस रास्ते के जरिए अपने जहाज के गुजरने पर रोक लगा दी, तब ओमान के पास इस रास्ते से पलाऊ-ध्वज वाला एक तेल टैंकर को दोपहर के समय गुजर रहा था. तभी ईरान की मिसाइलों ने इस पर हमला कर दिया.
🚨 Meanwhile in the Strait of Hormuz
— طويلين بال ❤️🏆2026☝️🥇 (@A_avip) March 2, 2026
Another oil tanker has been hit, as smoke bellows out of it, against the backdrop of a no smoking sign.
Omani oil tanker (Fayoum) pic.twitter.com/8Ugq8Hshh8
इस हमले का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें जहाज से धुएं का गुबार निकलते हुए दिख रहा है. वहीं, जहाज के डेक पर मौजूद क्रू मेंबर चीखते हुए सुनाई दे रहे हैं.
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने सोमवार को बताया कि दो और जहाजों पर हमला किया गया. एक टैंकर पर ओमान के मस्कट के पास और दूसरे टैंकर पर यूएई के मीना सकर के पास मिसाइलें दागी गईं.
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अमेरिकी ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के मैरीटाइम एडमिनिस्ट्रेशन ने शनिवार को एक नोट जारी कर जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी से दूर रहने की सलाह दी गई है. साथ ही अमेरिकी कमर्शियल जहाजों को अमेरिकी सैन्य जहाजों से 30 समुद्री मील की दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई थी, ताकि गलती से कमर्शियल जहाजों को कोई नुकसान ना पहुंचे.
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होर्मुज जलडमरूमध्य, ईरान और ओमान के मुसैंडम एन्क्लेव के बीच स्थित है. जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक तेल संकट की चिंता पैदा हो गई है. तेल की कीमतें पहले ही बढ़ चुकी हैं.










