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ईरान-US शांति वार्ता फेल होने पर भी किस बात का क्रेडिट ले रहा पाकिस्तान? विदेश मंत्री इशाक डार ने जताई सीजफायर जारी रखने की उम्मीद

US Iran War Ceasefire Islamabad Talk: पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इस्लामाबाद में हुई ईरान-अमेरिका वार्ता को लेकर अमेरिका का आभार जताया है. उन्होंने कहा कि इस बातचीत से क्षेत्र में शांति और सीजफायर की उम्मीद बढ़ी है.

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Written By: Varsha Sikri Updated: Apr 12, 2026 11:56
Pakistan’s Ishaq Dar Thanks US for Iran Peace Talks
Credit: News24

ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में हुई शांति वार्ता में पाकिस्तान ने भले ही मध्यस्थ की भूमिका निभाई, लेकिन फिर भी इसका कोई नतीजा नहीं निकला और ये पूरी तरह फेल हो गई. दोनों देशों में किसी तरह का कोई समझौता नहीं हुआ, लेकिन फिर भी पाकिस्तान ना जाने किस बात पर इतरा रहा है. पाकिस्तान अभी भी खुद को क्रेडिट देने से बाज नहीं आ रहा. पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने इस्लामाबाद में हुई अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर दोनों देशों के प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया है.

क्या बोले पाक विदेश मंत्री?

दोनों देशों की शांति वार्ता के बाद इशाक डार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि पाकिस्तान इसकी मेजबानी करके बेहद सम्मानित महसूस कर रहा है. उन्होंने ईरान और अमेरिका का शुक्रिया अदा किया और कहा कि पाकिस्तान हमेशा से क्षेत्रीय शांति और स्थिरता का समर्थक रहा है. उन्होंने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू होना ही एक बड़ा कदम है, ये पूरी दुनिया के लिए अच्छा संकेत है. विदेश मंत्री ने कहा कि संवाद ही किसी भी विवाद का सबसे बेहतर समाधान होता है.

आसिम मुनीर का किया गुणगान

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अमेरिका और ईरान भविष्य में भी सीजफायर पर कायम रहेंगे. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी तरफ से दोनों देशों के बीच शांति समझौता करवाने की कोशिशों को जारी रखेगा. विदेश मंत्री ने पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर का भी गुणगान किया. उन्होंने कहा कि शांति वार्ता में आसिम मुनीर ने खास रोल निभाया. डार ने कहा कि मुनीर ने सीजफायर के लिए भी कई वार्ताओं में मदद की. दरअसल, इस्लामाबाद में आयोजित इस वार्ता में अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को कम करने पर चर्चा हुई, लेकिन बात नहीं बन पाई. दोनों देशों के बीच हाल के महीनों में तनाव काफी बढ़ गया था, जिसके चलते पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता का माहौल बन गया था. ऐसे में पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दोनों पक्षों को एक मंच पर लाने की कोशिश की.

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First published on: Apr 12, 2026 11:39 AM

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