मिट्टी के ढेरों से परमाणु ठिकानों की किलेबंदी, सैटेलाइट तस्वीरें देख टेंशन में अमेरिका, कैसी है ईरान की तैयारी?

US Iran Tension: अमेरिका में ईरान में अपने टारगेट फाइनल कर लिए हैं और ईरान ने भी अपने परमाणु ठिकानों की किलेबंदी भी कर ली है, जिसकी सैटेलाइट तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि इस बार अमेरिका के लिए ईरान की किलेबंदी को भेदना आसान नहीं होगा.

US Iran Tension

अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकाने तबाह करने की ठानी है.

विज्ञापन

Iran Preparations For US Attack: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है और अमेरिका कभी भी ईरान पर हमला कर सकता है. अमेरिका ने अपने अटैक टारगेट भी फाइनल कर लिए हैं, जिनमें सबसे बड़ा टारगेट ईरान के परमाणु ठिकाने हैं, लेकिन सैटेलाइट फोटो सामने आए हैं, जिनके अनुसार ईरान ने इस बार अपने परमाणु ठिकानों की किलेबंदी की हुई है, जिसे भेदना अमेरिका के लिए आसान नहीं होगा यानी ईरान इस बार अमेरिका के हमले के लिए पूरी तरह से तैयार है.

यह भी पढ़ें: US Iran Tension: अमेरिका-ईरान संघर्ष में रूस की एंट्री? तेहरान से स्पेशल फ्लाइट पहुंची मॉस्को, पहले से मौजूद हैं UAE के राष्ट्रपति

विज्ञापन

परमाणु ठिकानों के पास ड्रोन और सेना तैनात

सैटेलाइट तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि ईरान अपने परमाणु ठिकानों को सुरक्षित कर रहा है और इनके आस-पास करीब 1000 ड्रोन तैनात कर चुका है. टैंकों और फाइटर जेट के साथ सेना भी तैनात है. तस्वीरें ईरान के फोर्डो और नतांज परमाणु ठिकानों की है, जिनके चारों को मिट्टी के ढेरों से किलेबंदी की गई है. ठिकानों की छतें भी मिट्टी और मलबे से बनाई गई है, यानी ईरान ने अपने यूरेनियम स्टॉक को मिट्टी के नीचे गहराई में दबा दिया है, जिसे अमेरिका इस बार शायद भेद न पाए.

अमेरिका पर परमाणु हमला कर सकता ईरान

बता दें कि जून 2025 में जब ईरान और इजरायल की जंग छिड़ी थी, उस समय भी 12 जून को अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी. तब अमेरिका ने ईरान के फोर्डो और नतांज परमाणु ठिकानों को तबाह किया था. वहीं उस समय अमेरिका ने अचानक हमला किया था, लेकिन इस बार अमेरिका पहले से हमला करने की जानकारी दे चुका है, ऐसे में ईरान भी जवाबी हमले की तैयारी कर चुका है और जिस तरह से ईरान जवाबी कार्रवाई की धमकी दे रहा है तो हो सकता है कि वह परमाणु हथियारों से हमला करे, क्योंकि आज तक यह क्लीयर नहीं हुआ है कि ईरान के पास परमाणु हथियार हैं या नहीं.

विज्ञापन

ईरान से आखिर क्या चाहता है अमेरिका?

बता दें कि अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने यूरेनियम प्रोसेसिंग प्रोग्राम को बिल्कुल बंद कर दे. बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रोग्राम पर भी रोक लगा दे. हमास, हिज़्बुल्लाह तथा हूती जैसे चरमपंथी संगठनों को समर्थन देना बंद कर दे. विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान इस समय बुरे हालातों से गुजर रहा है. ऐसे में अगर अमेरिका दबाव डालता रहा और ईरान पर हमला करता है तो नुकसान उठाना पड़ सकता है.

क्योंकि सभी जानते हैं कि ईरान के पास परमाणु हथियार बनाने की टेक्नोलॉजी है और अगर उसने परमाणु हथियार बना भी लिए तो भी, उसे अभी तक इसका इस्तेमाल किसी के खिलाफ नहीं किया है. ऐसे में अमेरिका का हमला यह साबित कर देगा कि संयम बरतना और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने से भी सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती.

विज्ञापन

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ