जॉर्डन बेस पर हमला कर ईरान ने पहुंचाया 8 US फाइटर जेट्स को नुकसान, रातभर दागी थीं मिसाइलें
जॉर्डन में अमेरिकी एयरबेस पर ईरान के मिसाइल हमले में कई अमेरिकी लड़ाकू विमान क्षतिग्रस्त होने की खबर है. एक A-10 थंडरबोल्ट का पंख अलग हो गया, जबकि करीब आठ F-15 विमानों को भी नुकसान पहुंचा है.
Edited By : Versha Singh|Updated: Sep 10, 2026 10:21
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जॉर्डन में स्थित अमेरिकी एयरबेस पर ईरान ने मिसाइल हमले किए. इस दौरान कई अमेरिकी लड़ाकू विमानों को नुकसान पहुंचा है. Instagram (@analyzeeducate)
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ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव अब मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. जॉर्डन में स्थित एक प्रमुख अमेरिकी एयरबेस पर ईरान के मिसाइल हमले के दौरान कई अमेरिकी लड़ाकू विमानों के क्षतिग्रस्त होने की खबर सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में एक A-10 थंडरबोल्ट विमान का एक पंख तक अलग हो गया, जबकि करीब आठ F-15 लड़ाकू विमानों को भी नुकसान पहुंचा है.
CBS रिपोर्टर जेनिफर जैकब्स ने X पर एक पोस्ट में कहा कि मुवाफक साल्टी एयर बेस पर ईरानी हमले के दौरान, ‘वार्थोग’ के नाम से मशहूर एक A-10 थंडरबोल्ट का एक विंग (पंख) टूट गया, जबकि लगभग आठ F-15s को मामूली नुकसान पहुंचा और उन्हें बाद में फिर से सर्विस में लगा दिया गया.
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News: Multiple American military aircraft suffered damage in strikes overnight on Muwaffaq Salti Air Base in Jordan, sources told @JimLaPorta and me. One A-10 Thunderbolt, known as the Warthog, was struck and left with a missing wing. Roughly eight F-15s sustained light damage…
मिली जानकारी के अनुसार, यह हमला जॉर्डन के मुबाक्क सलती एयर बेस पर हुआ, जिसे अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के लिए महत्वपूर्ण एयरपावर हब के तौर पर इस्तेमाल करता है.
CBS की रिपोर्ट के अनुसार, हमले में A-10 थंडरबोल्ट, जिसे ‘वॉरथॉग’ के नाम से भी जाना जाता है, गंभीर रूप से प्रभावित हुआ. वहीं, लगभग आठ F-15 विमानों को अपेक्षाकृत कम नुकसान पहुंचा और उन्हें बाद में फिर से सेवा में लगाया गया.
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रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी हमले से बचाव के लिए जॉर्डन में तैनात अमेरिकी बलों ने 30 से ज्यादा पैट्रियट मिसाइलें दागीं. जॉर्डन की सेना ने भी बताया कि ईरान की ओर से कुल 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं. इनमें से 18 को उसकी वायु रक्षा प्रणाली (Air defense system) ने हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि दो मिसाइलें आबादी से दूर खुले इलाकों में गिरीं. जॉर्डन के मुताबिक इस हमले में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
ईरान ने किया ये दावा
सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी अल-अजराक सैन्य अड्डे को निशाना बनाने का दावा किया है. गार्ड्स ने इसे अपने अभियान का हिस्सा बताते हुए बेस पर बड़े पैमाने पर मिसाइलें दागने की बात कही.
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इसके अलावा ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की कोशिश कर रहे एक दर्जन से अधिक जहाजों को भी निशाना बनाने का दावा किया है. तेहरान ने रणनीतिक समुद्री मार्ग के आस-पास प्रतिबंधित क्षेत्र का दायरा और बढ़ाने की घोषणा की है. ईरान लंबे समय से इस जलमार्ग पर आवाजाही को रोकने की कोशिश कर रहा है.
जॉर्डन की सेना ने हमले के बाद बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों का पता लगाकर उन्हें रोकने की कार्रवाई की. सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, कुल 20 बैलिस्टिक मिसाइलें ट्रैक की गईं, जिनमें से 18 को हवा में ही नष्ट कर दिया गया. बाकी दो मिसाइलें आबादी वाले इलाकों से दूर सुनसान क्षेत्रों में जाकर गिरीं. सेना ने कहा कि इस हमले से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं है.
ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए रखीं ये शर्तें
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा है कि अगर अमेरिका उसकी कुछ प्रमुख मांगें मान लेता है तो युद्ध को खत्म किया जा सकता है. ईरानी पक्ष की शर्तों में लेबनान और यमन में जारी संघर्ष से जुड़े मुद्दे भी शामिल हैं. फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, गार्ड्स के कमांडर मोहेबी ने कहा कि अमेरिका को ईरान को दोबारा धमकी देने से बचना चाहिए. इसके साथ ही लेबनान से इजरायली सैनिकों की वापसी, यमन की नाकाबंदी खत्म करने और ईरान की करीब 24 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्ति जारी करने की मांग की गई है. ईरान ने यह भी कहा है कि उसकी परमाणु और मिसाइल क्षमता में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए.