'ईरान को झुकाना आसान नहीं, 2029 तक खिंच सकती है जंग'… करीबियों ने ट्रंप को चेताया

अमेरिका-ईरान युद्ध के जल्द खत्म होने के ट्रंप के दावों के बीच उनके वरिष्ठ सलाहकारों ने संघर्ष के 2029 तक खिंचने की आशंका जताई है. लंबी लड़ाई से अमेरिकी सैन्य संसाधनों, तेल बाजार और ट्रंप की घरेलू राजनीति पर दबाव बढ़ सकता है.

donald trump

अमेरिकी सरकार पर एक ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा का बोझ पड़ सकता है. (Photo: ANI)

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अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के जल्द खत्म होने के दावों के बीच अब व्हाइट हाउस के भीतर ही युद्ध के लंबा खिंचने को लेकर चिंता सामने आई है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकारों ने निजी बातचीत में उन्हें आगाह किया है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध उनके मौजूदा कार्यकाल के आखिरी दौर तक भी जारी रह सकता है. बता दें कि ट्रंप बार-बार सार्वजनिक रूप से यह बयान दे रहे हैं कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष जल्द ही खत्म हो जाएगा, लेकिन ताजा आकलन ट्रंप के दावों से बिल्कुल अलग है.

रिपोर्ट के अनुसार, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ओवल ऑफिस और सिचुएशन रूम में हुई बातचीत में युद्ध के संभावित लंबे खिंचाव पर चर्चा की गई. अधिकारियों का मानना है कि आर्थिक दबाव, प्रतिबंध और समुद्री नाकेबंदी के बावजूद ईरान अमेरिकी दबाव के सामने आसानी से झुकने वाला नहीं है. ऐसे में संघर्ष जनवरी 2029 में ट्रंप के मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति तक भी जारी रह सकता है.

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ट्रंप को युद्ध खत्म होने की उम्मीद

हालांकि, ट्रंप ने हाल ही में दावा किया था कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिड टर्म चुनाव के ठीक बाद ईरान के साथ युद्ध खत्म हो जाएगा. उन्होंने कहा था कि तेहरान ज्यादा समय तक इस संघर्ष को जारी रखने की स्थिति में नहीं है. उन्होंने ईरान पर अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया है. ट्रंप ने कहा, ‘हम ईरान के साथ बातचीत नहीं करना चाहते. बातचीत हो सकती है, लेकिन हम अभी ऐसा कुछ नहीं सोच रहे हैं. यह युद्ध हमारे चुनाव के ठीक बाद खत्म हो जाएगा.’

होर्मुज के पास ईरान-अमेरिका में बढ़ा तनाव

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब और बढ़ गया है. दोनों देशों की ओर से समुद्र में जहाजों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आई हैं. ईरान का दावा है कि अमेरिका ने उसके पांच तेल टैंकरों को तबाह किया, जिसके जवाब में ईरानी सेना ने 10 जहाजों पर हमला किया. इन हमलों में एक नाविक की मौत होने की खबर है, जबकि एक अन्य नाविक अभी लापता बताया जा रहा है.

ईरान ने यह भी दावा किया कि उसने जॉर्डन स्थित एक अमेरिकी सैन्य ठिकाने को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया. हालांकि, जॉर्डन ने कहा कि उसकी सेना ने 18 मिसाइलों को रास्ते में ही रोक दिया. वहीं, एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, इस हमले में सभी अमेरिकी सैनिक सुरक्षित हैं.

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दूसरी ओर, अमेरिका ने कहा है कि उसने ईरानी तेल टैंकरों पर कार्रवाई इसलिए की, क्योंकि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को निशाना बनाने की कोशिश की थी.

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने ईरान को साफ चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी नौसेना के जहाजों पर हमले जारी रहे तो ईरानी तेल टैंकरों के खिलाफ भी आगे कार्रवाई की जाएगी.

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होर्मुज टेंशन से बढ़ी तेल की कीमत, कच्चा तेल 100 डॉलर के पार

ईरान और अमेरिका के बीच दोबारा शुरू हुई जंग का सीधा असर वैश्विक तेल कारोबार पर दिखाई देने लगा है. होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री आवाजाही प्रभावित होने से कच्चे तेल की सप्लाई में बड़ी गिरावट आई है. यह रास्ता दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि युद्ध शुरू होने से पहले वैश्विक तेल आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता था.

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रिस्टैड एनर्जी के मुख्य अर्थशास्त्री क्लाउडियो गैलिम्बर्टी के मुताबिक, 30 अगस्त को संघर्ष फिर भड़कने से पहले होर्मुज से हर दिन करीब 80 से 90 लाख बैरल तेल गुजर रहा था. अब यह मात्रा घटकर लगभग 20 लाख बैरल प्रतिदिन रह गई है. यानी कुछ ही समय में तेल की आवाजाही में भारी कमी आई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है.

इसका असर तेल की कीमतों पर भी साफ नजर आया. बुधवार को ब्रेंट क्रूड का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया. अमेरिका में भी ईंधन बाजार पर दबाव बढ़ा और डीजल की औसत कीमत बढ़कर 5.94 डॉलर प्रति गैलन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

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वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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