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‘गल्फ का कोई पोर्ट नहीं रहेगा सेफ…’, US की नाकेबंदी से पहले ईरान की बड़ी चेतावनी

Iran America Tension: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ बड़ा कदम उठाते हुए उसके खाड़ी क्षेत्र के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी शुरू कर दी है. ईरान ने इसके खिलाफ चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगर उसके अपने बंदरगाहों को खतरा होता है तो फारस की खाड़ी या ओमान सागर में कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा.

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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अब एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है. अमेरिका ने ईरान के खाड़ी इलाके के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी (Naval Blockade) लागू करने का ऐलान कर दिया है. अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों में एंट्री करने या बाहर निकलने वाले जहाजों को रोकने की घोषणा की है. ये कदम सीजफायर वार्ता के फेल होने के बाद तेहरान पर दबाव बढ़ाने के मकसद से उठाया गया है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके अपने बंदरगाहों को खतरा होता है तो फारस की खाड़ी या ओमान सागर में कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा.

ये भी पढ़ें: क्या 5 साल तक चलेगा अमेरिका-ईरान के बीच युद्ध? इस्लामाबाद बैठक के बाद ईरान का बड़ा बयान

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ईरान ने क्या कहा?

ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा साझा होनी चाहिए. उन्होंने ऐलान किया कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर में सुरक्षा या तो सभी के लिए है या किसी के लिए नहीं और क्षेत्र का कोई भी बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा. इस ऐलान से क्षेत्र में समुद्री आवागमन पहले ही बाधित हो चुका है. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही, जो युद्धविराम के बाद आंशिक रूप से फिर से शुरू हुआ था, काफी धीमा हो गया है. युद्धविराम के बाद से करीब 40 कमर्शियल जहाज ही गुजर रहे हैं, जबकि युद्ध से पहले रोजाना 100-135 जहाज गुजरते थे.

वार्ता फेल होने के बाद बढ़ा खतरा?

ये कदम पाकिस्तान में हुई अमेरिका-ईरान की उच्चस्तरीय वार्ता के बाद उठाया गया है, जो बिना किसी समझौते के खत्म हो गई. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी प्रतिबद्धताओं समेत अमेरिकी शर्तों को मानने से इनकार कर दिया, जिसके बाद वार्ता रुक गई. ईरान ने बदले में अमेरिकी-इजरायली हमलों से हुए नुकसान के लिए मुआवजे और अपनी जब्त संपत्तियों की रिहाई की मांग की. ईरानी अधिकारियों ने जवाबी कार्रवाई की कड़ी चेतावनी जारी की. संसद अध्यक्ष मोहम्मद गालिबाफ ने कहा-‘अगर आप लड़ेंगे, तो हम लड़ेंगे’ जबकि रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के कंट्रोल में है और गैर-सैन्य जहाजों के लिए खुला है, लेकिन चेतावनी दी कि मिलिट्री जहाजों को जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

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ये भी पढ़ें: ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ेगी सीजफायर की अवधि? राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने रखी नई शर्त

First published on: Apr 13, 2026 05:15 PM

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About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। इससे पहले वर्षा आज तक, ज़ी न्यूज, रिपब्लिक, इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर चुकी हैं। वर्षा ने बतौर रिपोर्टर और एंकर भी काम किया है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। इससे पहले वर्षा आज तक, ज़ी न्यूज, रिपब्लिक, इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर चुकी हैं। वर्षा ने बतौर रिपोर्टर और एंकर भी काम किया है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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