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दुनिया

‘युद्ध की तैयारी में भारत’, पाकिस्तानी राष्ट्रपति जरदारी को सता रहा हमले का डर, फिर दी गीदड़भभकी

आसिफ अली जरदारी ने पिछले साल के 'मार्का-ए-हक' का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने भारत की आक्रामकता को रणनीतिक जीत में बदल दिया था, और अब भी देश पूरी तरह तैयार है.

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Edited By : Akarsh Shukla Updated: Mar 2, 2026 22:50

दुनिया में इन दिनों कई देश युद्ध की आग में झुलस रहे हैं. बीते चार वर्षों से रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के बाद पाकिस्तान-अफगानिस्तान और अब ईरान-इजलायल युद्ध वैश्विक शांति के लिए खतरा बना हुआ है. इस बीच पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने सोमवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत एक और युद्ध की तैयारी में जुटा हुआ है.

पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने दी गीदड़भभकी


आसिफ अली जरदारी ने भारतीय नेताओं के उन बयानों का जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर युद्ध की तैयारियों की बात कही गई है. जरदारी ने कहा कि क्षेत्रीय शांति के आजीवन समर्थक के तौर पर वे युद्ध के इस रास्ते की सिफारिश नहीं करेंगे, लेकिन साथ ही उन्होंने गीदड़भभकी दी कि अगर कोई आक्रामकता दिखाई तो भारत को एक और अपमानजनक हार के लिए तैयार रहना चाहिए. जरदारी का यह बयान ऐसे समय आया है जब दक्षिण एशिया में सुरक्षा स्थिति पहले से ही तनावपूर्ण बनी हुई है.

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यह भी पढ़ें: ‘इजरायल के साथ खड़े होने के लिए शुक्रिया…’, बेंजामिन नेतन्याहू ने PM मोदी को बताया ‘ग्रेट फ्रेंड’

‘पाकिस्तान जिम्मेदार परमाणु राज्य’


पाकिस्तान खुद इस समय अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से सीमा विवाद में उलझा हुआ है. ऐसे में पाकिस्तान का राष्ट्रपति की ये गीदड़भभकी किसी हास्यास्पद बयान से कम नहीं है. जरदारी ने कहा, ‘मेरा संदेश भारत के लिए है कि वह युद्ध के माहौल से बाहर आए और सार्थक बातचीत की मेज पर बैठे, क्योंकि यही क्षेत्रीय शांति और स्थिरता का एकमात्र रास्ता है.’ जरदारी ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान जिम्मेदार परमाणु राज्य है, जो हमेशा संवाद के पक्ष में रहा है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर निर्णायक रूप से अपना बचाव करेगा.

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दोहा समझौते का उल्लंघन करने का आरोप


उन्होंने पिछले साल के ‘मार्का-ए-हक’ का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान ने भारत की आक्रामकता को रणनीतिक जीत में बदल दिया था, और अब भी देश पूरी तरह तैयार है. भाषण में अफगानिस्तान को लेकर भी कड़ी टिप्पणी की गई. राष्ट्रपति ने कहा कि पाकिस्तान की सहनशीलता की सीमा अब समाप्त हो चुकी है. उन्होंने अफगान नेतृत्व पर दोहा समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया और दावा किया कि अफगान धरती से तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी), बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) और अन्य आतंकी संगठनों को पनाह मिल रही है.

First published on: Mar 02, 2026 10:50 PM

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