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क्या है भारत-न्यूजीलैंड में FTA? देश में आएंगे 20 अरब डॉलर, निर्यातकों को मिलेगी राहत

US-ईरान जंग के तनाव के बीच भारत ने चला बड़ा दांव! कल न्यूजीलैंड के साथ होने वाले ऐतिहासिक FTA समझौते से देश में आएगा 20 अरब डॉलर का निवेश. जानिए कैसे यह डील भारतीय निर्यातकों की किस्मत बदलेगी और किन सेक्टर्स को होगा सबसे ज्यादा फायदा.

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दुनिया के एक हिस्से में जहां अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं और ग्लोबल टेंशन चरम पर है, वहीं भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ खेल दिया है. भारत और न्यूजीलैंड के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर कल यानी सोमवार (27 अप्रैल) को आधिकारिक मुहर लगने जा रही है. इस समझौते से न केवल दोनों देशों के बीच व्यापार दोगुना होगा, बल्कि भारतीय निर्यातकों के लिए भी यह बड़ी राहत लेकर आएगा, जो वर्तमान में मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण परेशान हैं.

20 अरब डॉलर के निवेश का रास्ता साफ

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार मंत्री टॉड मैक्ले इस ऐतिहासिक डील पर साइन करेंगे. रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते के जरिए अगले 15 सालों में भारत में 20 अरब डॉलर (करीब 1.6 लाख करोड़ रुपये) का भारी-भरकम विदेशी निवेश आने की उम्मीद है.

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आम आदमी और कारोबारियों को क्या मिलेगा?

इस समझौते के तहत भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड के बाजार में ‘ड्यूटी-फ्री’ यानी बिना किसी सीमा शुल्क के एंट्री मिलेगी. इसके फायदों को देखा जाए तो भारतीय पेशेवरों के लिए न्यूजीलैंड में अस्थायी वर्किंग वीजा पाना आसान होगा. भारत की दवाओं, मेडिकल उपकरणों और चमड़ा उत्पादों के एक्सपोर्ट को बड़ा बूस्ट मिलेगा. पीयूष गोयल के मुताबिक, इस डील से विशेषकर आगरा के चमड़ा निर्यातकों के लिए विदेशी बाजार के दरवाजे खुल जाएंगे.

घरेलू किसानों के हितों का रखा गया ध्यान

भारत ने इस डील में बहुत चतुराई से काम लिया है. जहां एक ओर न्यूजीलैंड की वाइन, ऊन, कोयला और एवोकाडो जैसे करीब 95% उत्पादों पर टैरिफ कम किया जाएगा, वहीं भारत ने अपने डेयरी और कृषि क्षेत्र को इससे बाहर रखा है. इससे भारत के डेयरी किसानों और सब्जी उत्पादकों के हितों पर कोई आंच नहीं आएगी.

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निर्यातकों के लिए ‘संजीवनी’ है यह डील

अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी हलचल की वजह से भारतीय एक्सपोर्टर्स को काफी नुकसान हो रहा था. ऐसे संकट के समय में न्यूजीलैंड के साथ यह समझौता ओशिनिया क्षेत्र में भारत की पकड़ मजबूत करेगा. दोनों देशों ने अगले 5 वर्षों में आपसी व्यापार को 5 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है.

First published on: Apr 26, 2026 05:22 PM

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Vijay Jain

सीनियर न्यूज एडिटर विजय जैन को पत्रकारिता में 23 साल से अधिक का अनुभव है.  न्यूज 24 से पहले विजय दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में अलग-अलग जगहों पर रिपोर्टिंग और टीम लीड कर चुके हैं, हर बीट की गहरी समझ है। खासकर शहर राज्यों की खबरें, देश विदेश, यूटिलिटी और राजनीति के साथ करेंट अफेयर्स और मनोरंजन बीट पर मजबूत पकड़ है. नोएडा के अलावा दिल्ली, गाजियाबाद, गोरखपुर, जयपुर, चंडीगढ़, पंचकूला, पटियाला और जालंधर में काम कर चुके हैं इसलिए वहां के कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत आदि की समझ रखते हैं. प्रिंट के कार्यकाल के दौरान इन्हें कई मीडिया अवार्ड और डिजिटल मीडिया में दो नेशनल अवार्ड भी मिले हैं. शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Vijay.kumar@bagconvergence.in

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