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भारत-यूरोप डील से डरे हुए हैं पाकिस्तान और बांग्लादेश, जानिए क्यों दुखी हैं मुस्लिम देश?

India-EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ के बीच होने वाला मुक्त व्यापार समझौता (FTA) भारत के लिए फायदेमंद माना जा रहा है, लेकिन पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों को इससे आर्थिक नुकसान का डर सताने लगा है.

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भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच होने जा रहे मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर दुनियाभर में चर्चा है. ये समझौता दक्षिण एशिया की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है. इस डील को भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है, लेकिन पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे मुस्लिम देशों में इसे लेकर चिंता का माहौल है. इस समझौते के बाद भारत के कई उत्पाद यूरोपीय बाजार में कम या बिना टैक्स के बिक सकेंगे. इससे भारतीय कंपनियों को सीधा फायदा मिलेगा और उनका निर्यात तेजी से बढ़ेगा. खासकर कपड़ा, गारमेंट, दवाईयां, चमड़ा, आईटी और ऑटो सेक्टर को मजबूती मिलने की उम्मीद है.

ये भी पढ़ें: मर्सिडीज से लेकर वाइन तक सब होगा सस्ता! जानिए, भारत-EU ट्रेड डील का आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर

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बांग्लादेश को क्यों है डर?

बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा आधार रेडीमेड गारमेंट उद्योग है. बांग्लादेश लंबे समय से यूरोपीय देशों को सस्ते कपड़े निर्यात करता रहा है. लेकिन ट्रेड डील के बाद भारत भी उसी बाजार में सस्ते और बेहतर कपड़े भेज सकेगा. भारत के पास कपास उत्पादन से लेकर तैयार कपड़े तक की पूरी सप्लाई चेन मौजूद है. इससे भारतीय उत्पादों की लागत कम होती है और डिलीवरी भी तेज होती है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बांग्लादेश के गारमेंट निर्यात में भारी गिरावट आ सकती है और वहां लाखों नौकरियों पर खतरा पैदा हो सकता है.

पाकिस्तान की परेशानी क्या है?

पाकिस्तान भी यूरोपीय बाजार में अपने टेक्सटाइल और कपड़ा उत्पादों पर काफी निर्भर है. अभी उसे कुछ खास व्यापार सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन भारत-EU डील के बाद इंडियन कंपनियों से सीधा मुकाबला शुरू हो जाएगा. पाकिस्तानी व्यापार संगठनों का कहना है कि इससे उनके निर्यात, विदेशी कमाई और रोजगार पर बुरा असर पड़ सकता है. पाकिस्तान पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा है. ऐसे में ये डील उसके लिए और मुश्किल बढ़ा सकती है.

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भारत को क्या मिलेगा फायदा?

भारत सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक निर्यात को 100 अरब डॉलर से ज्यादा तक ले जाना है. यूरोपीय संघ के साथ समझौता होने से भारत को बड़ा बाजार, विदेशी निवेश और नए रोजगार मिलने की उम्मीद है. कुल मिलाकर भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता भारत के लिए आर्थिक मजबूती का रास्ता खोल सकता है, लेकिन यही डील पाकिस्तान और बांग्लादेश के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभर रही है. आने वाले समय में इसका असर पूरे दक्षिण एशिया की व्यापारिक तस्वीर बदल सकता है.

ये भी पढ़ें: ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ के बाद भारत को एक और तोहफा? अमेरिका से प्रस्तावित व्यापार समझौता पर लग सकती है मुहर

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First published on: Jan 30, 2026 01:35 PM

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About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। इससे पहले वर्षा आज तक, ज़ी न्यूज, रिपब्लिक, इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर चुकी हैं। वर्षा ने बतौर रिपोर्टर और एंकर भी काम किया है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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वर्षा सिकरी एक अनुभवी पत्रकार हैं जो पिछले 9 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हैं। वर्तमान में वर्षा News24 में सीनियर सब एडिटर की भूमिका निभा रही हैं। यहां ये नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि खबरें करती हैं। इससे पहले वर्षा आज तक, ज़ी न्यूज, रिपब्लिक, इंडिया टीवी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर चुकी हैं। वर्षा ने बतौर रिपोर्टर और एंकर भी काम किया है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ वर्षा को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग खबरों का भी बखूबी अनुभव है। खबरों के अलावा वर्षा कहानियां और कविताएं लिखने का भी शौक रखती हैं।

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