मुस्लिम देशों के लिए गले की हड्डी बनी ट्रंप की नई शर्त, पाकिस्तानी मंत्री ने सिरे से किया खारिज
Donald Trump Abraham Accord: डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 'नो डील या ग्रेट डील' की शर्त रखकर मुस्लिम देशों को बड़ी मुसीबत में डाल दिया है. ट्रंप चाहते हैं कि मुस्लिम देश अब्राहम अकॉर्ड पर दस्तखत कर इजरायल को मान्यता दें. इस शर्त ने पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है और रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है.
Edited By : Vijay Jain|Updated: May 26, 2026 08:01
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Donald Trump Abraham Accord: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ ‘नो डील’ या ‘Great Deal’ (बड़ी डील) की एक नई शर्त रखकर पूरी मुस्लिम दुनिया के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है. ट्रंप चाहते हैं कि ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव व युद्ध की स्थिति को खत्म करने के लिए ईरान के सहयोगी मुस्लिम देश ‘अब्राहम अकॉर्ड’ (पर दस्तखत करें और इजरायल को एक देश के रूप में मान्यता दें. ट्रंप की यह नई शर्त अब मुस्लिम देशों के लिए गले की हड्डी बन गई है.
शहबाज और असीम मुनीर को लगा बड़ा झटका
इस पूरे मामले में सबसे बुरी स्थिति पाकिस्तान की हो गई है. अब तक इस पूरे विवाद में मध्यस्थ (बिचौलिया) की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान को ट्रंप की इस शर्त की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख असीम मुनीर लगातार डोनाल्ड ट्रंप की जी-हुजूरी में लगे हुए थे, लेकिन इसके बावजूद ट्रंप ने एक ऐसी शर्त सामने रख दी जिसे पाकिस्तान कभी मंजूर नहीं कर सकता.
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क्या है अब्राहम अकॉर्ड?
साल 2020 में अमेरिका की पहल पर ‘अब्राहम अकॉर्ड’ की शुरुआत हुई थी. इसका मुख्य उद्देश्य अरब देशों और इजरायल के बीच दशकों पुरानी दुश्मनी को खत्म कर औपचारिक रिश्ते बनाना और मध्य पूर्व में ईरान के बढ़ते प्रभाव को रोकना है.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने प्रस्ताव को ठुकराया
ट्रंप के इस प्रस्ताव पर पाकिस्तान सरकार के भीतर से तीखी प्रतिक्रिया आई है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है. ख्वाजा आसिफ ने साफ शब्दों में कहा, “व्यक्तिगत रूप से मेरा यह मानना है कि हमें ऐसे किसी भी समझौते में शामिल नहीं होना चाहिए, जो हमारे मूल विचारों और आदर्शों के खिलाफ हो.” उन्होंने आगे कड़े लहजे में कहा कि पाकिस्तान इजरायल के साथ किसी भी तरह का मंच साझा करे, यह देश के लिए बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है.
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पासपोर्ट पर ही लिखा है इजरायल से बैर
दरअसल, पाकिस्तान दुनिया का अकेला ऐसा देश है जिसकी इजरायल से दुश्मनी उसके आधिकारिक दस्तावेजों में दिखती है. पाकिस्तान के पासपोर्ट पर साफ-साफ शब्दों में लिखा हुआ है कि ‘यह पासपोर्ट इजरायल को छोड़कर दुनिया के सभी देशों में यात्रा के लिए मान्य है.’ ऐसे में ट्रंप के दबाव में आकर इजरायल को मान्यता देना पाकिस्तान की सरकार और सेना के लिए अपनी ही जनता के सामने आत्मसमर्पण करने जैसा होगा, जो वह कभी नहीं करना चाहेगी.