---विज्ञापन---

ईरान के साथ अब होगी ‘आर-पार’ की बात, डोनाल्ड ट्रंप के पोस्ट ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन!

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बगई ने कहा कि 14 सूत्रीय संभावित समझौते पर कई मुद्दों पर सहमति बन गई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि युद्ध समाप्त करने वाला अंतिम समझौता हो गया है.

---विज्ञापन---

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए साफ कहा है कि या तो दोनों देशों के बीच ‘शानदार और सार्थक’ समझौता होगा, या फिर कोई समझौता नहीं होगा. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘ईरान के साथ डील या तो बहुत अच्छी और अर्थपूर्ण होगी, वरना कोई डील नहीं होगी.’ हालांकि उनके इस पोस्ट से एक बार फिर दुनिया में हलचल मच गई है. कहा जा रहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष लंबा चल सकता है.

यह भी पढ़ें: US-Iran War: क्या है अब्राहम अकॉर्ड? जिसमें ईरान को शामिल कर सकते हैं ट्रंप

---विज्ञापन---

ओबामा सरकार की आलोचना


ट्रंप ने इस दौरान अमेरिकी राजनीति के आलोचकों पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने डेमोक्रेट्स, रिपब्लिकन पार्टी के कुछ सदस्यों और अन्य विरोधियों को ‘नासमझ’ करार दिया. ट्रंप ने कहा कि जो लोग अभी से डील में संभावित रियायतों की आलोचना कर रहे हैं, वे वास्तविक बातचीत से अनजान हैं. उन्होंने लिखा, ‘मैं उन सभी डेमोक्रेट्स, RINO और मूर्खों पर हंसता हूं जो मेरी ईरान के साथ हो रही डील के बारे में कुछ नहीं जानते.’ ट्रंप ने 2015 के ओबामा प्रशासन द्वारा किए गए परमाणु समझौते (JCPOA) की तुलना में अपनी भावी डील को बिल्कुल उलट बताया. उन्होंने पुराने समझौते को ‘आपदा’ बताया और कहा कि उसने ईरान को परमाणु हथियार बनाने का सीधा रास्ता दिया था.

यह भी पढ़ें: मिडिल ईस्ट से आई खुशखबरी! ईरान का होर्मुज को लेकर बड़ा ऐलान, भारत को बड़ी राहत

---विज्ञापन---

कई मुद्दों पर बनी सहमती


ट्रंप ने 2018 में अमेरिका को इस डील से बाहर निकाला था. उन्होंने दोहराया कि उनकी डील JCPOA जैसी कमजोर नहीं होगी. विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी इसी लाइन पर कहा कि या तो मजबूत समझौता होगा या फिर ईरान से दूसरे तरीके से निपटा जाएगा. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बगई ने कहा कि 14 सूत्रीय संभावित समझौते पर कई मुद्दों पर सहमति बन गई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि युद्ध समाप्त करने वाला अंतिम समझौता हो गया है. ईरान का जोर मुख्य रूप से युद्ध समाप्त करने, अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने पर है.

First published on: May 25, 2026 10:33 PM

End of Article

About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola