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‘ऑपरेशन लायन रोर’ कितने दिन चलेगा? ईरान ने US-इजरायल को धमकाया- वर्षों तक लड़ सकते हैं लड़ाई

इजरायल ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान के 30 सैन्य अड्डों पर हवाई हमले किए' रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इसे ‘पूर्व-रोकथाम वाला प्रहार’ करार दिया. पूरे देश में आपातकाल लागू है.

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अमेरिका और इजरायल द्वारा सुबह शुरू किए गए ईरान पर व्यापक सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन लायन रोर’ ने मध्य पूर्व को युद्ध की चपेट में ला दिया है. अभी संघर्ष के प्रारंभिक चरण में ही विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि यह जंग तीन-चार दिन या अधिकतम सात से दस दिनों तक सीमित रह सकती है, लेकिन ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि तेहरान वर्षों तक चली इस लड़ाई को झेलने को तैयार है. रक्षा विश्लेषकों का मत है कि अमेरिका के गोला-बारूद भंडार और ईरानी जवाबी क्षमता इसकी अवधि तय करेगी.

इंडिया टूडे की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश नीति विशेषज्ञ वेल अवाद का कहना है कि ईरान ने साफ लहजे में घोषणा की है कि ‘तुमने जंग शुरू की, हम इसे समाप्त करेंगे.’ रिटायर्ड मेजर जनरल विशंभर दयाल जैसे सैन्य जानकारों का अनुमान है कि अमेरिका प्रारंभ में सीमित हमलों पर निर्भर रहेगा, लेकिन यदि तेहरान ने मिसाइल व ड्रोन हमलों से पलटवार किया तो संघर्ष हफ्तों या महीनों तक खिंच सकता है.

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यह भी पढ़ें: ‘कई महीनों से चल रही थी हमले की प्लानिंग…’ ईरान-इजरायल युद्ध में कैसे हुई अमेरिका की एंट्री?

एटलांटिक काउंसिल के विश्लेषकों के अनुसार, वाशिंगटन की योजना छोटी अवधि की कार्रवाई की है, परंतु यदि ईरानी नेतृत्व अडिग रहा तो परिणाम अप्रत्याशित होंगे. 2025 की 12-दिवसीय टकराव को आधार मानते हुए अधिकांश अनुमान सात से दस दिनों का ही बता रहे हैं.

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अमेरिका-इजरायल ने महीनों की तैयारी के बाद यह अभियान शुरू किया है. वाशिंगटन ने मध्य पूर्व में 2003 के इराक युद्ध के बाद यूएसएस अब्राहम लिंकन और यूएसएस जेराल्ड फोर्ड जैसे दो विशाल विमानवाहक पोत, 70 से अधिक फाइटर जेट, 108 हवाई ईंधन टैंकर, क्रूज मिसाइलें तथा एफ-22 विमानों सहित सबसे बड़ा सैन्य बल तैनात किया. राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरानी मिसाइलें ‘मिट्टी में मिला दी जाएंगी.’

इजरायल ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान के 30 सैन्य अड्डों पर हवाई हमले किए’ रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने इसे ‘पूर्व-रोकथाम वाला प्रहार’ करार दिया. पूरे देश में आपातकाल लागू है, नागरिक बंकरों में शरण ले चुके हैं तथा आयरन डोम जैसी वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों की बहु-स्तरीय तैयारी इस टकराव को लंबा खींच सकती है.

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First published on: Feb 28, 2026 08:58 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला की विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी ज्ञान है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला की विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी ज्ञान है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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