अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मिडिल ईस्ट और ईरान से निपट गए हैं तो अब उन्होंने दुनिया को एक और झटका देने का प्लान बना लिया है। जी हां, राष्ट्रपति ट्रंप फिर से टैरिफ वार छेड़ सकते हैं। क्योंकि उन्होंने यूरोपीय देशों को 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है। उन्होंने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट लिखकर यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने के संकेत दिए। उनका कहना है कि जो यूरोपीय देश अमेरिकी कंपनियों पर डिजिटल सर्विस टैस लगाएंगे, उनसे आने वाले सभी सामानों पर अमेरिका 100 फीसदी टैरिफ लगाएगा। व्यापार समझौता होने के बावजूद यह टैक्स लगाया जाएगा।
यूरोपीय देशों के फैसले के बदले टैरिफ धमकी
राष्ट्रपति ट्रंप ने यूरोपीय देशों को टैरिफ लगाने की धमकी तब दी है, जब यूरोपीय देशों ने अमेरिका के प्रोडक्ट और सामान पर टैरिफ कम करने के लिए 4 जुलाई 2026 की समयसीमा तय की। बीते दिन ही यूरोपीय देशों ने यह फैसला किया। इस वजह से यूरोपीय देशों और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर तनाव बढ़ गया। ट्रंप पहले से ही मिडिल ईस्ट के युद्ध में साथ न देने के कारण यूरोपीय देशों और NATO से नाराज हैं, ऐसे में तनाव और गहरा हो सकता है। ट्रंप कई मौकों पर कह चुके हैं कि ईरान के खिलाफ यूरोपीय देशों और NATO को अमेरिका का साथ देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने निराश किया।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट लिखकर दी धमकी
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में लिखा कि यूरोपीय देश अमेरिकी कंपनियों पर डिजिटल सर्विस टैक्स लागू करना चाहते हैं। ऐसा करने पर वे विचार-विमर्श कर रहे हैं। कई यूरोपीय देश टैक्स लगाने का फैसला कर चुके हैं और लागू करने वाले हैं। अगर ऐसा हुआ तो अमेरिका पर टैक्स लगाने वाले देशों पर तुरंत 100 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। फिर टैरिफ अमेरिका के साथ व्यापार समझौते कैंसिल हो जाएंगे, चाहे वह साइन करके लागू किया जा चुका हो या अभी साइन किया गया हो या नहीं किया गया है, सभी समझौते उसी वक्त रुक जाएंगे या रद्द हो जाएंगे।
टैरिफ लगा तो रद्द हो जाएंगे व्यापार समझौते
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इसके दायरे में वे समझौते भी आएंगे, जिन्हें लेकर पिछले साल ही अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच सहमति बनी थी, जिनके तहत यूरोपीय देशों से अमेरिका आने वाली वस्तुओं पर टैरिफ को 15% कर दिया गया था। इसके बदले में यूरोपीय संघ के देशों ने अमेरिका के टेक्नोलॉजिकल प्रोडक्ट्स पर टैरिफ घटाकर शून्य का दिया था। अमेरिका पर टैक्स लगते ही यूरोपीय देशों पर टैक्स लगेगा और पहले वाला टैरिफ बढ़कर 25% हो जाएगा। बता दें कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने G7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात में अपने इरादे स्पष्ट किए किए थे।
फ्रांस का सर्विस टैक्स हटाने से साफ इनकार
इमैनुअल मैक्रों ने कहा था कि फ्रांस उनके दबाव में आकर अमेरिका की टेक कंपनियों पर लगाए गए डिजिटल सर्विस टैक्स को खत्म नहीं करेगा। वहीं फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर फ्रांस ने डिजिटल सर्विस टैक्स खत्म नहीं किया तो फ्रांस से अमेरिका आने वाली शराब पर 100% टैरिफ लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। फ्रांस ने साल 2019 से अमेरिका की उन कंपनियों की डिजिटल सर्विस से मिले रेवेन्यू पर 3 प्रतिशत टैक्स लगाया गया है, जिनका रेवेन्यू फ्रांस में 25 मिलियन यूरो से ज्यादा है और विश्व स्तर पर 750 मिलियन यूरो (854.02 मिलियन डॉलर) से ज्यादा है। फ्रांस की सांसद में पिछले साल टैक्स को बढ़ाकर 6 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा गया था।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मिडिल ईस्ट और ईरान से निपट गए हैं तो अब उन्होंने दुनिया को एक और झटका देने का प्लान बना लिया है। जी हां, राष्ट्रपति ट्रंप फिर से टैरिफ वार छेड़ सकते हैं। क्योंकि उन्होंने यूरोपीय देशों को 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है। उन्होंने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट लिखकर यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने के संकेत दिए। उनका कहना है कि जो यूरोपीय देश अमेरिकी कंपनियों पर डिजिटल सर्विस टैस लगाएंगे, उनसे आने वाले सभी सामानों पर अमेरिका 100 फीसदी टैरिफ लगाएगा। व्यापार समझौता होने के बावजूद यह टैक्स लगाया जाएगा।
यूरोपीय देशों के फैसले के बदले टैरिफ धमकी
राष्ट्रपति ट्रंप ने यूरोपीय देशों को टैरिफ लगाने की धमकी तब दी है, जब यूरोपीय देशों ने अमेरिका के प्रोडक्ट और सामान पर टैरिफ कम करने के लिए 4 जुलाई 2026 की समयसीमा तय की। बीते दिन ही यूरोपीय देशों ने यह फैसला किया। इस वजह से यूरोपीय देशों और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर तनाव बढ़ गया। ट्रंप पहले से ही मिडिल ईस्ट के युद्ध में साथ न देने के कारण यूरोपीय देशों और NATO से नाराज हैं, ऐसे में तनाव और गहरा हो सकता है। ट्रंप कई मौकों पर कह चुके हैं कि ईरान के खिलाफ यूरोपीय देशों और NATO को अमेरिका का साथ देना चाहिए था, लेकिन उन्होंने निराश किया।
ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट लिखकर दी धमकी
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रूथ सोशल पर पोस्ट में लिखा कि यूरोपीय देश अमेरिकी कंपनियों पर डिजिटल सर्विस टैक्स लागू करना चाहते हैं। ऐसा करने पर वे विचार-विमर्श कर रहे हैं। कई यूरोपीय देश टैक्स लगाने का फैसला कर चुके हैं और लागू करने वाले हैं। अगर ऐसा हुआ तो अमेरिका पर टैक्स लगाने वाले देशों पर तुरंत 100 फीसदी टैरिफ लगाया जाएगा। फिर टैरिफ अमेरिका के साथ व्यापार समझौते कैंसिल हो जाएंगे, चाहे वह साइन करके लागू किया जा चुका हो या अभी साइन किया गया हो या नहीं किया गया है, सभी समझौते उसी वक्त रुक जाएंगे या रद्द हो जाएंगे।
टैरिफ लगा तो रद्द हो जाएंगे व्यापार समझौते
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इसके दायरे में वे समझौते भी आएंगे, जिन्हें लेकर पिछले साल ही अमेरिका और यूरोपीय देशों के बीच सहमति बनी थी, जिनके तहत यूरोपीय देशों से अमेरिका आने वाली वस्तुओं पर टैरिफ को 15% कर दिया गया था। इसके बदले में यूरोपीय संघ के देशों ने अमेरिका के टेक्नोलॉजिकल प्रोडक्ट्स पर टैरिफ घटाकर शून्य का दिया था। अमेरिका पर टैक्स लगते ही यूरोपीय देशों पर टैक्स लगेगा और पहले वाला टैरिफ बढ़कर 25% हो जाएगा। बता दें कि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने G7 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात में अपने इरादे स्पष्ट किए किए थे।
फ्रांस का सर्विस टैक्स हटाने से साफ इनकार
इमैनुअल मैक्रों ने कहा था कि फ्रांस उनके दबाव में आकर अमेरिका की टेक कंपनियों पर लगाए गए डिजिटल सर्विस टैक्स को खत्म नहीं करेगा। वहीं फ्रांस में G7 शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर फ्रांस ने डिजिटल सर्विस टैक्स खत्म नहीं किया तो फ्रांस से अमेरिका आने वाली शराब पर 100% टैरिफ लगाने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। फ्रांस ने साल 2019 से अमेरिका की उन कंपनियों की डिजिटल सर्विस से मिले रेवेन्यू पर 3 प्रतिशत टैक्स लगाया गया है, जिनका रेवेन्यू फ्रांस में 25 मिलियन यूरो से ज्यादा है और विश्व स्तर पर 750 मिलियन यूरो (854.02 मिलियन डॉलर) से ज्यादा है। फ्रांस की सांसद में पिछले साल टैक्स को बढ़ाकर 6 फीसदी करने का प्रस्ताव रखा गया था।