युद्ध रोकने के लिए ट्रंप की 4 नई शर्तें, धमकी- नहीं माना ईरान तो खतरनाक होगा अंजाम, होर्मुज स्ट्रेट में टोल भूल जाओ

Middle East War: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। अमेरिका ने अब ईरान के सामने 4 नई शर्तें रखी हैं। शर्तें नहीं मानने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने अंजाम भुगतने की धमकी भी दी है। साथ ही होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बड़ा दावा भी किया है।

US Iran War

अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल सीजफायर जारी है।

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मिडिल ईस्ट में फिर युद्ध का बवंडर उठ सकता है। अमेरिका और ईरान का सीजफायर खतरे में है और युद्ध का शंखनाद फिर से हो सकता है। क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के सामने 4 नई शर्तें रखी हैं। साथ ही धमकी दी है कि ईरान ने शर्तें नहीं मानी तो पहले से बड़ा और घातक हमला होगा, अंजाम बेहद खतरनाक होगा। इस बीच बीते दिन राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से अमेरिका के कंट्रोल में है और वह किसी कीमत पर होर्मुज स्ट्रेट में टोल प्लाजा नहीं लगने देंगे।

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ईरान के लिए ये हैं अमेरिका की शर्तें

पहली शर्त कि ईरान को परमाणु कार्यक्रम के लिए कोई रियायत या छूट नहीं दी जाएगी। उसे अपना न्यूक्लियर एजेंडा हमेशा के लिए बंद करना होगा। दूसरी शर्त कि होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का किसी भी प्रकार का नियंत्रण नहीं होगा। इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए पूरी तरह खुला रखा जाएगा। तीसरी शर्त कि जब तक ईरान फाइनल एग्रीमेंट पर साइन नहीं करेगा, तब तक उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध हटाए नही जाएंगे। चौथी शर्त कि युद्ध में नुकसान की भरपाई अमेरिका नहीं करेगा।

भयंकर हमला करने की धमकी दी गई

अमेरिका ने पाकिस्तान के जरिए ईरान को 4 नई शर्तों का प्रस्ताव भेजा है। जिसमें साफ-साफ कहा गया है कि जब तक ईरान समझौता नहीं करेगा, उसे मामूली-सी राहत तक नहीं मिलेगी। वेनेजुएला का उदाहरण सामने है, जिससे ईरान सबक ले सकता है। अगर ईरान ने अमेरिका को हलके में लिया तो बहुत बड़ी गलती करेगा। अगर ईरान ने शर्तें नहीं मानीं और समझौता नहीं किया तो इस जो हमला होगा, वह इतना खतरनाक और घातक होगा, जितना इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ।

होर्मुज और परमाणु कार्यक्रम रुकावट

रायटर्स को वरिष्ठ ईरानी स्रोत ने बताया है कि जंग रोकने के लिए अमेरिका के साथ कोई समझौता अब तक नहीं हुआ है। ईरान का यूरेनियम प्रोसेसिंग प्रोग्राम और होर्मुज स्ट्रेट पर उसका नियंत्रण अभी भी समझौते में रुकावट की वजह बने हुए हैं। ईरान ने रणनीतिक बढ़त होने का हवाला देते हुए होर्मुज स्ट्रेट से टोल वसूलने को लेकर गंभीरता जताई है। परमाणु कार्यक्रम को ईरान युद्ध-समाप्ति के लिए किसी सौदे की चीज से ज्यादा राष्ट्रीय संपत्ति मानता है, जिसे बड़ी कुर्बानियों से संरक्षित रखा गया है।

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ईरान का यूरेनियम को लेकर बड़ा आदेश

ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अपनी तरफ से एक रेड लाइन खींच दी है। उन्होंने साफ-साफ कह दिया है कि चाहे जो कीमत चुकानी पड़े। ईरान का संवर्धित यूरेनियम बाहर नहीं जाएगा। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को बंद नहीं करेगा। वहीं ट्रंप का कहना है कि ईरान के पास किसी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं रहने देंगे। होर्मुज स्ट्रेट में टोल भी किसी कीमत नहीं लगने देंगे। ट्रंप के यह तेवर बता रहे हैं कि ईरान के पास अब समय बहुत कम है, जिससे कूटनीतिक हलचल मची है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

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खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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