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‘ईरान पूरी तरह बर्बाद, सेना और नेवी खत्म; 7,000 ठिकानों पर बरसाए बम’, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान में ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला नहीं किया और ज्यादातर कमर्शियल और मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया.

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अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी सैन्य अभियान पूरी ताकत के साथ जारी है और पिछले कुछ दिनों में ईरान के भीतर 7,000 से अधिक ठिकानों को तबाह कर दिया गया है. ट्रंप ने बेहद कड़े लहजे में कहा कि ईरान पूरी तरह से तबाह हो चुका है. साथ ही उन्होंने दावा किया, ‘ईरान की नौसेना और उनकी सेना अब खत्म हो चुकी है.’

‘खार्ग में सिर्फ तेल वाली जगह छोड़ी’

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान में ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला नहीं किया और ज्यादातर कमर्शियल और मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया. उन्होंने वॉशिंगटन में प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि अमेरिका ने ईरान के खार्ग द्वीप पर तेल की जगहों को छोड़कर सब कुछ सचमुच तबाह कर दिया. उन्होंने कहा, ‘जैसा कि आप जानते हैं, हमने खार्ग द्वीप पर हमला किया और उसे तहस-नहस कर दिया, सचमुच आइलैंड पर सब कुछ तबाह कर दिया, सिवाय उस जगह के जहां तेल है.’

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‘खत्म की मिसाइल-ड्रोन क्षमता’

साथ ही उन्होंने, ‘हम ऐसा नहीं करना चाहते थे. लेकिन किसी दिन उस देश को फिर से बनाने के मकसद से, मुझे लगता है कि हमने सही काम किया. हम ईरान के डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस को तेजी से खत्म कर रहे हैं, और उसकी मिसाइलों और ड्रोन कैपेबिलिटी को फिर से बनाने की क्षमता जीरो के करीब पहुंच रही है.’ आगे कहा, ईरान की मिसाइल अटैक क्षमता 90 फीसदी और ड्रोन क्षमता 95 फीसदी घट गई. इसके अलावा मिसाइल प्रोडेक्शन पर भी हमने हमले कर उसे बर्बाद कर दिया.

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‘होर्मुज के लिए साथ आएं चीन-जापान’

डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को खाली कराने में अमेरिका की मदद करने के लिए कई देशों से आग्रह किया था. इस पर ट्रंप ने कहा कि कई देश इसको लेकर उतने ‘उत्साही’ नहीं हैं. ट्रंप ने कहा, ‘उन देशों ने कहा कि हम इसमें शामिल नहीं होना चाहते… मुझे पता है कि हम उनकी रक्षा करेंगे, और अगर हमें कभी मदद की जरूरत पड़ी, तो वे हमारे लिए वहां नहीं होंगे.’

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उन्होंने कहा, जापान 95 फीसदी, चीन 90 फीसदी, दक्षिण कोरिया 35 फीसदी तेल होर्मुज के जरिए हासिल करते हैं. इन्हें आगे आकर हमारी मदद करनी चाहिए.

ईरान का जवाब

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट ‘हमारे दुश्मनों के लिए बंद रहेगा.’ BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, अराघची ने कहा, ‘वे (अमेरिकी) दूसरे देशों से आकर उनकी मदद करने के लिए कह रहे हैं ताकि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहे. हमारे नजरिए से यह खुला है. यह सिर्फ हमारे दुश्मनों, हमारे देश के खिलाफ गलत हमला करने वालों और उनके साथियों के लिए बंद है.’

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First published on: Mar 16, 2026 10:59 PM

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