बता दें कि बांग्लादेश में आज हो रहे आम चुनाव के लिए 43000 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं और बैलेट पेपर से वोटिंग चल रही है। 80000 सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। करीब 5000 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक (UN और EU से) निगरानी कर रहे हैं।
Bangladesh Election 2026 Voting LIVE Updates: शेख हसीना की सरकार के पतन के डेढ़ साल बाद बांग्लादेश में आज 13वें आम चुनाव हो रहे हैं। 43000 पोलिंग बूथों पर वोटिंग स्थानीय समयानुसार सुबह 7:30 बजे शुरू हुई, जो शाम 4:30 बजे तक चलेगी। इसके बाद मतगणना होगी और कल 13 फरवरी को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। मतदान EVM नहीं, बल्कि बैलेट पेपर से होगा और एक साथ 2 वोट पड़ेंगे, जिनमें से एक संसदीय चुनाव और दूसरा रेफरेंडम के लिए होगा।
चुनावी रण में उतरी हैं ये 59 पार्टियां
बता दें कि बांग्लादेश के आम चुनाव में 59 रजिस्टर्ड पार्टियां किस्मत आजमा रही हैं। दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और उसकी 10 पार्टियों के गठबंधन और शफीकुर रहमान के नेतृत्व वाली जमात-ए-इस्लामी (JIB) और उसकी 11 पार्टियों के गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर है। JIB से अलग होकर इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश भी चुनाव लड़ रहा है।
वहीं शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग को चुनाव के लिए अयोग्य करार दिया गया है। वहीं आवामी लीग का सहयोगी दल जातीय पार्टी जीएम कादर के नेतृत्व में 18 पार्टियों के गठबंधन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट (NDF) के साथ चुनाव लड़ रहा है. काजी सज्जाद जहीर चंदन के नेतृत्व में डेमोक्रेटिक यूनाइटेड फ्रंट (DUF) का लेफ्ट गठबंधन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ बांग्लादेश (CPB) और सोशलिस्ट पार्टी ऑफ बांग्लादेश (SPB) चुनाव लड़ रहा है।
चुनावी रण में उतरे हैं 2028 उम्मीवार
बता दें कि बांग्लादेश के चुनावी रण में 2028 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। BNP गठबंधन 288 सीटों पर और JIB गठबंधन 298 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है। इस्लामिक आंदोलन की साख 253 सीटों पर दांव पर लगी है। 2028 उम्मीदवारों में से 249 निर्दलीय उम्मीदवार हैं। ऐसे में आज बांग्लादेश में मतदान से जुड़े पल-पल के लाइव अपडेट्स के लिए बने रहें News 24 के साथ…
बांग्लादेश में आज होने वाले आम चुनाव में मतदाता न केवल 350 सदस्यीय संसद चुनेंगे, बल्कि राष्ट्रपति पद को कमजोर करके संसदीय प्रणाली मजबूत करने वाले संवैधानिक संशोधन पर हो रहे जनमत संग्रह के लिए भी वोट देंगे। जनमत संग्रह के जरिए संविधान के अनुच्छेद 48-55 में बदलाव करके राष्ट्रपति की शक्तियां कम की जाएंगी और प्रधानमंत्री को अधिक अधिकार दिए जाएंगे।
परंपरागत 'बेगम बनाम बेगम' (BNP की खालिदा जिया vs अवामी लीग की शेख हसीना) की जगह इस बार अब रेहमान बनाम रेहमान यानी कि BNP के तारीक रेहमान vs जमात के शफीकुर रेहमान बीच मुख्य लड़ाई है। बैन की वजह से आवामी लीग का चुनाव से दूर होना है।
बता दें कि साल 2024 के आम चुनाव में शेख हसीना के नेतृत्व वाली आवामी लीग ने बहुमत हासिल करके सरकार बनाई थी। उस चुनाव का देश की दूसरी बड़ी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और उसके सहयोगी दलों ने बॉयकॉट किया था. 40 फीसदी मतदान हुआ था, लेकिन अगस्त 2024 में छात्र विद्रोह के कारण शेख हसीना की सरकार का पतन हो गया था। फिर नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी थी।










