बांग्लादेश में हिंसक झड़पों के बीच 300 सीटों के लिए गुरुवार को मतदान किया गया. 42,651 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हुई है. दोपहर दो बजे तक 47.91 फीसदी मतदान हुआ था.
Bangladesh Election 2026 Voting : शेख हसीना की सरकार के पतन के डेढ़ साल बाद बांग्लादेश में 13वें आम चुनाव के लिए वोट डाले गए. 43000 पोलिंग बूथों पर वोटिंग स्थानीय समयानुसार सुबह 7:30 बजे शुरू हुई, जो शाम 4:30 बजे तक चली. 13 फरवरी को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।
चुनावी रण में उतरी हैं ये 59 पार्टियां
बता दें कि बांग्लादेश के आम चुनाव में 59 रजिस्टर्ड पार्टियां किस्मत आजमा रही हैं। दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और उसकी 10 पार्टियों के गठबंधन और शफीकुर रहमान के नेतृत्व वाली जमात-ए-इस्लामी (JIB) और उसकी 11 पार्टियों के गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर है।
चुनावी रण में उतरे हैं 2028 उम्मीवार
बता दें कि बांग्लादेश के चुनावी रण में 2028 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। BNP गठबंधन 288 सीटों पर और JIB गठबंधन 298 सीटों पर चुनाव लड़ रहा है। इस्लामिक आंदोलन की साख 253 सीटों पर दांव पर लगी है। 2028 उम्मीदवारों में से 249 निर्दलीय उम्मीदवार हैं। एक साथ 2 वोट पड़ेंगे, जिनमें से एक संसदीय चुनाव और दूसरा रेफरेंडम के लिए होगा।
Bangladesh Elections | In a statement to ANI, Bangladeshi writer and activist, Taslima Nasreen says, "Although disturbances were reported at some polling centres and clashes occurred between supporters of two parties, I have heard that voting was largely peaceful. It is alleged… pic.twitter.com/wNi5bARBMV
— ANI (@ANI) February 12, 2026
बांग्लादेश में आम चुनाव के दौरान मुजीबनगर के जॉयपुर और गंगनी उपजिला के मेहेरपुर के सहरबाती, तिरैल और ढाला गांवों में झड़पें हुई हैं। BNP और जमात-ए-इस्लामी के समर्थक आपस में भिड़ गए। झड़पों में करीब 23 लोग घायल हुए हैं. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 3 लोगों को हिरासत में लिया है. अकेले सहरबाती गांव में 13 कार्यकर्ता घायल हो गए।
बांग्लादेश से निर्वासित मशहूर लेखिका तस्लीमा नसरीन ने जमात-ए-इस्लामी को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने पार्टी के बढ़ते वर्चस्व को खतरनाक बताया और सेक्युलर राजनीति में वापसी की मांग की. उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट पर लिखी पोस्ट में कहा कि BNP चुनाव जीत जाती है तो जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश के इतिहास में पहली बार मुख्य विपक्ष बन जाएगी. क्योंकि अवामी लीग पर बैन लगा दिया गया है. चुनी हुई सरकार आवामी लीग से बैन हटा सकती है, जिससे विपक्ष सेक्युलर या लेफ्ट-लीनिंग पार्टियों से आएगा।
बांग्लादेश में आज चुनाव मतदान के दौरान मुंशीगंज सदर उपजिला के मखाती गुरुचरण हाई स्कूल में बने पोलिंग बूथ के बाहर क्रूड बम ब्लास्ट हुआ। सदर पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज (OC) मोहम्मद मोमिनुल इस्लाम ने धमाके की पुष्टि की और बताया कि पहले सुबह 2 विरोधी उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच झड़प हुई और इसी दौरान क्रूड बम फेंका गया। धमाक में बच्चे समेत 3 लोग घायल हुए हैं।
बांग्लादेश के आम चुनाव में दोपहर 12 बजे तक 32.88 प्रतिशत वोटिंग हुई है। वहीं 140 पोलिंग बूथों पर मतदान में गड़बड़ियों की खबरें आईं. 43 सेंटर्स पर हाथापाई और मारपीट की घटनाएं हुईं हैं। 4 बूथों पर पोलिंग एजेंटों को कथित तौर पर बाहर निकाल दिया गया है. गोपालगंज के एक पोलिंग बूथ पर क्रूड बम फेंका गया, जिसमें ब्लास्ट होने से बच्चे समेत 3 लोग घायल हुए हैं।
बांग्लादेश में सुबह 11 बजे तक हुए वोटिंग की जानकारी सामने आई है। आंखों TV की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने बताया कि 13वें नेशनल पार्लियामेंट्री इलेक्शन में सुबह 11 बजे (BDT) तक देशभर के 32000 पोलिंग बूथों पर 14.96% वोट डाले गए.
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के चेयरमैन और बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान ने ढाका के एक पोलिंग सेंटर पर वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने कहा कि इंशाअल्लाह, एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव में BNP की जीत पक्की है. आइए, हम सब मिलकर इस देश को फिर से बनाएं। लोगों के अधिकारों और आजादी को पक्का करें। बांग्लादेश की आजादी और सम्मान की रक्षा करें. हम जनता के साथ मिलकर काम करेंगे, देश को बनाएंगे।
बांग्लादेश अवामी लीग (AL), जो लंबे समय तक देश की सियासत का केंद्र रहा, लेकिन साल 2024 में सरकार के पतन के बाद इस दल को सस्पेंड कर दिया गया था और इसकी स्थिति कमजोर पड़ गई थी. बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) बांग्लादेश का मुख्य विपक्षी दल रहा है. जातीय पार्टी देश के पूर्व राष्ट्रपति एरशाद की पार्टी है और देश का तीसरा बड़ा राजनीतिक दल है. यहां पढ़ें पूरी खबर...
बता दें कि बांग्लादेश में आज संसद के साथ-साथ जुलाई चार्टर पर भी वोटिंग चल रही है, जो एक प्रस्तावित संवैधानिक सुधार पैकेज है. यह प्रस्ताव देश की कार्यकारी ताकतों को फिर से तय करने और अकाउंटेबिलिटी सिस्टम को मजबूत करने के लिए बनाया गया है। चार्टर के पास होने के बाद बांग्लादेश में कई संवैधानिक संशोधन भी जरूरी हो जाएंगे.
बता दें कि बांग्लादेश चुनाव में आज रजिस्टर्ड 8 लाख प्रवासी मतदान करेंगे। IT-इनेबल्ड पोस्टल बैलेट सिस्टम से वोट डालेंगे। वहीं 4 करोड़ Gen-Z वोटर भी सरकार का चयन करेंगे। बांग्लादेश के चुनाव आयोग के अनुसार, 18 से 29 साल की उम्र के 4 करोड़ से ज्यादा Gen-Z वोटर हैं। वहीं 62 मिलियन से ज्यादा महिला मतदाता हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने बांग्लादेश चुनाव में गड़बड़ियों का आरोप लगाया है. उन्होंने रात में वोटिंग और बैलेट पेपर में धांधली के मामलों का दावा किया है. आरोप लगाया गया है कि वोटिंग ऑफिशियली शुरू होने से पहले बैलेट पेपर पर कुछ उम्मीदवारों के पक्ष में स्टैम्प लगाए गए है. ट्रांसपेरेंसी और ईमानदारी के साथ वोटिंग नहीं कराई जा रही।
अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद युनूस और BNP प्रमुख तारिक रहमान ने मतदान कर दिया है। वहीं पोलिंग बूथों के बाहर वोटरों की लंबी लाइनें लगी हैं। लोगों में चुनाव को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
Bangladesh Elections | Chief Adviser of the interim government of Bangladesh, Muhammad Yunus, casts his vote for the 13th Parliamentary elections, at a polling centre in Dhaka.(Source: Chief Adviser Press Wing) pic.twitter.com/i4AnQV0rdE
— ANI (@ANI) February 12, 2026
बांग्लादेश में आज हो रहे आम चुनाव पर नोबेल पुरस्कार विजेता और अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने कहा है कि आज हो रहे चुनाव रूटीन वोटिंग नहीं है, बल्कि लंबे समय से चले आ रहे गुस्से, असमानता, कमी और अन्याय के खिलाफ संवैधानिक अभिव्यक्ति है. अब लोगों के लिए, लोगों के द्वारा, लोगों की सरकार चुनी जाएगी।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने चुनाव और मतदान के बॉयकॉट की अपील देशवासियों से की है। उन्होंने चुनाव को गैर-कानूनी करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने कट्टरपंथियों को रिहा कर दिया है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर दिया है. सरकार ने शेख हसीना की आवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया है. इतनी बड़ी और पुरानी पार्टी के साथ पक्षपात किया जा रहा है।
बांग्लादेश में आज मतदान शुरू होने से पहले एक लाश मिली है। अल्पसंख्यकों पर हमले की खबर सामने आई है. मौलवी बाजार इलाके में एक 28 वर्षीय हिंदू युवक रतन साहूकार का शव बरामद हुआ है, जिसके हाथ-पैर बंधे हुए थे और उसके शरीर पर गहरे जख्मों के निशान थे. पीट-पीट कर हत्या किए जाने का शक है।
राजधानी ढाका के मीरपुर-10 निर्वाचन क्षेत्र में जमात और बीएनपी समर्थकों के बीच झड़प हो गई है। जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख शफीकुर रहमान यहां से चुनाव लड़ रहे हैं। झड़प के चलते आज वहां सेना बल तैनात कर दिया गया है। स्थिति अब नियंत्रण में है।
A scuffle has broken out between Jamaat and BNP supporters in Mirpur-10 Constituency, Dhaka. Jamaat-e-Islami chief Shafiqur Rahman is contesting from here. Army personnel have finally been deployed and the situation is now under control. #bangladeshelections2026 pic.twitter.com/8DwDo726OI
— Ashoke Raj (@Ashoke_Raj) February 12, 2026
JIB से अलग होकर इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश भी चुनाव लड़ रहा है। वहीं शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग को चुनाव के लिए अयोग्य करार दिया गया है। वहीं आवामी लीग का सहयोगी दल जातीय पार्टी जीएम कादर के नेतृत्व में 18 पार्टियों के गठबंधन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट (NDF) के साथ चुनाव लड़ रहा है. काजी सज्जाद जहीर चंदन के नेतृत्व में डेमोक्रेटिक यूनाइटेड फ्रंट (DUF) का लेफ्ट गठबंधन कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ बांग्लादेश (CPB) और सोशलिस्ट पार्टी ऑफ बांग्लादेश (SPB) चुनाव लड़ रहा है।
ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल एंड कॉलेज स्थित मतदान केंद्र पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। मतदान केंद्र के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। मतदान के बाद एक वोटर ने कहा कि मुझे बहुत अच्छा लग रहा है, क्योंकि जिंदगी में पहली बार मतदान किया है। यह बहुत आसान है क्योंकि मतपत्रों से कोई समस्या नहीं हो रही है।
#watch | Bangladesh: Long queues of voters witnessed at a polling centre at the Gulshan Model School and College in Dhaka. Security has been tightened outside the polling centre.Voting for the 13th Parliamentary elections begins. pic.twitter.com/DQTqJlTxyv
— ANI (@ANI) February 12, 2026
बांग्लादेश में सरकार बनाने के लिए पार्टी या गठबंधन के पास जातीय संसद में कम से कम 151 सीटें होनी चाहिए। महिलाओं के लिए रिजर्व 50 सीटों के लिए सदस्य बाद में चुने जाते हैं, इसलिए सरकार बनाने में उनकी कोई भूमिका नहीं होती है। वहीं इन 50 महिलाओं में से कुछ सांसद सत्तारूढ़ पार्टी के द्वारा चुनी जाएंगी। बाकी विपक्षी दलों के द्वारा चुनी जाएंगी।
बांग्लादेश की संसद में कुल 350 सीटें हैं, जिनके सांसदों का कार्यकाल 5 साल का होता है। लोग मतदान करके 300 सदस्य ही चुनते हैं। बाकी 50 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व हैं और अनुपातिक प्रतिनिधित्व के आधार पर 300 सदस्यों के वोट के आधार पर इनका चुनाव होता है। जैसे अगर सत्तारूढ़ पार्टी को संसद में 60 फीसदी सीटें मिलती हैं तो 50 में से 30 महिला सांसद वह चुनेगी। बाकी 20 को विपक्षी दल और दूसरी पार्टियां चुनेंगी। इस बार 299 सीटों के लिए मतदान होगा, क्योंकि एक उम्मीदवार की मौत हो गई है।
बता दें कि बांग्लादेश में आज हो रहे आम चुनाव के लिए 43000 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं और बैलेट पेपर से वोटिंग चल रही है। 80000 सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। करीब 5000 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक (UN और EU से) निगरानी कर रहे हैं।
बांग्लादेश में आज होने वाले आम चुनाव में मतदाता न केवल 350 सदस्यीय संसद चुनेंगे, बल्कि राष्ट्रपति पद को कमजोर करके संसदीय प्रणाली मजबूत करने वाले संवैधानिक संशोधन पर हो रहे जनमत संग्रह के लिए भी वोट देंगे। जनमत संग्रह के जरिए संविधान के अनुच्छेद 48-55 में बदलाव करके राष्ट्रपति की शक्तियां कम की जाएंगी और प्रधानमंत्री को अधिक अधिकार दिए जाएंगे।
परंपरागत 'बेगम बनाम बेगम' (BNP की खालिदा जिया vs अवामी लीग की शेख हसीना) की जगह इस बार अब रेहमान बनाम रेहमान यानी कि BNP के तारीक रेहमान vs जमात के शफीकुर रेहमान बीच मुख्य लड़ाई है। बैन की वजह से आवामी लीग का चुनाव से दूर होना है।
बता दें कि साल 2024 के आम चुनाव में शेख हसीना के नेतृत्व वाली आवामी लीग ने बहुमत हासिल करके सरकार बनाई थी। उस चुनाव का देश की दूसरी बड़ी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और उसके सहयोगी दलों ने बॉयकॉट किया था. 40 फीसदी मतदान हुआ था, लेकिन अगस्त 2024 में छात्र विद्रोह के कारण शेख हसीना की सरकार का पतन हो गया था। फिर नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी थी।










