हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

'भारत-पाकिस्तान लड़ते रहे तो नहीं करेंगे ट्रेड डील', डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी के लिए कही ये बात

डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान का युद्ध रूकवाने का दावा किया है। ट्रंप ने दावा किया उसने ही दोनों देशों के बीच सीजफायर कराया था। उन्होंने दोनों देशों से व्यापार पर बात की है। उन्होंने कहा कि अगर वो एक-दूसरे से लड़ते रहे तो उनसे ट्रेड (व्यापार) डील नहीं की जाएगी।

विज्ञापन
फरवरी 2025 से 21 मिलियन डॉलर फंड को लेकर विवाद चल रहा था।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान का युद्ध रुकवाने का दावा किया है। ट्रंप ने दावा किया उन्होंने ही दोनों देशों के बीच सीजफायर कराया था। इसके लिए उन्होंने दोनों देशों से कहा था कि अगर वह आपस में लड़ते रहे तो वो उनसे ट्रेड डील नहीं करेंगे।

पाक जनरल असीम मुनीर पर कही ये बात

नीदरलैंड के हेग में डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को उन्होंने फोन पर ही समाप्त करा दिया था। उन्होंने दोनों देशों से व्यापार पर बात की है। उन्होंने कहा कि अगर वो एक-दूसरे से लड़ते रहे तो उनसे ट्रेड (व्यापार) डील नहीं की जाएगी। पिछले हफ्ते पाकिस्तान के जनरल असीम मुनीर से उन्होंने अपने ऑफिस में मुलाकात की थी।

विज्ञापन

ट्रेड डील समाप्त करने की बात पर मोदी माने

ट्रंप ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके बहुत अच्छे दोस्त हैं। मोदी एक सज्जन व्यक्ति हैं। उन्होंने मोदी को समझाया कि अगर आप लड़ते रहे तो हम ट्रेड डील नहीं करेंगे। इस पर मोदी ने उनसे कहा कि वो ट्रेड डील करना चाहते हैं। इसके बाद ट्रंप ने दावा किया हमने दोनों देशों के बीच परमाणु युद्ध रोका है।

डोनाल्ड ट्रंप ने पुतिन को लेकर किया बड़ा दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन को लेकर भी बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि ईरान और इजरायल के बीच सीजफायर में मदद करने के लिए पुतिन ने उन्हें फोन किया था, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने पुतिन से यूक्रेन युद्ध के लिए उनकी मदद करने की बात कही थी।

विज्ञापन

ट्रंप के दबाव में नाटो देशों जताई सहमति

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद नाटो देशों ने बुधवार को अपने रक्षा खर्च में वृद्धि पर सहमति जता दी है। बताया जाता है कि  शिखर सम्मेलन में शामिल NATO देशों के 32 नेताओं ने इस प्रस्ताव पर सहमती जाताते हुए कहा कि सुरक्षा संबंधी व्यय पर प्रतिवर्ष जीडीपी का 5 प्रतिशत खर्च किया जाएगा। इस दौरान नेताओं ने फिर से नाटो की सामूहिक सुरक्षा गारंटी, यानी अनुच्छेद 5, के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है, जिसमें कहा गया है कि “एक पर हमला, सभी पर हमला” है।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola