26 अगस्त 2026 के बाद नेपाल में फिर भयंकर जलप्रलय आई, जिसने खूब तबाही भी मचाई है. इस बार मनासलू ट्रेकिंग एरिया में बहने वाली बूढ़ी गंडकी नदी में रविवार सुबह करीब 4 बजे ऊपर से सैलाब आया, जिसकी चपेट में आने से 40 घर और 6 पुल बह गए. 10 लोग लापता बताए गए हैं और 150 के करीब टूरिस्ट फंसे हुए हैं. हालांकि समय रहते अलर्ट जारी करके लोगों को सुरक्षित जगहों पर ऊंचे इलाकों में जाने को कहा गया था, इसलिए जानी नुकसान ज्यादा नहीं हुआ, लेकिन फिर भी लोग सैलाब की चपेट में आ गए. वहीं नदी के रास्ते में आने वाले घर, सड़कें और पुल बह गए. वहीं बिजली परियोजनाओं को भी काफी नुकसान पहुंचा है.
सैलाब में बह गईं चुमलिंग और लोकपा बस्ती
मिली जानकारी के अनुसार, नेपाल की सेना और रेस्क्यू एजेंसियों ने 49 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया है. नदी में आए सैलाब ने चुमलिंग और लोकपा बस्तियों को चपेट में लिया और लोगों के घर तबाह कर दिए. हालांकि अभी तक नदी में अचानक सैलाब आने की वजह पता नहीं चली है, लेकिन कहा जा रहा है कि अचानक लैंडस्लाइड होने से भारी मात्रा में पानी और मिट्टी बहकर आई, जिससे नदी भर गई और बाढ़ के हालात बन गए. अचानक आए सैलाब में उंगिलुंग नदी के तट पर काम कर रही 2 महिलाएं और 3 पुरुष बह गए. कुछ चरवाहे और उनके जानवर भी लापता हैं. 40 घर और एक स्कूल बह गया है और कई मकानों के ढहने का खतरा भी पैदा हो गया है.
बूढ़ी गंडकी जलविद्युत परियोजना क्षतिग्रस्त
बता दें कि बूढ़ी गंडक नदी में आए सैलाब ने सल्लेरी में निर्माणाधीन 341 मेगावाट की बूढ़ी गंडकी जलविद्युत परियोजना को नुकसान पहुंचाया है. सैलाब में परियोजना का निर्माण शिविर बह गया और निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को भी तबाह कर दिया है. सैलाब के कारण अरुघाट इलाके में बूढ़ी गंडकी नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार करके 5 मीटर से 8.4 मीटर तक पहुंच गया. नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने धादिंग, तनाहुन, चितवन और पूर्वी पश्चिमी नवलपरासी जिलों में अलर्ट जारी करके लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने की सलाह दी है. त्रिशूली और नारायणी नदियों के तटीय इलाकों में बसे लोगों को भी नदी किनारों से दूर रहने को कहा है.