दिल्ली में आज INDIA ब्लॉक के मार्च से पहले कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने विपक्ष के CEC विरोधी सुरों में सुर मिलाया है. उन्होंने अपने X हैंडल पर एक पोस्ट लिखी है, जिसमें उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों पर अपने विचार व्यक्त किए हैं. उन्होंने पोस्ट में रामधारी सिंह दिनकर की एक कविता की पंक्तियां लिखी हैं कि सिंहासन खाली करो, जनता आती है. एक अन्य पोस्ट में उन्होंने राहुल गांधी की टिप्पणियों का समर्थन करते हुए लिखा कि यह सरकार जाएगी. शशि थरूर की दोनों पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही हैं. वहीं एक पोस्ट में शशि थरूर ने एक वीडियो भी शेयर किया है, जिसमें उन्होंने लोगों को INDIA ब्लॉक मार्च की जानकारी दी.
मोदी सरकार के फैसलों का समर्थन करते रहे हैं शशि थरूर
बता दें कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पिछले एक सप्ताह से विरोध प्रदर्शन कर रही है, लेकिन शशि थरूर इससे दूर रहे हैं और न ही वे आंदोलन में कांग्रेस सांसदों के साथ नजर आए. क्योंकि पिछले कई महीनों में राजनयिक से राजनेता बने शशि थरूर ने कई मुद्दों पर भाजपा के नेतृत्व वाली मोदी सरकार के रुख का समर्थन किया है, जिसमें मई 2025 में पाकिस्तान के साथ सैन्य संघर्ष, ऑपरेशन सिंदूर शामिल है. शनिवार को भी उन्होंने X पर पोस्ट लिखकर केंद्र सरकार द्वारा की गई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी थी और लिखा था कि आज के युवाओं को भी वही सबक सिखाने के लिए धन्यवाद, मोदीजी! लेकिन आज सोमवार को शशि थरूर अपनी पार्टी कांग्रेस का समर्थन करते नजर आए.
सांसद जॉन ब्रिटास के साथ दिल्ली पुलिस के व्यवहार की निंदा
शशि थरूर ने अपनी पोस्ट में स्पष्ट रूप से उस व्यक्ति या संस्था का नाम नहीं बताया, जिसका लिए उन्होंने सिंहासन शब्द का इस्तेमाल किया, लेकिन उनकी पोस्ट को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच सत्तापक्ष के लिए संदेश माना जा रहा है. शशि थरूर ने दिल्ली पुलिस के द्वारा CPI (M) सांसद जॉन ब्रिटास के साथ किए गए व्यवहार की निंदा भी की. उन्होंने X पोस्ट में लिखा कि जॉन ब्रिटास सम्मानित सांसद और विदेशी मामलों की संसदीय स्थायी समिति के सदस्य हैं. इसके अध्यक्ष के रूप में मैं इतने प्रतिष्ठित सांसद के साथ दुर्व्यवहार की निंदा करता हूं और दिल्ली पुलिस से इस घटना की जांच करने का आह्वान करता हूं. एक सांसद के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पर कार्रवाई होनी चाहिए.
दिल्ली पुलिस ने कई पूर्व मुख्यमंत्रियों को हिरासत में लिया
शशि थरूर ने पोस्ट में लिखा कि लोकतंत्र में पुलिसिंग के लिए कुछ नियम होते हैं, जिनका पालन किया जाना चाहिए. दिल्ली पुलिस ने 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान विपक्षी नेताओं, पूर्व मुख्यमंत्रियों, छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया. हिरासत में लिए गए लोगों में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार, CPI (M) महासचिव एमए बेबी, राजद सांसद मनोज झा और CPI(ML) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य शामिल हैं. अभिजीत दिपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान में घुसकर हिरासत में लिया गया था.