'पटाखों से भगवान भी हैरान हो जाएंगे', सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान उठी दलील, अदालत ने की अहम टिप्पणी

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण और पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. अदालत ने कहा कि लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाए बिना एक संतुलित और व्यावहारिक रास्ता निकाला जाएगा. बहस के दौरान वकील ने कहा कि पटाखे फोड़ना धर्म का हिस्सा नहीं है, इस पर ‘भगवान भी हैरान हो जाएंगे’.

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दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण और पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. CREDIT: AI/ supreme court of india

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण और त्योहारों के दौरान पटाखों के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई. शीर्ष अदालत ने साफ किया है कि वह इस मुद्दे पर विचार करते हुए एक ‘संतुलित दृष्टिकोण’ अपनाएगी ताकि किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचे. मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि लोगों से अपील करने और पटाखों के इस्तेमाल के लिए एक तय समय सीमा तय करने पर विचार करने के लिए अभी पर्याप्त समय है.

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‘धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाएंगे’

सुनवाई के दौरान CJI ने कहा, “हम धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाएंगे, लेकिन हम देखेंगे कि संतुलित दृष्टिकोण क्या हो सकता है.” अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि इस गंभीर मुद्दे पर व्यावहारिक रुख अपनाने की जरूरत है. साथ ही जनता में जागरूकता और नागरिकों की जिम्मेदारी भी उतनी ही जरूरी है. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अगर आम नागरिक और समाज मौजूदा हालात को समझें और अपनी जिम्मेदारी निभाएं, तो यह काफी मददगार साबित होगा.

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पटाखों और धर्म के जुड़ाव पर तीखी बहस

कार्यवाही के दौरान पटाखों और धर्म के जुड़ाव पर तीखी बहस देखने को मिली. एक वकील ने दलील दी कि पटाखे फोड़ना धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार में नहीं आता. वकील ने कहा कि पूजा-पाठ करना आस्था की बात है, लेकिन पटाखे फोड़ना धर्म का हिस्सा नहीं हो सकता. वकील ने कहा, “पटाखों पर तो भगवान भी हैरान हो जाएंगे.” पीठ में शामिल न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची ने सवाल किया कि आखिर पटाखों को धर्म से क्यों जोड़ा जा रहा है और इसका धर्म से क्या संबंध है?

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CJI ने किया व्यावहारिक दिक्कत का जिक्र

CJI सूर्यकांत ने इस दौरान एक व्यावहारिक दिक्कत का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे ही सुप्रीम कोर्ट दिल्ली-एनसीआर में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला करता है, लोग दिन के समय भी पटाखे फोड़ना शुरू कर देते हैं. अदालत ने संकेत दिया कि समय को सीमित करने जैसे व्यावहारिक समाधान निकाले जा सकते हैं. इससे पहले 30 सितंबर को एक अन्य पीठ ने भी कुछ शर्तों के साथ पटाखों की अनुमति देने के सुझाव पर विचार करने की बात कही थी. फिलहाल बेरियम आधारित पटाखों पर सीपीसीबी की रिपोर्ट का इंतजार है और अदालत सभी पक्षों को ध्यान में रखकर फैसला लेने की तैयारी में है.

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Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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