अब कोई भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन नहीं कर पाएगा. दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पर रोक लगा दी है. दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को प्रदर्शन करने वाली जगहों की लिस्ट से हटा दिया है. इसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा है कि अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा.
दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा है, ‘उन्होंने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की तय जगह के तौर पर हटा दिया है. हां, अब यह विरोध-प्रदर्शन की जगह नहीं रही, क्योंकि वैसे भी उस कायर तानाशाह ने इसे युद्ध का मैदान बना दिया था. अब पूरा देश जंतर-मंतर बनेगा!’
एक दूसरे पोस्ट में उन्होंने लिखा है, ‘आज मोदी ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की तय जगह के तौर पर हटा दिया. कल वे लोकतंत्र को ही खत्म कर देंगे. तानाशाह को कभी विरोध-प्रदर्शन की जगह से दिक्कत नहीं थी. उन्हें दिक्कत इस बात से है कि लोग विरोध क्यों कर रहे हैं.’
अभिजीत दीपके का यह बयान दिल्ली पुलिस के उस सर्कुलर के बाद आया है, जिसमें जंतर-मंतर को धरनास्थलों की सूची से हटाए जाने की जानकारी दी है.
दीपके के अलावा, कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्य सौरव दास ने भी जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने पर सवाल किया. उन्होंने पूछा कि नरेन्द्र मोदी जंतर-मंतर से क्यों डरते हैं? साथ ही कहा कि हम इस मनमाने फैसले को स्वीकार नहीं करते, यह लोगों के विरोध करने के अधिकार पर हमला है.
दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शन करने के लिए जंतर-मंतर को लिस्ट से हटाकर उसकी जगह तीन नए स्थान इसके लिए निर्धारित किए हैं. पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने इस संबंध में स्थायी आदेश जारी किया है. इसके मुताबिक विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए हैं. इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी मैदान शामिल हैं.
आदेश के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मौजूदा निर्धारित स्थल के विकल्प के तौर पर विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए उपयुक्त स्थानों की समीक्षा करने के वास्ते एक समिति गठित की थी. आदेश में कहा गया है कि समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थल के रूप में गैर अधिसूचित किया गया है. इसके अलावा रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन नए स्थानों के तौर पर तय किया गया है.
पुलिस के अनुसार, इन तीनों स्थानों पर विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित करने के लिए विस्तृत एवं संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अलग से जारी की जाएगी. यह आदेश 28 अप्रैल 2022 को जारी पिछले स्थायी आदेश में आंशिक संशोधन के तौर पर जारी किया गया है.