Gaurav Pandey
लिखने-पढ़ने का शौक है। राजनीति में दूर-दूर से रुचि है। अखबार की दुनिया के बाद अब डिजिटल के मैदान में हूं। आठ साल से ज्यादा समय से देश-विदेश की खबरें लिख रहा हूं। दैनिक जागरण और अमर उजाला जैसे संस्थानों में सेवाएं दी हैं।
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BJP In UP : उत्तर प्रदेश में भाजपा को लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा उपचुनाव में भी एक तरह से निराशा ही मिली थी। अब पार्टी की नजर राज्य में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर है। लेकिन, भाजपा इस समय प्रदेश में अंदरूनी कलह का सामना कर रही है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
इससे भाजपा के खेमे में तो तनाव का माहौल है लेकिन विपक्षी दलों के चेहरों पर इससे मुस्कान आ गई है। लोकसभा और उप चुनाव में पहले से कहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाली कांग्रेस और सपा का दावा है कि अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा को यूपी में जीत नहीं मिलने वाली है। इस बीच वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष ने न्यूज24 के स्पेशल प्रोग्राम में इस चुनाव को लेकर अपना रुख रखा।
आशुतोष ने कहा कि सपा और कांग्रेस ने मिल कर जो पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक यानी पीडीए का फॉर्मूला निकाला है इसका विस्तार 2027 में योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी के लिए मुश्किलें खड़ी कर देगा। अखिलेश यादव को बहुत हल्के में लिया गया है। उन्होंने जिस तरह से उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिए समाजवादी पार्टी की राजनीति में बदलाव किया, वह अभूतपूर्व है।
उन्होंने आगे कहा कि सपा ने अपने चुनावी प्रदर्शन में कंसिस्टेंसी बनाए रखी है। इसके पीछे का कारण है कि उन्होंने भाजपा की ध्रुवीकरण की राजनीति को बदलने का काम किया है। सपा ने जाति के आधार पर टिकट देने की परंपरा को तोड़ने का काम भी किया है। अगले चुनाव में सपा की स्थिति मजबूत होगी। अगर सपा यही रुख बनाए रखती है तो भाजपा को काफी दिक्कत होगी।
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