---विज्ञापन---

Tamilnadu Karur rally stampede: भगदड़ में मौत के बाद क्या परिवारों को मिल सकता है टर्म इंश्योरेंस क्लेम? जानें क्या है नियम

भगदड़ में हुई मौतों के बाद क्या मृतकों के परिवारों को टर्म इंश्योरेंस और पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस क्लेम मिलता है. जानिए क्लेम के नियम प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और कब बीमा राशि नहीं मिल सकती इसकी जानकारी.

---विज्ञापन---

Tamilnadu Karur rally stampede: तमिलनाडु के करूर में हुई रैली में भगदड़ मची, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत 39 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए. इस हादसे ने परिवारों को भावनात्मक और आर्थिक दोनों रूप से झकझोर दिया. तमिलनाडु सरकार ने मृतकों के परिवारों को 10-10 लाख रुपये और घायलों को 1-1 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की. ऐसे में ये सवाल भी सामने खड़ा होता है कि क्या भगदड़ में मौत पर इंश्‍योरेंस का पैसा (Stampede Life Insurance Claim) मिलता है.

भगदड़ में मौत और बीमा कवरेज

आमतौर पर भगदड़ में हुई मौत को ‘Accidental Death’ यानी दुर्घटना में मौत माना जाता है. ऐसे में Term Insurance या Personal Accident Insurance के तहत परिवार या नॉमिनी को बीमा राशि मिल सकती है. बीमा कंपनियां इसे अचानक और अप्राकृतिक मौत मानती हैं, जो सामान्यतः पॉलिसी के तहत कवर होती है.

---विज्ञापन---

कब क्लेम मिल सकता है

बीमा क्लेम पाने के लिए सबसे जरूरी शर्त यह है कि पॉलिसी सक्रिय हो और मौत अचानक, अप्रत्याशित और भगदड़ के कारण हुई हो. सामान्य टर्म इंश्योरेंस और पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस दोनों में यह लागू होता है. आम तौर पर क्लेम के लिए डेथ सर्टिफिकेट, पुलिस रिपोर्ट या पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घटना का सत्यापन जरूरी होता है.

क्लेम प्रक्रिया

बीमा कंपनी को तुरंत मौत की जानकारी देना जरूरी होता है. क्लेम के लिए आम तौर पर ये दस्तावेज जमा करने पड़ते हैं:

---विज्ञापन---
  • मृत्यु प्रमाण पत्र (Death Certificate)
  • पॉलिसी डॉक्यूमेंट
  • First Information Report (FIR)
  • पोस्टमार्टम रिपोर्ट (यदि लागू हो)
  • क्लेम करने वाले व्यक्ति की पहचान प्रमाण

इन दस्तावेजों के आधार पर बीमा कंपनी मौत के कारण और पॉलिसी की स्थिति की पुष्टि करती है.

कब क्लेम नहीं मिलेगा

LIC के डेवलपमेंट ऑफिसर मोहनलाल वर्मा ने बताया कि बीमा कंपनी क्लेम रिजेक्ट कर सकती है यदि व्यक्ति किसी गैरकानूनी गतिविधि, अवैध सभा या नशे जैसी स्थिति में शामिल था. कुछ पॉलिसियों में विशेष रूप से भगदड़ या सिविल अनरेस्ट जैसी घटनाओं को एक्सक्लूड किया गया हो, तो उस स्थिति में भी क्लेम नहीं मिलेगा.

---विज्ञापन---

विशेष ‘Stampede Insurance’ पॉलिसी

कुछ बीमा कंपनियां Stampede Insurance भी देती हैं, जिसमें भगदड़ में मौत, चोट, विकलांगता और एंबुलेंस खर्च जैसी सुविधाएं शामिल होती हैं. यह पॉलिसी विशेष रूप से इस तरह की परिस्थितियों के लिए बनाई गई है.

विशेषज्ञ सलाह लेना जरूरी

अगर मामला जटिल हो या क्लेम में विवाद हो, तो बीमा सलाहकार या विशेषज्ञ की मदद लेना फायदेमंद होता है. वे पॉलिसी की शर्तें समझने, डॉक्यूमेंट तैयार करने और सही प्रक्रिया अपनाने में मदद कर सकते हैं.

---विज्ञापन---

भगदड़ में हुई मौत को आम तौर पर Accidental Death माना जाता है और परिवारों को टर्म इंश्योरेंस या व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का लाभ मिल सकता है. ध्यान रहे कि पॉलिसी की शर्तें सही तरीके से पढ़ना और सभी दस्तावेज समय पर जमा करना बेहद जरूरी है.

ये भी पढ़ें- तमिलनाडु में एक्टर विजय की रैली में मची भगदड़, 36 लोगों की हुई मौत, पीएम मोदी ने जताया शोक

---विज्ञापन---

बता दें, तमिलनाडु वेत्री कड़गम (टीवीके) के नेता विजय की यह रैली करूर के वेलुसामीपुरम में शनिवार शाम 7:20 बजे शुरू हुई थी. जैसे-जैसे रैली आगे बढ़ी, भीड़ तेजी से बढ़ती गई और यह भगदड़ में बदल गई, जिसमें कई लोगों की जान चली गई.

First published on: Sep 28, 2025 11:34 AM

End of Article

About the Author

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola