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जम्मू में मानसून न रोक दे ट्रेन की रफ्तार, नॉदर्न रेलवे ने की सुरक्षित यात्रा की जबरदस्त तैयारी

Northern Railway’s Monsoon Action Plan: मानसून शुरू होते हैं जम्मू एरिया में रेलवे की सर्विस में अक्सर परेशानी पैदा हो जाती है, जिसको लेकर इस साल नॉदर्न रेलवे ने भारी बारिश से निपटने के लिए जरूरी तैयारी की है.

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मुख्य बिंदु

  • जम्मू डिवीजन ने सुरक्षित ट्रेन संचालन के लिए मानसून की तैयारी पूरी कर ली है.
  • ट्रैक, पुल, सुरंग और ड्रेनेज सिस्टम की अच्छी तरह से जांच की गई है.
  • भूस्खलन और जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है.
  • जरूरी जगहों पर आपातकालीन मरम्मत का सामान जमा करके रखा गया है.
  • सफर से जुड़ी मदद के लिए ‘रेल मदद’ हेल्पलाइन 139 का यूज करने की सलाह दी जाती है.

Jammu Division Completes Monsoon Safety Preparations: नॉर्दर्न रेलवे के जम्मू डिवीजन ने बारिश के मौसम में ट्रेनों की सुरक्षित और बिना रुकावट आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए मॉनसून की तैयारी का अपना व्यापक प्रोग्राम पूरा कर लिया है. रेलवे अधिकारियों ने बताया कि नॉर्दर्न रेलवे हेडक्वार्टर द्वारा जारी मॉनसून सुरक्षा गाइडलाइंस के मेंटनेंस, ट्रैक, पुलों और अन्य जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े पैमाने पर मेंटनेंस का काम किया गया है.

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पैसेंजर सेफ्टी को प्रायोरिटी

जम्मू डिवीजन की तरफ से तैयार किए गए खास मॉनसून एक्शन प्लान के तहत यात्रियों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा प्रायोरिटी दी गई है. इस पहल के हिस्से के तौर पर, भारी बारिश शुरू होने से पहले रेलवे की टीमों ने सभी पुलों, सुरंगों, ट्रैक और उनसे जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की अच्छी तरह से जांच की है. अधिकारियों ने कहा कि इन एहतियाती उपायों का मकसद रुकावटों को कम करना और मॉनसून के दौरान ट्रेनों की भरोसेमंद सर्विस बनाए रखना है.

पानी की निकाली का इंतेजाम

पानी जमा होने के जोखिम को कम करने के लिए, रेलवे अधिकारियों ने स्टेशनों, रेलवे यार्ड और रेलवे ट्रैक के किनारे बने साइड ड्रेन और कैच-वॉटर ड्रेन की सफाई की है. पानी की सही निकासी से बाढ़ को रोकने और भारी बारिश के दौरान भी ट्रेनों की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है.

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क्विक एक्शन की तैयारी

जम्मू डिवीजन ने ऐसी जगहों की भी पहचान की है जहां भूस्खलन और जलभराव का खतरा है. इन सेंसेटिव हिस्सों पर बारीकी से नजर रखने के लिए चौबीसों घंटे वॉचमैन और ट्रैक पेट्रोल स्टाफ की तैनाती के इंतेजाम किए गए हैं. उनकी जिम्मेदारी होगी कि वो किसी भी असामान्य घटना की तुरंत रिपोर्ट करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने में मदद करें.

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अस्थायी मरम्मत कैसे होगी?

आपातकालीन तैयारी को बेहतर बनाने के लिए, नॉर्दर्न रेलवे ने जरूरी मरम्मत का सामान जैसे पत्थर, रेत की बोरियां और लकड़ी के स्लीपर रणनीतिक जगहों पर जमा किए हैं. भारी बारिश से रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचने की स्थिति में इन सामानों का इस्तेमाल ट्रैक की अस्थायी मरम्मत के लिए किया जा सकता है, जिससे ऑपरेशन को जल्द से जल्द बहाल करने में मदद मिलेगी.

ब्रिज मॉनिटरिंग सिस्टम

चुनिंदा पुलों पर पानी के स्तर और पुल की नींव के आसपास कटाव की स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए खास मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाए गए हैं. इसके अलावा, पिछले मॉनसून सीजन के दौरान प्रभावित हुए पुलों की मरम्मत और मजबूती का काम पहले ही पूरा हो चुका है.

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आपदा प्रबंधन भी रेडी

डिविजनल रेलवे मैनेजर विवेक कुमार ने कहा कि मॉनसून के दौरान सुरक्षित रेलवे ऑपरेशन सुनिश्चित करने के लिए सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि तकनीकी टीमें और आपदा प्रबंधन कर्मचारी किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

यात्रियों को सलाह

रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों को सलाह दी है कि वो अपनी यात्रा शुरू करने से पहले मौसम से जुड़ी यात्रा की जानकारी लेते रहें. पैसेंजर्स को सलाह दी गई है कि वे जरूरत पड़ने पर मदद, सर्विस की जानकारी या इमरजेंसी सपोर्ट के लिए रेल मदद हेल्पलाइन 139 का इस्तेमाल करें. इन एहतियाती उपायों के साथ, नॉर्दर्न रेलवे का मकसद मॉनसून के मुश्किल मौसम के बावजूद सुरक्षित, भरोसेमंद और बिना रुकावट ट्रेन सर्विस बनाए रखना है.

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निष्कर्ष

नॉर्दर्न रेलवे की मॉनसून की बड़ी तैयारी बारिश के मौसम में यात्रियों की सुरक्षा और बिना रुकावट ट्रेन सेवाएं सुनिश्चित करने को लेकर उनकी कमिटमेंट को दिखाती है. बुनियादी ढांचे को मजबूत करके, ड्रेनेज में सुधार करके, निगरानी टीमें तैनात करके और आपातकालीन संसाधन तैयार रखकर, जम्मू डिवीजन ने मौसम से जुड़ी रुकावटों को कम करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं. लगातार निगरानी और तालमेल के साथ काम करने वाले सिस्टम से आपातकालीन स्थितियों से तेजी से निपटने में मदद मिलेगी, जबकि यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम की स्थिति के बारे में अपडेट रहें और सुरक्षित रेल यात्रा के लिए ऑफिशियल ट्रैवल एडवाइजरी को फॉलो करें.

Frequently Asked Questions

ये प्लान मॉनसून के मौसम में सुरक्षित और बिना रुकावट ट्रेन संचालन सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया है.
रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए ट्रैक, पुल और सुरंगों की जांच की है और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई की है.
भूस्खलन और जलभराव की आशंका वाली जगहों पर चौबीसों घंटे वॉचमैन और पेट्रोलिंग स्टाफ तैनात किया गया है.
जरूरत पड़ने पर क्षतिग्रस्त ट्रैक की तेजी से मरम्मत के लिए बोल्डर, रेत की बोरियाँ और लकड़ी के स्लीपर जमा करके रखे गए हैं.
यात्री यात्रा की जानकारी, मदद और आपातकालीन सहायता के लिए 'रेल मदद' हेल्पलाइन 139 पर संपर्क कर सकते हैं.
First published on: Jul 07, 2026 07:18 PM

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About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

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