ESIC Card Aadhaar Link : नौकरीपेशा कर्मचारियों और ईएसआईसी (ESIC) लाभार्थियों के लिए बेहद जरूरी अपडेट आया है. अब सभी ईएसआईसी कार्ड धारकों के लिए अपने पहचान कार्ड को आधार से लिंक और ऑथेंटिकेट कराना अनिवार्य कर दिया गया है. ऐसा न करने पर भविष्य में स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य ईएसआईसी लाभों को लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. अच्छी बात यह है कि इसके लिए आपको किसी दफ्तर के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है. आप घर बैठे ही अपने मोबाइल या कंप्यूटर की मदद से इसे मिनटों में पूरा कर सकते हैं.
Ration Card Rules: परिवार से अलग राशन कार्ड कब और कैसे बनवाएं? जानें कुंवारे लोगों के लिए क्या हैं नियम
ऑनलाइन आधार लिंक करने का आसान तरीका
- पोर्टल पर जाएं और लॉगिन करें: सबसे पहले ईएसआईसी के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं. वहां ‘Insured Person (IP)’ सेक्शन में अपना यूजर आईडी और पासवर्ड डालकर लॉगिन करें.
- आधार सीडिंग विकल्प चुनें: लॉगिन करने के बाद स्क्रीन पर “Aadhaar Seeding for IP” का विकल्प दिखाई देगा. इस पर क्लिक करें.
- लाभार्थी चुनें: आपके सामने लाभार्थियों की सूची खुलेगी. इसमें अपना नाम देखें और उसके सामने दिए गए “Click Here to Seed Aadhaar” विकल्प पर क्लिक करें.
- विवरण दर्ज करें: इसके बाद मांगी गई जगह पर अपना आधार नंबर सावधानीपूर्वक दर्ज करें और ऑथेंटिकेशन प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं.
- OTP से करें वेरिफाई: आपके आधार से जुड़े रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा. इस ओटीपी को पोर्टल पर दर्ज कर सबमिट करें.
ओटीपी सबमिट होते ही आपका ऑथेंटिकेशन पूरा हो जाएगा और ईएसआईसी कार्ड के साथ आधार सफलतापूर्वक लिंक हो जाएगा. समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि किसी भी आपात स्थिति में बिना रुकावट मुफ्त इलाज और अन्य सरकारी लाभ मिलते रहें.
ईएसआई कार्ड क्या है और इसके फायदे?
ईएसआई कार्ड कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) द्वारा जारी किया जाने वाला पहचान पत्र है. यह इस बात का प्रमाण है कि आप ईएसआई योजना के तहत पंजीकृत हैं. इससे आपको और आपके परिवार का ईएसआईसी अस्पताल और डिस्पेंसरी में ओपीडी (OPD) और भर्ती होने पर सारा इलाज मुफ्त होता है. डॉक्टर की सलाह पर मिलने वाली सभी दवाइयां, एक्स-रे, ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड पूरी तरह मुफ्त हैं. कर्मचारी के साथ-साथ उसकी पत्नी, पति, बच्चों और आश्रित माता-पिता का इलाज भी इसमें शामिल है. गंभीर बीमारी या बेड रेस्ट मिलने पर इलाज के दौरान कुछ महीनों तक सैलरी का 70% तक हिस्सा मिलता है. गर्भवती महिला कर्मचारियों को प्रसव के दौरान 6 महीने तक लगभग पूरी सैलरी का भुगतान किया जाता है. ड्यूटी के दौरान चोट लगने या विकलांगता पर औसत वेतन का 90% तक वित्तीय सहायता मिलती है.
Aadhaar Mobile Number Update: घर बैठे ऐप से कैसे बदलें आधार में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर? जानें step-by-step तरीका