हमारे देश में अक्सर लोग बैंड-बाजा, बारात और सात फेरों के साथ धूमधाम से शादी तो कर लेते हैं, लेकिन जब बात आती है मैरिज सर्टिफिकेट (Marriage Certificate) बनवाने की, तो इसे सरकारी झंझट समझकर टाल देते हैं. समाज और धर्म भले ही आपके रीति-रिवाजों को मान ले, लेकिन कानून और सरकार सिर्फ और सिर्फ कागजी सबूत मानती है.
अगर आपकी भी शादी हो चुकी है और आपने अभी तक विवाह पंजीकरण (Marriage Registration) नहीं कराया है, तो जान लीजिए कि आप कई बड़े वित्तीय और कानूनी फायदों से चूक रहे हैं. आइए, समझते हैं कि यह एक छोटा सा कागज आपके कितने बड़े-बड़े काम आसान कर सकता है.
मैरिज रजिस्ट्रेशन क्यों है जरूरी
होम लोन और टैक्स में तगड़ी छूट
अगर आप अपने सपनों का आशियाना खरीदने की सोच रहे हैं, तो मैरिज सर्टिफिकेट आपकी जेब के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है. अगर पति-पत्नी मिलकर Joint Home Loan के लिए अप्लाई करते हैं, तो दोनों की कमाई जोड़ ली जाती है. इससे आपको ज्यादा लोन मिल सकता है और बैंक ब्याज दरों में भी छूट दे देते हैं. इनकम टैक्स की धारा 80C और 24 के तहत पति-पत्नी दोनों अलग-अलग लोन रीपेमेंट पर 7 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं.
अगर आप प्रॉपर्टी अपनी पत्नी के नाम पर खरीदते हैं, तो कई राज्यों में स्टाम्प ड्यूटी (Stamp Duty) में 1% से 2% की सीधी छूट मिलती है. लाखों की रजिस्ट्री में 1-2% का मतलब होता है सीधे हजारों रुपये की बचत.
पासपोर्ट, वीजा और बैंकिंग का रास्ता साफ
अगर आपको शादी के बाद विदेश जाना है (जॉब, पढ़ाई या डिपेंडेंट वीजा पर), तो मैरिज सर्टिफिकेट के बिना एम्बेसी आपके वीजा पर ब्रेक लगा सकती है. यहां तक कि जीवन बीमा, पीएफ (PF) या बैंक खाते में पार्टनर को नॉमिनी बनाने या क्लेम का पैसा पाने के लिए यह सबसे ठोस कानूनी सबूत होता है. इसके बिना बाद में लीगल हायर (Legal Heir) सर्टिफिकेट बनवाने के चक्कर काटने पड़ सकते हैं.
कानूनी अधिकार और विवादों से सुरक्षा
शादी सिर्फ दो लोगों का मिलन नहीं, बल्कि कई कानूनी अधिकारों की शुरुआत भी है. पति की संपत्ति पर कानूनी अधिकार साबित करने के लिए यह सर्टिफिकेट सबसे अहम माना जाता है. तलाक, भरण-पोषण (Alimony) या बच्चों की कस्टडी जैसे कानूनी मामलों में मैरिज सर्टिफिकेट के आधार पर ही अदालत में मामले का तेजी से निपटारा होता है.
रजिस्ट्रेशन कराने का सबसे आसान तरीका
अब मैरिज सर्टिफिकेट बनवाने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है. प्रक्रिया बहुत आसान हो चुकी है:
जरूरी डाक्यूमेंट्स तैयार रखें:
- पति और पत्नी दोनों के आधार कार्ड
- शादी का कार्ड (Wedding Card) और शादी समारोह की तस्वीरें
- कम से कम 2 गवाह (Witnesses) उनके पहचान पत्र के साथ
ऑनलाइन/ऑफलाइन अप्लाई करें:
– अपने राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट (e-District) पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरें.
– या फिर अपने नजदीकी एसडीएम (SDM) ऑफिस/सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में जाकर सीधे आवेदन जमा करें.
– कागजातों के वेरिफिकेशन और एसडीएम ऑफिस में एक छोटी सी उपस्थिति के बाद कुछ ही दिनों में आपका मैरिज सर्टिफिकेट बनकर तैयार हो जाता है.
शादी के कार्ड और एलबम सिर्फ यादों के लिए अच्छे हैं, लेकिन जब बात बैंक, टैक्स, लोन या कानून की आए, तो मैरिज सर्टिफिकेट ही आपका सबसे सच्चा साथी है. तो देर किस बात की? आज ही अपना मैरिज रजिस्ट्रेशन कराएं और निश्चिंत हो जाएं.