Gold Silver Price Crash: सोने और चांदी की कीमतों में खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. चालू सप्ताह और जुलाई महीने में सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने का भाव अपने उच्चतम स्तर से करीब ₹60,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी रिकॉर्ड हाई से ₹2.03 लाख से अधिक सस्ती मिल रही है. आज घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव गिरकर ₹1,41,159 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,15,474 प्रति किलो पर आ गई है.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर 1 किलोग्राम चांदी 2.03 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हुई. शुक्रवार को बाजार बंद होने से पहले सप्ताह के 5 दिन में 4 सितंबर को एक्सपायर होने वाली चांदी का रेट 6215 रुपये गिरा. 10 जुलाई को 1 किलो चांदी का रेट 222664 रुपये था तो 17 जुलाई को रेट 216449 रुपये रहा.
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जुलाई के 19 दिन कितना टूटा रेट
भारतीय बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी आधिकारिक रेट लिस्ट के अनुसार एक जुलाई से 19 जुलाई तक चांदी के वायदा भाव का देखें तो 1 जुलाई को MCX पर चांदी का रेट 230384 रुपये प्रति किलो था, जो 19 जुलाई तक 13935 रुपये गिरा. जनवरी 2026 में चांदी का रेट इतिहास में पहली बार हाई लेवल 420048 रुपये प्रति किलो तक गया और जुलाई आते-आते यह 203599 रुपये सस्ती हो गई.
24 कैरेट गोल्ड सोना: ₹1,41,159 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट गोल्ड : ₹1,37,770 प्रति 10 ग्राम
20 कैरेट गोल्ड: ₹1,25,630 प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट गोल्ड : ₹1,14,340 प्रति 10 ग्राम
14 कैरेट गोल्ड: ₹91,050 प्रति 10 ग्राम
कीमतें अचानक क्रैश होने का मुख्य कारण
आमतौर पर घरेलू मांग बढ़ने से त्योहारों से पहले कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन जुलाई 2026 में आई इस भयंकर गिरावट के पीछे दो बड़े वैश्विक वित्तीय कारण काम कर रहे हैं.
रिकॉर्ड हाई स्तर से भारी मुनाफावसूली
जनवरी 2026 में चांदी अपने ऐतिहासिक शिखर ₹4,20,048 प्रति किलो पर पहुंच गई थी. अत्यधिक ऊंचे भाव होने के कारण वैश्विक संस्थागत निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली शुरू की, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति बढ़ी और कीमतें जुलाई आते-आते आधी से भी कम रह गईं.
डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में सुधार
अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा मुद्रास्फीति नियंत्रण के लिए उठाए गए कदमों से डॉलर सूचकांक में मजबूती आई है. जब डॉलर मजबूत होता है, तो वैश्विक कमोडिटी मार्केट में सोने और चांदी पर दबाव बढ़ता है, जिससे भारतीय बाजारों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की जाती है.
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Gold Silver Price Crash: सोने और चांदी की कीमतों में खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए बड़ी राहत की खबर है. चालू सप्ताह और जुलाई महीने में सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिली है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोने का भाव अपने उच्चतम स्तर से करीब ₹60,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी रिकॉर्ड हाई से ₹2.03 लाख से अधिक सस्ती मिल रही है. आज घरेलू बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव गिरकर ₹1,41,159 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹2,15,474 प्रति किलो पर आ गई है.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर 1 किलोग्राम चांदी 2.03 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हुई. शुक्रवार को बाजार बंद होने से पहले सप्ताह के 5 दिन में 4 सितंबर को एक्सपायर होने वाली चांदी का रेट 6215 रुपये गिरा. 10 जुलाई को 1 किलो चांदी का रेट 222664 रुपये था तो 17 जुलाई को रेट 216449 रुपये रहा.
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जुलाई के 19 दिन कितना टूटा रेट
भारतीय बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन द्वारा जारी आधिकारिक रेट लिस्ट के अनुसार एक जुलाई से 19 जुलाई तक चांदी के वायदा भाव का देखें तो 1 जुलाई को MCX पर चांदी का रेट 230384 रुपये प्रति किलो था, जो 19 जुलाई तक 13935 रुपये गिरा. जनवरी 2026 में चांदी का रेट इतिहास में पहली बार हाई लेवल 420048 रुपये प्रति किलो तक गया और जुलाई आते-आते यह 203599 रुपये सस्ती हो गई.
24 कैरेट गोल्ड सोना: ₹1,41,159 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट गोल्ड : ₹1,37,770 प्रति 10 ग्राम
20 कैरेट गोल्ड: ₹1,25,630 प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट गोल्ड : ₹1,14,340 प्रति 10 ग्राम
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आमतौर पर घरेलू मांग बढ़ने से त्योहारों से पहले कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन जुलाई 2026 में आई इस भयंकर गिरावट के पीछे दो बड़े वैश्विक वित्तीय कारण काम कर रहे हैं.
रिकॉर्ड हाई स्तर से भारी मुनाफावसूली
जनवरी 2026 में चांदी अपने ऐतिहासिक शिखर ₹4,20,048 प्रति किलो पर पहुंच गई थी. अत्यधिक ऊंचे भाव होने के कारण वैश्विक संस्थागत निवेशकों ने बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली शुरू की, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति बढ़ी और कीमतें जुलाई आते-आते आधी से भी कम रह गईं.
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