दमदम उत्तर उत्तर 24 परगना जिले में स्थित एक सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है, जो दमदम लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इस निर्वाचन क्षेत्र में उत्तर दमदम नगरपालिका और न्यू बैरकपुर नगरपालिका के क्षेत्र शामिल हैं। यह पूरी तरह से एक शहरी क्षेत्र है, जहाँ ग्रामीण मतदाता नहीं हैं। कोलकाता के उपनगर के रूप में, यह कोलकाता महानगर विकास प्राधिकरण (KMDA) के अधिकार क्षेत्र में आता है और शहर के बुनियादी ढांचे व नागरिक नियोजन के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है।
चुनावी इतिहास
इस निर्वाचन क्षेत्र का गठन 2008 के परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद 2011 में किया गया था। इससे पहले, यह क्षेत्र बड़े दमदम विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा था। गठन के बाद से अब तक यहाँ तीन बार चुनाव हुए हैं:
2011: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चंद्रिमा भट्टाचार्य ने माकपा (CPI-M) की रेखा गोस्वामी को 19,026 वोटों से हराकर पहली बार जीत दर्ज की।
2016: माकपा ने यह सीट वापस जीत ली, जब तन्मय भट्टाचार्य ने चंद्रिमा भट्टाचार्य को 6,549 वोटों से हराया।
2021: पासा एक बार फिर पलटा और चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भाजपा की डॉ. अर्चना मजूमदार को 28,499 वोटों के अंतर से हराकर वापसी की। भट्टाचार्य वर्तमान में ममता बनर्जी सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं।
बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा
लोकसभा चुनावों के आंकड़ों से पता चलता है कि भाजपा इस क्षेत्र में लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में, इस विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस की बढ़त बहुत कम रही – 2019 में 5,649 वोट और 2024 में 6,302 वोट। ये आंकड़े यहाँ एक कड़े मुकाबले और भाजपा की बढ़ती उपस्थिति की ओर इशारा करते हैं।
मतदाता और टर्नआउट
2021 के विधानसभा चुनावों में यहां पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 273,015 थी। यहां मतदान का प्रतिशत हमेशा ऊंचा रहा है और हाल के चुनावों में यह 80 प्रतिशत से अधिक रहा है।
ऐतिहासिक महत्व और कनेक्टिविटी
ऐतिहासिक रूप से, दमदम का बंगाल के औपनिवेशिक और स्वतंत्रता के बाद के युग में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। यह क्षेत्र कभी 'दमदम आर्सेनल' (शस्त्रागार) का घर था, जहाँ प्रसिद्ध "दमदम गोलियां" बनाई जाती थीं। समय के साथ यह क्षेत्र एक सघन शहरी क्षेत्र में बदल गया है।
कनेक्टिविटी के मामले में यह क्षेत्र सड़क और रेल मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। पास में स्थित दमदम मेट्रो स्टेशन और दमदम जंक्शन रेलवे स्टेशन इसे शहर के मुख्य हिस्से से जोड़ते हैं। हालांकि नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दमदम में स्थित है, लेकिन यह इस विशेष विधानसभा क्षेत्र (दमदम उत्तर) की सीमा में नहीं आता है।
2026 की राह
भाजपा के बढ़ते प्रभाव और माकपा-कांग्रेस गठबंधन की संभावनाओं को देखते हुए, 2026 के विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस के लिए अपनी सीट बरकरार रखना एक बड़ी चुनौती हो सकती है। शहरी चरित्र और बदलते राजनीतिक रुझानों के कारण यह कोलकाता के उत्तरी उपनगरों की सबसे चर्चित सीटों में से एक बनी हुई है।
दमदम उत्तर उत्तर 24 परगना जिले में स्थित एक सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है, जो दमदम लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। इस निर्वाचन क्षेत्र में उत्तर दमदम नगरपालिका और न्यू बैरकपुर नगरपालिका के क्षेत्र शामिल हैं। यह पूरी तरह से एक शहरी क्षेत्र है, जहाँ ग्रामीण मतदाता नहीं हैं। कोलकाता के उपनगर के रूप में, यह कोलकाता महानगर विकास प्राधिकरण (KMDA) के अधिकार क्षेत्र में आता है और शहर के बुनियादी ढांचे व नागरिक नियोजन के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है।
चुनावी इतिहास
इस निर्वाचन क्षेत्र का गठन 2008 के परिसीमन आयोग की सिफारिशों के बाद 2011 में किया गया था। इससे पहले, यह क्षेत्र बड़े दमदम विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा था। गठन के बाद से अब तक यहाँ तीन बार चुनाव हुए हैं:
2011: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की चंद्रिमा भट्टाचार्य ने माकपा (CPI-M) की रेखा गोस्वामी को 19,026 वोटों से हराकर पहली बार जीत दर्ज की।
2016: माकपा ने यह सीट वापस जीत ली, जब तन्मय भट्टाचार्य ने चंद्रिमा भट्टाचार्य को 6,549 वोटों से हराया।
2021: पासा एक बार फिर पलटा और चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भाजपा की डॉ. अर्चना मजूमदार को 28,499 वोटों के अंतर से हराकर वापसी की। भट्टाचार्य वर्तमान में ममता बनर्जी सरकार में वरिष्ठ मंत्री हैं।
बढ़ती राजनीतिक प्रतिस्पर्धा
लोकसभा चुनावों के आंकड़ों से पता चलता है कि भाजपा इस क्षेत्र में लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में, इस विधानसभा क्षेत्र में तृणमूल कांग्रेस की बढ़त बहुत कम रही – 2019 में 5,649 वोट और 2024 में 6,302 वोट। ये आंकड़े यहाँ एक कड़े मुकाबले और भाजपा की बढ़ती उपस्थिति की ओर इशारा करते हैं।
मतदाता और टर्नआउट
2021 के विधानसभा चुनावों में यहां पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 273,015 थी। यहां मतदान का प्रतिशत हमेशा ऊंचा रहा है और हाल के चुनावों में यह 80 प्रतिशत से अधिक रहा है।
ऐतिहासिक महत्व और कनेक्टिविटी
ऐतिहासिक रूप से, दमदम का बंगाल के औपनिवेशिक और स्वतंत्रता के बाद के युग में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। यह क्षेत्र कभी ‘दमदम आर्सेनल’ (शस्त्रागार) का घर था, जहाँ प्रसिद्ध “दमदम गोलियां” बनाई जाती थीं। समय के साथ यह क्षेत्र एक सघन शहरी क्षेत्र में बदल गया है।
कनेक्टिविटी के मामले में यह क्षेत्र सड़क और रेल मार्ग से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। पास में स्थित दमदम मेट्रो स्टेशन और दमदम जंक्शन रेलवे स्टेशन इसे शहर के मुख्य हिस्से से जोड़ते हैं। हालांकि नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दमदम में स्थित है, लेकिन यह इस विशेष विधानसभा क्षेत्र (दमदम उत्तर) की सीमा में नहीं आता है।
2026 की राह
भाजपा के बढ़ते प्रभाव और माकपा-कांग्रेस गठबंधन की संभावनाओं को देखते हुए, 2026 के विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस के लिए अपनी सीट बरकरार रखना एक बड़ी चुनौती हो सकती है। शहरी चरित्र और बदलते राजनीतिक रुझानों के कारण यह कोलकाता के उत्तरी उपनगरों की सबसे चर्चित सीटों में से एक बनी हुई है।
11:52 (IST) 4 May 2026
पश्चिम बंगाल में वोटों की गिनती जारी, BJP 154 सीटों पर आगे
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती अभी भी जारी है। BJP 154 सीटों पर आगे चल रही है; अगर यह बढ़त बनी रहती है, तो पार्टी बहुमत के आंकड़े (148 सीटें) से 6 सीटें आगे निकल जाएगी। TMC फिलहाल 108 सीटों पर आगे है और बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए उसे 40 और सीटों की ज़रूरत होगी। अभी तक किसी भी सीट के नतीजे औपचारिक रूप से घोषित नहीं किए गए हैं, इसलिए इस चरण में अंतिम तस्वीर अभी भी स्पष्ट नहीं है।
11:06 (IST) 4 May 2026
पश्चिम बंगाल में ब्रात्य बसु की सीट पर नया मुकाबला
पश्चिम बंगाल के दम दम निर्वाचन क्षेत्र में वोटों की गिनती चल रही है, जहां मौजूदा TMC विधायक ब्रात्य बसु, अभी तक की गिनती में शामिल उम्मीदवारों में नज़र नहीं आ रहे हैं। इस सामान्य श्रेणी की सीट पर वोटों की गिनती के दौरान, कांग्रेस उम्मीदवार सुस्मिता बिस्वास—एक 49 वर्षीय पोस्ट-ग्रेजुएट और बेदाग छवि वाली उम्मीदवार—मैदान में मौजूद हैं। जैसे-जैसे अंतिम तस्वीर साफ हो रही है, दम दम का यह मुकाबला लगातार लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है।
11:02 (IST) 4 May 2026
रुझानों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 294 सदस्यों वाली पश्चिम बंगाल विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा (147) पार कर लिया है।
08:08 (IST) 4 May 2026
वोटों की गिनती शुरू
पश्चिम बंगाल के 294 निर्वाचन क्षेत्रों में से 293 में वोटों की गिनती शुरू हो गई है।
07:53 (IST) 4 May 2026
2026 का चुनाव 2021 से कैसे अलग है?
2026 का पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 की तुलना में कहीं ज़्यादा कड़ा मुकाबला है, जब TMC ने जबरदस्त जीत हासिल की थी। शुरुआती रुझान और ओपिनियन पोल अब TMC और BJP के बीच बहुत करीबी मुकाबले की ओर इशारा कर रहे हैं। इस बार जीत का अंतर कम रहने की उम्मीद है; BJP का लक्ष्य 2021 में जीती गई 77 सीटों के प्रदर्शन को और बेहतर बनाना और 2024 के लोकसभा चुनाव में मिली बढ़त को विधानसभा चुनाव में भी बड़ी सफलता में बदलना है। 2021 के आठ चरणों वाले चुनाव की तुलना में इस बार चुनाव प्रचार भी छोटा और ज़्यादा सघन रहा है।
सीटों के बंटवारे के मामले में, BJP ज़्यादा सीटों पर मजबूत स्थिति में दिख रही है, हालांकि TMC की बढ़त अभी भी बनी हुई है। फिर भी, अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, क्योंकि पिछले चुनावों में TMC की ताकत को कम करके आंका गया था।
07:47 (IST) 4 May 2026
दमदम उत्तर में किसकी होगी जीत?
हालांकि, कई रिपोर्टों ने TMC की जीत का अनुमान लगाया है, और पार्टी के लिए 177-187 सीटों का आकलन किया है। इसके अनुसार BJP को 95 से 110 सीटें मिल सकती हैं, जबकि कांग्रेस और वामपंथी दलों को केवल कुछ ही सीटें मिलने की उम्मीद है। अलग-अलग अनुमानों को देखें तो, BJP की सीटों की संख्या 95 से 170 के बीच बताई जा रही है, जिससे अंतिम नतीजों को लेकर अनिश्चितता साफ जाहिर होती है।
07:17 (IST) 4 May 2026
8 बजे से शुरू होगी काउंटिंग
नतीजे आज सोमवार 4 मई को घोषित किए जाएंगे। 294 में से 293 सीटों पर वोटों की गिनती होगी, जबकि दक्षिण 24 परगना के फलता में दोबारा मतदान होना बाकी है। इस सीट का नतीजा 24 मई को अलग से घोषित किया जाएगा। वोटों की गिनती सुबह करीब 8 बजे शुरू होगी; इसकी शुरुआत पोस्टल बैलेट से होगी, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के वोटों की गिनती की जाएगी।