आखिर कैसे BJP ने पहली बार फतह किया बंगाल? इन पांडवों की रणनीति ने ढहाया ममता का किला

बंगाल में पहली बार BJP सरकार बन सकती है। शुरुआती रुझानों से लगातार बीजेपी आगे बनी हुई है। इससे ममता बनर्जी का 15 साल का शासन खत्म हो सकता है। आखिरकार यह कैसे संभव हुआ, आइए विस्तार से समझते हैं…

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वैसे तो आज देशभर में 5 राज्यों में विधान सभा चुनाव के परिणाम जारी हो रहे हैं लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा पश्चिम बंगाल की रही। अभी तक रुझानों में बीजेपी के भारी बढ़त देखने को मिल रही है। करीब 180 सीटों पर बीजेपी आगे चल रही है। ऐसे में बीजेपी पहली बार राज्य की सरकार में एंट्री करती दिख रही है।

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बंगाल में बीजेपी की सरकार तय मानी जा रही है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर कैसे बीजेपी ने ममता के किला को ढहा दिया। पश्चिम बंगाल को ममता की पहचान से जाना जाता था। आखिर किस रणनीति के तहत बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में पहली बार सरकार बनाने का सपना पूरा कर लिया। बता दें कि इस विजय के पीछे बीजेपी के साइलेंट हीरो रहे हैं। 5 नेताओं ने पांडव बनकर बीजेपी को बंगाल में सत्ता दिलाने का काम किया।

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सूची में पहला नाम राज्य प्रभारी मंगल पांडेय का है। कई राज्यों में भाजपा को चुनावी जीत दिला चुके भूपेंद्र यादव का योगदान भी अहम माना जा रहा है – वे चुनाव प्रभारी थे। वहीं, संगठन महामंत्री सुनील बंसल की तैनाती भी बंगाल में थी और पिछले कई महीनों से वे वहीं कैंप कर रहे थे। बता दें कि 2021 में ममता बनर्जी नंदीग्राम सीट से चुनाव हार गई थीं।

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अब बात करते हैं बंगाल में बीजेपी के 5 पांडव की। ये तो सबको पता है कि शुभेंदु अधिकारी और दिलीप घोष जैसे नेताओं ने बंगाल में खूब पसीना बहाया। लेकिन दूसरे राज्यों से आए और 3 नेता कुछ खास हैं। इन नेताओं ने बीजेपी के लिए जमीन तैयार की। कुल 5 पांडवों में ज्यादातर लोग अमित शाह के करीबी माने जाते हैं। पहला नाम राज्य प्रभारी मंगल पांडेय का है। कई राज्यों में बीजेपी को जीत दिलाने वाले भूपेंद्र यादव, संगठन महामंत्री के नाते सुनील बंसल ने बंगाल में लंबा वक्त गुजारा।

अमित शाह के करीबी

भूपेंद्र यादव भाजपा के भरोसेमंद चुनावी मैनेजर हैं। अमित शाह के करीबी यादव बंगाल में डटे रहे। सह-प्रभारी बिप्लब देब ने भी ग्राउंड पर मोर्चा संभाला। पूरी टीम की डोर सीधे शाह के हाथ में थी। इस जीत का श्रेय इन रणनीतिकारों को भी जाता है। बंगाल फतह के बाद शाह का सियासी वजन बढ़ना तय है, और उनके साथ यादव-बंसल की जोड़ी भी और ताकतवर होगी।

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क्यों जरूरी थी बंगाल?

बंगाल चुनाव भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल था। यहां मिली जीत ने पार्टी में नया जोश भर दिया है। भूपेंद्र यादव की रणनीति की चर्चा हरियाणा-महाराष्ट्र के बाद अब बंगाल में भी हो रही है। अमित शाह खुद महीनों से बंगाल में सक्रिय थे। मतदान के बाद भी कोलकाता में हुई बैठक में राज्य की सियासी तस्वीर पर चर्चा की गई।

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Raghav Tiwari

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098
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