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कौन हैं कृष्ण मोहन? चंपत राय की जगह बनाए गए राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव

Ram Mandir Trust: ट्रस्ट की तरफ से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि चंपत राय की जगह अब कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाया गया है. हालांकि ट्रस्ट ने ये भी कहा कि SIT की रिपोर्ट आने तक कृष्ण मोहन ये जिम्मेदारी निभाएंगे.

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अयोध्या के मशहूर राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक हुई. चढ़ावा चोरी मामले में पहले ही ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे चुके चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा भी ट्रस्ट ने मंजूर कर लिया. ट्रस्ट की तरफ से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि चंपत राय की जगह अब कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाया गया है. हालांकि ट्रस्ट ने ये भी कहा कि SIT की रिपोर्ट आने तक कृष्ण मोहन ये जिम्मेदारी निभाएंगे.

कौन हैं कृष्ण मोहन?


कृष्ण मोहन, राम मंदिर ट्रस्ट के ही सदस्य है. साल 2025 में कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद खाली हुए पद पर कृष्ण मोहन को ट्रस्ट में शामिल किया गया था. कृष्ण मोहन भारतीय वन सेवा के अधिकारी रह चुके हैं. उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में अपनी सेवा दी थी. रिटायर होने के बाद से वे हरदोई जिले के रहकर समाजसेवा के कार्यों में जुटे हुए थे.

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यह भी पढ़ें: चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, राम मंदिर की ट्रस्ट ने कहा- चोरी की

हरदोई के हैं मूल निवासी


श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए महासचिव कृष्ण मोहन, हरदोई जनपद के शाहाबाद विधान सभा क्षेत्र के चंद्रपुर गांव के निवासी हैं. वर्तमान में कृष्ण मोहन हरदोई शहर के सिनेमा रोड के अपने निवास से सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं.

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ट्रस्ट की बैठक की अहम बातें


मीटिंग में चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है. चंपत राय और अनिल मिश्रा ट्रस्ट से बाहर होंगे. ट्रस्ट की मीटिंग में 9 सदस्य मौजूद रहे, 2 वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जुड़े. गोपाल राव को कमरे से बाहर जाने का अनुरोध किया गया. इस बीच गोपाल राव बिना बुलाए ट्रस्ट कार्यालय पहुंचे थे.

मीटिंग के बाद ट्रस्ट ने क्या कहा?


ट्रस्ट की तरफ से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि SIT की रिपोर्ट आने तक कृष्ण मोहन राम मंदिर ट्रस्ट के एक्टिंग महासचिव होगें, बहुत सौहद्रपूर्ण माहौल में बैठक हुई. सर्वसम्मति से इस्तीफा देकर चंपत राय और अनिल मिश्रा ने बहुत बड़ा उदाहरण पेश किया है. अब नया सीईओ भी बनेगा वो ट्रस्ट के अधीन होगा. किसी का कोई समान गायब नहीं हुआ है. हिंदू समाज का विश्वास टूटा नहीं है. अपराधी के दंड की प्रक्रिया शुरू होते ही लोगों की आस्था और मजबूत होगी.

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यह भी पढ़ें: UP के इस शहर का नाम बदला, कैबिनेट में नई स्टार्टअप पॉलिसी समेत 27 प्रस्तावों को मिली मंजूरी, किसानों के लिए अहम फैसला

First published on: Jul 06, 2026 07:23 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला की विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी ज्ञान है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला की विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी ज्ञान है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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