यूपी सरकार का बड़ा ऐलान, एनालॉग पनीर, क्रीम, घी सब पर लगा बैन
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जनता की सेहत से हो रहे खिलवाड़ को रोकने के लिए सभी तरह के एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स के प्रोडक्शन, स्टोरेज और बिक्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया है.
Written By: Varsha Sikri|Updated: Aug 15, 2026 18:11
Edited By : Varsha Sikri|Updated: Aug 15, 2026 18:11
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Credit: News24
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उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर एक बड़ा ऐलान किया है. सरकार ने जनता की सेहत से हो रहे खिलवाड़ को रोकने के लिए सभी तरह के एनालॉग डेयरी प्रोडक्ट्स के प्रोडक्शन, स्टोरेज और बिक्री पर पूरी तरह बैन लगा दिया है. अब उत्तर प्रदेश में नकली या मिलावटी डेयरी आइटम्स की बिक्री नहीं हो सकेगी. यूपी सरकार के आदेश के मुताबिक, खासतौर पर एनालॉग पनीर, क्रीम, छेना, घी और खोया बैन किया गया है. अब किसी भी दुकान या फैक्ट्री में इस तरह के प्रोडक्ट्स को ना तो बनाया जाएगा और ना ही बेचा जाएगा.
दरअसल, कुछ वक्त पहले यूपी के अलग-अलग जिलों में दूध और उनसे बने प्रोडक्ट्स की क्वालिटी की जांच की गई थी. इस दौरान फूड डिपार्टमेंट की टीमों ने कई जगहों पर रेड मारकर सैंपल कलेक्ट किए थे. जब इन प्रोडक्ट्स की जांच हुई तो पता चला कि इनमें भारी मिलावट की गई है. पनीर और बाकी डेयरी प्रोडक्ट्स में दूध की जगह रिफाइंड ऑयल, अलग-अलग तरह के फैट और सोयाबीन या उसके प्रोडक्ट्स की मिलावट हो रही थी. जांच रिपोर्ट में ये भी खुलासा हुआ कि नकली चीजों को तैयार करने के लिए टेल्कम पाउडर, डिटर्जेंट, टाइटेनियम डाइऑक्साइड और लिक्विड ग्लूकोज़ जैसी चीजों का भी इस्तेमाल किया जा रहा था.
#UttarPradesh : #UPFDA conducted raids at multiple dairy establishments in Ghaziabad. 868 kg paneer & 170 kg of khoya were destroyed on the spot. The nationwide campaign of FSSAI against food adulteration continues with strict enforcement & vigilance by state FDAs.#FSSAIActionpic.twitter.com/C09l2Gondb
मिलावट का खेल इतना घिनौना था कि इन डेयरी प्रोडक्ट्स को बनाने के लिए लोगों की जान तक की परवाह नहीं की गई. सैंपल्स की जांच में ये भी सामने आया कि इनमें जहरीले केमिकल्स भी मिलाए जा रहे थे. दूध और खोए को गाढ़ा या सफेद रंग का बनाने के लिए सेफोलाइट, रानीपॉल, टीनोपॉल, हाइड्रोजन परॉक्साइड जैसे अलग-अलग तरह के खतरनाक न्यूट्रीलाइटज़र भी इस्तेमाल किए गए. फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट, 2006 के तहत डेयरी प्रोडक्ट्स के लिए देशभर में बहुत कड़े नियम तैयार किए गए हैं. नियमों की मुताबिक, दूध और उसके प्रोडक्ट्स के प्रोडक्शन और उसकी बिक्री में किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए. अगर कोई ऐसा करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का प्रावधान है.