श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज ने बताया कि चंपत राय (महासचिव) और अनिल मिश्रा (ट्रस्टी) के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं. अब राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी कृष्ण मोहन को सौंपी गई है. राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि रामलला के विशाल मंदिर में आज एक असाधारण स्थिति बन गई. उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी बेहद दुखदायक है. मंदिर के लिए लोगों ने प्राणों, परिवार की परवाह नहीं की. गोविंद देव गिरी ने कहा कि चढ़ावा चोरी की घटना से चंपत राय को बहुत आहत पहुंची है. उन्हें लगा कि जब तक न्याय नहीं हो जाता, अपराधी पकड़े नहीं जाते, उन्हें दंड नहीं मिल जाता, ये सोचकर उन्होंने इस्तीफा दिया. न्यास के संविधान के मुताबिक, त्याग पत्र देते ही उसे मान लिया जाता है. इसलिए मूल प्रॉसेस को आधार मानकर उनके इस्तीफे को मंजूर किया गया है.
ये भी पढ़ें: कौन हैं कृष्ण मोहन? चंपत राय की जगह बनाए गए राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव
और क्या बोले गोविंद देव गिरी?
गोविंद देव गिरी ने कहा कि झूठ के प्रचार से ट्रस्ट लोगों को सावधान करता है. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का काम पूरी पारदर्शिता रखना है. अब 22 जुलाई को फिर से बैठक होगी, तब तक एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट आ जाएगी. गोविंद देव ने आगे कहा कि चोरी तो चोरी ही है, छिपे हुए अपराधी ढूंढे जाएंगे, एसआईटी अपना काम कर रही है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर चोरी को आधार बनाकर हल्ला मचाने वालों का इरादा साफ नहीं है. गोविंद देव ने कहा कि ट्रस्ट का संकल्प है कि वो राम भक्ति को बरकार रखेगा. उन्होंने कहा कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है. गोविंद देव ने कहा कि ये तय किया गया है कि ट्रस्टी बोर्ड के पूरी तरह से गठन के साथ-साथ, नामों का सुझाव देने के लिए तीन सदस्यों की एक समिति भी बनाई गई है. इस समिति में रिटायर्ड जस्टिस प्रदीप कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और सुरेश जी हवारे शामिल हैं, जिन्होंने 10 साल तक शिरडी संस्थान को सफलतापूर्वक चलाया है. साथ ही, स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के आभूषण भी दिखाए.
कृष्ण मोहन का बड़ा बयान
ट्रस्ट की ज़िम्मेदारी मिलने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि कहीं न कहीं प्रबंधन और संचालन में कमियां रह गईं थीं, जहां कहीं लूप होल्स हैं अब इसे बंद करना है. उन्होंने कहा कि समाज में जो माहौल बना है, इससे न्यास की छवि खराब हुई है. कृष्ण देव ने कहा कि सभी न्यासी लोगों की कोशिश रहेगी कि इस धूमिल छवि को सही किया जाए. उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उन्हें न्याय के मुताबिक सही सज़ा मिलेगी. कृष्ण देव ने कहा कि जो कुछ भी हुआ है, उससे सभी को बहुत दुख पहुंचा है, राम भक्तों समेत सभी को तकलीफ़ हुई है. उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट और कामकाज में कुछ कमियां थीं जिनका दूसरों ने फ़ायदा उठाया. इसलिए, ट्रस्ट की मुख्य कोशिश इन कमियों को दूर करने और ग़लतियों को सुधारने की होगी. कृष्ण देव ने कहा कि वो ये पक्का करने की पूरी कोशिश करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. उन्होंने कहा कि मौजूदा माहौल ने ट्रस्ट की छवि को कुछ हद तक धूमिल किया है और समाज में अविश्वास की भावना पैदा की है, वो इस नकारात्मक सोच को दूर करने और समुदाय में भरोसा फिर से कायम करने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाएंगे.
ये भी पढ़ें: राम मंदिर में लागू होगा ‘नो-पॉकेट’ ड्रेस कोड? जानें भारत के किन-किन मंदिरों में पहले से है ड्रेस कोड का नियम
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज ने बताया कि चंपत राय (महासचिव) और अनिल मिश्रा (ट्रस्टी) के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए हैं. अब राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी कृष्ण मोहन को सौंपी गई है. राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि रामलला के विशाल मंदिर में आज एक असाधारण स्थिति बन गई. उन्होंने कहा कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी बेहद दुखदायक है. मंदिर के लिए लोगों ने प्राणों, परिवार की परवाह नहीं की. गोविंद देव गिरी ने कहा कि चढ़ावा चोरी की घटना से चंपत राय को बहुत आहत पहुंची है. उन्हें लगा कि जब तक न्याय नहीं हो जाता, अपराधी पकड़े नहीं जाते, उन्हें दंड नहीं मिल जाता, ये सोचकर उन्होंने इस्तीफा दिया. न्यास के संविधान के मुताबिक, त्याग पत्र देते ही उसे मान लिया जाता है. इसलिए मूल प्रॉसेस को आधार मानकर उनके इस्तीफे को मंजूर किया गया है.
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और क्या बोले गोविंद देव गिरी?
गोविंद देव गिरी ने कहा कि झूठ के प्रचार से ट्रस्ट लोगों को सावधान करता है. उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का काम पूरी पारदर्शिता रखना है. अब 22 जुलाई को फिर से बैठक होगी, तब तक एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट आ जाएगी. गोविंद देव ने आगे कहा कि चोरी तो चोरी ही है, छिपे हुए अपराधी ढूंढे जाएंगे, एसआईटी अपना काम कर रही है. उन्होंने कहा कि राम मंदिर चोरी को आधार बनाकर हल्ला मचाने वालों का इरादा साफ नहीं है. गोविंद देव ने कहा कि ट्रस्ट का संकल्प है कि वो राम भक्ति को बरकार रखेगा. उन्होंने कहा कि उन्हें कोर्ट पर पूरा भरोसा है. गोविंद देव ने कहा कि ये तय किया गया है कि ट्रस्टी बोर्ड के पूरी तरह से गठन के साथ-साथ, नामों का सुझाव देने के लिए तीन सदस्यों की एक समिति भी बनाई गई है. इस समिति में रिटायर्ड जस्टिस प्रदीप कोहली, रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी और सुरेश जी हवारे शामिल हैं, जिन्होंने 10 साल तक शिरडी संस्थान को सफलतापूर्वक चलाया है. साथ ही, स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने श्री राम जन्मभूमि मंदिर के आभूषण भी दिखाए.
कृष्ण मोहन का बड़ा बयान
ट्रस्ट की ज़िम्मेदारी मिलने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि कहीं न कहीं प्रबंधन और संचालन में कमियां रह गईं थीं, जहां कहीं लूप होल्स हैं अब इसे बंद करना है. उन्होंने कहा कि समाज में जो माहौल बना है, इससे न्यास की छवि खराब हुई है. कृष्ण देव ने कहा कि सभी न्यासी लोगों की कोशिश रहेगी कि इस धूमिल छवि को सही किया जाए. उन्होंने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उन्हें न्याय के मुताबिक सही सज़ा मिलेगी. कृष्ण देव ने कहा कि जो कुछ भी हुआ है, उससे सभी को बहुत दुख पहुंचा है, राम भक्तों समेत सभी को तकलीफ़ हुई है. उन्होंने कहा कि मैनेजमेंट और कामकाज में कुछ कमियां थीं जिनका दूसरों ने फ़ायदा उठाया. इसलिए, ट्रस्ट की मुख्य कोशिश इन कमियों को दूर करने और ग़लतियों को सुधारने की होगी. कृष्ण देव ने कहा कि वो ये पक्का करने की पूरी कोशिश करेंगे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों. उन्होंने कहा कि मौजूदा माहौल ने ट्रस्ट की छवि को कुछ हद तक धूमिल किया है और समाज में अविश्वास की भावना पैदा की है, वो इस नकारात्मक सोच को दूर करने और समुदाय में भरोसा फिर से कायम करने के लिए सभी ज़रूरी कदम उठाएंगे.
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