Work From Home Alert: यूपी में वर्क फ्रॉम होम को लेकर आया बड़ा अपडेट, योगी सरकार ने जारी की एडवाइजरी
उत्तर प्रदेश में गहराते ईंधन संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुछ ठोस कदम उठाए हैं। ईंधन की बचत और आम जनता को राहत देने के लिए सरकार ने वर्क फ्रॉम होम से लेकर वीआईपी कल्चर पर कैंची चलाने तक के निर्देश जारी किए हैं।
ईरान युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर गहराते ऊर्जा संकट की आंच अब उत्तर प्रदेश के दरवाज़े तक आ पहुंची है। प्रधानमंत्री मोदी की ईंधन बचाओ की अपील को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में बड़े बदलावों का खाका तैयार किया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य बिजली और ईंधन की खपत को कम करना है ताकि भविष्य में किसी बड़े संकट से बचा जा सके। बता दें कि उत्तर प्रदेश उन राज्यों में शुमार है, जहां पेट्रोल की सबसे ज्यादा खपत होती है।
प्राइवेट सेक्टर: अब सप्ताह में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम
मुख्यमंत्री ने निजी क्षेत्र की आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और बड़े संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी करने के निर्देश दिए हैं। कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे अपने कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम 2 दिन घर से काम करने की सुविधा दें। इससे सड़कों पर गाड़ियों की भीड़ कम होगी, ईंधन की भारी बचत होगी और कर्मचारियों को भीषण गर्मी और लंबी यात्रा से राहत मिलेगी।
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सरकारी दफ्तरों के लिए नए नियम केवल जनता ही नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र को भी ईंधन बचाने की मुहिम में झोंक दिया गया है। अब सचिवालय और निदेशालयों की कम से कम आधी बैठकें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होंगी। सेमिनार और वर्कशॉप जैसे बड़े आयोजनों को भी अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करने का फरमान जारी किया गया है।
वीआईपी कल्चर पर कैंची: सीएम ने खुद से की शुरुआत ईंधन बचाने की इस लड़ाई में मुख्यमंत्री ने खुद मिसाल पेश की है। सीएम ने अपने स्वयं के, मंत्रियों और अन्य वीआईपी के आधिकारिक वाहनों के काफिले (Fleet) को 50 प्रतिशत तक छोटा करने का आदेश दिया है। सांसदों और विधायकों से अनुरोध किया गया है कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन (Public Transport) का उपयोग करें।
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नो व्हीकल डे और जागरूकता की नई लहर ऊर्जा संकट से निपटने के लिए सीएम ने जनता से भी सहयोग मांगा है। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे मनाने का सुझाव दिया गया है। राज्य सरकार कार पूलिंग, साइकिलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास और प्रोत्साहन देगी।
यह फैसला क्यों लेना पड़ा? दुनिया भर में कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने से भारत में ऊर्जा संकट का खतरा बढ़ गया है। यूपी सरकार के ये सख्त कदम यह सुनिश्चित करने के लिए हैं कि प्रदेश की बिजली और ईंधन व्यवस्था सुचारू बनी रहे और युद्ध का असर आम आदमी की बुनियादी जरूरतों पर न पड़े।