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Brijendra Rana: यूक्रेन में UP के लाल का कमाल, जेलेंस्की की सेना ने सबसे बड़े सम्मान से नवाजा

Brijendra Rana: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बागपत (Baghpat) जिले के मूल निवासी एक शख्स ने युद्ध प्रभावित यूक्रेन (Ukraine Russia War) में ऐसा काम कर दिया है, जिसने पूरे देश का मान बढ़ाया है। पिछले साल फरवरी में रूस की सेना ने युक्रेन पर हमला कर दिया था। इस दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमीर […]

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Brijendra Rana: उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बागपत (Baghpat) जिले के मूल निवासी एक शख्स ने युद्ध प्रभावित यूक्रेन (Ukraine Russia War) में ऐसा काम कर दिया है, जिसने पूरे देश का मान बढ़ाया है। पिछले साल फरवरी में रूस की सेना ने युक्रेन पर हमला कर दिया था।

इस दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की (Ukrainian President Volodymyr Zelensky) ने देशवासियों से आगे आने की पहल की थी। इसमें बागपत के रहने वाले बृजेंद्र राणा (Brijendra Rana) भी शामिल थे। उन्होंने यूक्रेन में लगातार जीवन रक्षक दवाओं की सप्लाई जारी रखी।

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युद्ध प्रभावित देश में दवाइयों की सप्लाई

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चल रहे युद्ध में बृजेंद्र राणा के प्रयासों की चारों ओर सराहना की गई। उन्होंने देश में जीवन रक्षक दवाओं की आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी रखी। यूक्रेन की सेनाओं के कमांडर-इन-चीफ (Commander-in-Chief of Armed Forces of Ukraine) वालेरी जालुजनी (Valerii Zaluzhnyi) ने बृजेंद्र राणा को देश के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार ‘बैज ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया है। बताया गया है कि यह सम्मान सैन्य कमांडर की ओर से दुर्लभ अवसरों पर दिया जाता है।

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यूक्रेन का सर्वोच्च पुरुस्कार है यह सम्मान

पदक में यूक्रेन की राजधानी कीव में मातृभूमि स्मारक प्रतिमा की छवि है। सम्मान को लेने के बाद बृजेंद्र राणा ने कहा कि यूक्रेन ने मुझे बहुत कुछ दिया है। अब मेरे लिए इसे वापस देने का समय आ गया है। बताया गया है कि यह पदक द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यूक्रेन के इतिहास के राष्ट्रीय संग्रहालय का एक हिस्सा है। यह सम्मान यूक्रेन के सशस्त्र बलों के लिए महत्वपूर्ण व्यक्तिगत योगदान और व्यापक सहायता के लिए दिया जाता है।

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उत्तर प्रदेश के बागपत में जन्मे हैं बृजेंद्र राणा

हालांकि बृजेंद्र राणा का जन्म भारत में हुआ है, लेकिन वह यूक्रेन को अपना देश मानते हैं और युद्ध प्रभावित देश के लिए दवाओं की आपूर्ति को जारी रखने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। बृजेंद्र को सम्मानित करते समय युक्रेन के जनरल जालुजनी ने कहा कि सशस्त्र बलों के अलावा यूक्रेन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी बृजेंद्र राणा के इस कार्य की सराहना करते हुए पत्र जारी किए हैं।

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पढ़ाई करने गए थे यूक्रेन, वहीं कर ली शादी

रिपोर्ट में कहा गया है कि 51 वर्षीय बृजेंद्र राणा 90 के दशक की शुरुआत में डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए यूक्रेन गए थे। इस दौरान उन्हें ओक्साना नाम की एक स्थानीय लड़की से प्यार हो गया। कुछ समय बाद दोनों ने शादी कर ली। इस जोड़े की 16 साल की बेटी सोफिया भी है। उन्होंने खारकीव में कुछ दोस्तों के साथ छोटे स्तर पर दवाइयों का व्यवसाय शुरू किया, जो अब अनंत मेडिकेयर के नाम से जाना जाता है। यह अब एक सफल बहुराष्ट्रीय दवा कंपनी में बन गई है।

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First published on: Feb 07, 2023 04:42 PM
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