---विज्ञापन---

उत्तरकाशी में रहस्यमय ढंग से लापता हुई MBA छात्रा, 11 दिन बाद भी नहीं मिला सुराग; तलाश में जुटे 100 से ज्यादा जवान

उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल ट्रेक पर गई MBA छात्रा बबीता पांडे 11 दिन से लापता है. सेना, SDRF, ITBP, पुलिस, ड्रोन और डॉग स्क्वॉड की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है.

---विज्ञापन---

उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध दयारा बुग्याल ट्रेक की खूबसूरत वादियां इन दिनों एक ऐसे रहस्य की गवाह बनी हुई हैं जिसने पूरे प्रदेश को चिंता में डाल दिया है. नैनीताल के रामनगर की रहने वाली MBA छात्रा बबीता पांडे को लापता हुए 11 दिन से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन अब तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है. प्रशासन, पुलिस और रेस्क्यू एजेंसियों की लगातार कोशिशों के बावजूद बबीता का कोई सुराग नहीं मिलने से मामला और रहस्यमय बनता जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, बबीता पांडे एक ट्रेकिंग टीम के साथ दयारा बुग्याल पहुंची थी. ये ग्रुप ट्रेकिंग और कैंपिंग के लिए गोई कैंप इलाके में रुका हुआ था. बताया जा रहा है कि 29 मई की देर रात बबीता अपने टेंट से बाहर निकली थी. इसके बाद वो वापस नहीं लौटी. अगले दिन सुबह जब साथी ट्रेकर्स ने उसे कैंप में नहीं देखा तो उसकी तलाश शुरू की गई. काफी खोजबीन के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर प्रशासन और वन विभाग को सूचना दी गई.

ये भी पढ़ें: ठाणे में 7 साल की बच्ची के लापता होने से मचा हड़कंप, 900 CCTV खंगालने के बाद सामने आई सच्चाई

---विज्ञापन---

सर्च ऑपरेशन जारी है

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया. बबीता की तलाश में ITBP, SDRF, NDRF, पुलिस, सेना, वन विभाग और आपदा प्रबंधन विभाग की संयुक्त टीमें जुटी हुई हैं. खोज अभियान में 100 से ज्यादा जवान शामिल हैं. दुर्गम पहाड़ी इलाकों में ड्रोन कैमरों की मदद से निगरानी की जा रही है, जबकि खोजी कुत्तों को भी ट्रैकिंग रूट पर लगाया गया है. रेस्क्यू टीमों का कहना है कि दयारा बुग्याल और गोई क्षेत्र के आसपास मौजूद जंगलों, गुफाओं, खाइयों, चट्टानों और ढलानों की कई बार तलाशी ली जा चुकी है. नदियों और उन सभी रास्तों की भी जांच की गई है जहां किसी व्यक्ति के फंसने या भटकने की आशंका हो सकती है. इसके बावजूद अभी तक ऐसा कोई सुराग नहीं मिला है जो बबीता तक पहुंचने में मदद कर सके.

क्या है मामला?

बताया जा रहा है कि बबीता अपने दो दोस्तों के साथ उत्तरकाशी घूमने आई थी. हर्षिल, लामा टॉप और गंगोत्री धाम की सैर करने के बाद तीनों दयारा बुग्याल ट्रेक पर पहुंचे थे. पुलिस के मुताबिक, बबीता देर रात मोबाइल फोन पर गाने सुन रही थी और उसी दौरान वो टेंट से बाहर निकली थी. इसके बाद उसके साथ क्या हुआ, ये अब तक रहस्य बना हुआ है. मामले ने नया मोड़ तब लिया जब बबीता के परिजनों ने उसके साथ गए दोनों युवकों पर अपहरण का आरोप लगाया. शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. उत्तरकाशी पुलिस का कहना है कि हादसा, रास्ता भटकना, जंगली जानवर का हमला या किसी आपराधिक साजिश समेत हर एंगल से जांच की जा रही है. उधर बबीता का परिवार लगातार उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठा है. परिवार का कहना है कि बबीता को ट्रेकिंग का अच्छा अनुभव था और वो इतनी आसानी से रास्ता नहीं भटक सकती. मां और परिजन हर दिन उसकी एक खबर का इंतजार कर रहे हैं.

---विज्ञापन---

(Input By: Adhir Yadav)

ये भी पढ़ें: कनार्टक में बड़ा हादसा, नदी में डूबने से 8 की मौत, PM मोदी ने जताया शोक

---विज्ञापन---

First published on: Jun 08, 2026 04:35 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola