मुंबई से सटे दिवा से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने तीन दिनों तक पुलिस, परिवार और पूरे इलाके की सांसें थामे रखीं. सात वर्षीय मासूम साक्षी पांडे के अचानक लापता होने से जहां परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, वहीं पुलिस के सामने भी यह एक बड़ी चुनौती बन गई. 900 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और दिन-रात चले सर्च ऑपरेशन के बाद जो सच्चाई सामने आई, उसने हर किसी को हैरान कर दिया.
रात को सामान लेने निकली थी मासूम
यह घटना 28 मई की रात करीब साढ़े आठ बजे की है. साक्षी घर से कुछ खाने का सामान लेने निकली थी, लेकिन जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की. कोई सुराग न मिलने पर परेशान परिवार ने मुंब्रा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत 6 स्पेशल टीमें बनाईं, जिसमें 60 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी शामिल थे.
900 कैमरों ने खोला राज
पुलिस ने बच्ची को ढूंढने के लिए इमारतों की छतों, सुनसान जगहों और यहाँ तक कि गटर चैंबरों तक की तलाशी ली. आखिरकार एक सीसीटीवी फुटेज में बड़ा सुराग मिला. साक्षी दिवा रेलवे स्टेशन की ओर जाती दिखी और रात करीब 11 बजे अंबरनाथ जाने वाली लोकल ट्रेन में चढ़ गई. इसके बाद अंबरनाथ स्टेशन के फुटेज में वह एक अनजान व्यक्ति के साथ दिखी, जिसके साथ वह बदलापुर जाने वाली ट्रेन में सवार हुई.
…जब पुलिस ने खटखटाया दरवाजा
सीसीटीवी के आधार पर पुलिस आखिरकार बदलापुर में उस व्यक्ति के घर तक पहुँच गई. जब पुलिस ने दरवाजा खटखटाया, तो अंदर का नजारा देख राहत की सांस ली. बच्ची पूरी तरह सुरक्षित थी और उस व्यक्ति के तीन बच्चों के साथ खेल रही थी.
क्यों ले गया था वह व्यक्ति बच्ची को अपने घर?
पूछताछ में पता चला कि वह व्यक्ति नवी मुंबई की एक कंपनी में एचआर (HR) है. उसकी पत्नी डेढ़ साल से अलग रह रही है और वह अकेले अपने बच्चों को संभालता है. उसकी खुद की एक बेटी पहले यौन अपराध का शिकार हो चुकी है. उस व्यक्ति ने बताया कि जब उसने साक्षी को रात में अकेले भटकते देखा, तो उसे अपनी बेटी का दर्द याद आ गया. उसे डर था कि कहीं इस बच्ची के साथ कोई गलत हरकत न हो जाए, इसलिए वह उसे सुरक्षा के लिए अपने घर ले आया.
पुलिस के मुताबिक, वह व्यक्ति बच्ची को थाने छोड़ने की तैयारी में ही था कि पुलिस वहाँ पहुँच गई. डॉक्टरी जांच में बच्ची के साथ किसी भी तरह की अनहोनी की बात सामने नहीं आई है. पुलिस ने बच्ची को परिवार को सौंप दिया है, साथ ही जनता से अपील की है कि कोई भी लावारिस बच्चा मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें.
मुंबई से सटे दिवा से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने तीन दिनों तक पुलिस, परिवार और पूरे इलाके की सांसें थामे रखीं. सात वर्षीय मासूम साक्षी पांडे के अचानक लापता होने से जहां परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, वहीं पुलिस के सामने भी यह एक बड़ी चुनौती बन गई. 900 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने और दिन-रात चले सर्च ऑपरेशन के बाद जो सच्चाई सामने आई, उसने हर किसी को हैरान कर दिया.
रात को सामान लेने निकली थी मासूम
यह घटना 28 मई की रात करीब साढ़े आठ बजे की है. साक्षी घर से कुछ खाने का सामान लेने निकली थी, लेकिन जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की. कोई सुराग न मिलने पर परेशान परिवार ने मुंब्रा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत 6 स्पेशल टीमें बनाईं, जिसमें 60 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी शामिल थे.
900 कैमरों ने खोला राज
पुलिस ने बच्ची को ढूंढने के लिए इमारतों की छतों, सुनसान जगहों और यहाँ तक कि गटर चैंबरों तक की तलाशी ली. आखिरकार एक सीसीटीवी फुटेज में बड़ा सुराग मिला. साक्षी दिवा रेलवे स्टेशन की ओर जाती दिखी और रात करीब 11 बजे अंबरनाथ जाने वाली लोकल ट्रेन में चढ़ गई. इसके बाद अंबरनाथ स्टेशन के फुटेज में वह एक अनजान व्यक्ति के साथ दिखी, जिसके साथ वह बदलापुर जाने वाली ट्रेन में सवार हुई.
…जब पुलिस ने खटखटाया दरवाजा
सीसीटीवी के आधार पर पुलिस आखिरकार बदलापुर में उस व्यक्ति के घर तक पहुँच गई. जब पुलिस ने दरवाजा खटखटाया, तो अंदर का नजारा देख राहत की सांस ली. बच्ची पूरी तरह सुरक्षित थी और उस व्यक्ति के तीन बच्चों के साथ खेल रही थी.
क्यों ले गया था वह व्यक्ति बच्ची को अपने घर?
पूछताछ में पता चला कि वह व्यक्ति नवी मुंबई की एक कंपनी में एचआर (HR) है. उसकी पत्नी डेढ़ साल से अलग रह रही है और वह अकेले अपने बच्चों को संभालता है. उसकी खुद की एक बेटी पहले यौन अपराध का शिकार हो चुकी है. उस व्यक्ति ने बताया कि जब उसने साक्षी को रात में अकेले भटकते देखा, तो उसे अपनी बेटी का दर्द याद आ गया. उसे डर था कि कहीं इस बच्ची के साथ कोई गलत हरकत न हो जाए, इसलिए वह उसे सुरक्षा के लिए अपने घर ले आया.
पुलिस के मुताबिक, वह व्यक्ति बच्ची को थाने छोड़ने की तैयारी में ही था कि पुलिस वहाँ पहुँच गई. डॉक्टरी जांच में बच्ची के साथ किसी भी तरह की अनहोनी की बात सामने नहीं आई है. पुलिस ने बच्ची को परिवार को सौंप दिया है, साथ ही जनता से अपील की है कि कोई भी लावारिस बच्चा मिलने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें.