ईरान और इजराइल के बीच युद्ध चल रहा है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं, जिससे बड़ा नुकसान हुआ है और बड़ी संख्या में लोग मारे गए हैं। इसी बीच शिया धर्मगुरु मौलाना सैफ अब्बास ने भारत सरकार से अपील की है कि हजारों तीर्थयात्री ईरान और इराक में फंसे हुए हैं, उन्हें निकालने में मदद करें।
मौलाना सैफ अब्बास ने कहा है कि मेरे पास बहुत लोग फोन कर रहे हैं और लोग अपने अपनों के लिए मदद मांग रहे हैं। इजराइल ने ईरान पर जबरदस्ती हमला किया है। यह अफसोसनाक है। इस तरह का हमला अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, लेकिन इजराइल ऐसा देश है जो यूएन को भी कुछ नहीं मानता।
ईरान-इराक में फंसे हैं बुजुर्ग, बच्चे, जवान और महिलाएं
उन्होंने कहा कि इस युद्ध की वजह से हवाई रास्ता बंद है। हमारी समस्या यह है कि जो लोग हज पर नहीं जा पाते और उतना पैसा खर्च नहीं कर पाते, वे लोग ईरान और इराक के पवित्र स्थानों पर जाते हैं। हमारे लोग ईरान और इराक जाते हैं। कुछ पहले ईरान जाते हैं तो कुछ पहले इराक जाते हैं, इसलिए दोनों देशों में हमारे तीर्थयात्री फंसे हुए हैं, जिनमें बुजुर्ग, बच्चे, जवान और महिलाएं शामिल हैं।
मौलाना ने कहा कि सभी लोग परेशान हैं। कुछ बीमार लोग 20 दिन की दवाई लेकर गए थे लेकिन वे फंस गए और उनकी दवाई खत्म हो रही है। ऐसे में मदद के लिए मेरे पास फोन आ रहे हैं, इसलिए मैंने 16 जून को विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर लोगों को वहां से बाहर निकालने की मांग की है।
‘खाने-पीने के भी पड़ गए लाले’
उन्होंने बताया कि वहां पैनिक फैल गया है। वहां विदेशी हैं, जिन्हें जानकारी नहीं है, इसलिए खाने-पीने के भी लाले पड़ गए हैं। एक ग्रुप था, जिसे होटल छोड़कर फ्लाइट पकड़नी थी, लेकिन फ्लाइट ही रद्द हो गई। अब होटल वालों ने उन्हें दोबारा एंट्री नहीं दी। जैसे-तैसे मैनेज करके वे कहीं और रुके। अब उनके पास पैसे भी खत्म हो गए हैं।
मौलाना ने अपील की है कि जैसे पहले यूक्रेन और इराक में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया था, उसी तरह इन लोगों को भी वहां से सुरक्षित बाहर निकाला जाए। हजारों छात्र भी वहां फंसे हुए हैं, लोगों की समस्या अधिक है। ऐसे में सरकार से अपील है कि भारतीयों को भारत वापस लाया जाए।