Lucknow Kanpur Expressway: उद्घाटन के 13 दिन बाद टोल फ्री हुआ लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, सड़क की खामी पर NHAI का बड़ा एक्शन
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के महज 13 दिन बाद NHAI ने सड़क निर्माण में सामने आई तकनीकी खामियों के चलते टोल वसूली पर अस्थायी रोक लगा दी है. सड़क की मरम्मत पूरी होने तक वाहन चालक बिना टोल शुल्क दिए एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर सकेंगे, जबकि निर्माण एजेंसी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.
Edited By : Versha Singh|Updated: Aug 6, 2026 12:44
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Lucknow Kanpur Expressway: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर फिलहाल यात्रियों को टोल शुल्क नहीं देना होगा. बता दें कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक्सप्रेसवे के एक हिस्से में सामने आई निर्माण संबंधी खामियों के बाद टोल वसूली को अस्थायी रूप से रोकने दिया गया है. यह फैसला एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के महज 13 दिन बाद लिया गया, जिससे परियोजना की निर्माण गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
जानकारी के अनुसार, हाल की बारिश के बाद एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में सड़क की ऊपरी सतह क्षतिग्रस्त हो गई. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि प्रभावित हिस्से की तुरंत मरम्मत की जानी चाहिए. इसके बाद NHAI ने स्पष्ट किया कि जब तक सड़क पूरी तरह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप नहीं हो जाती, तब तक टोल वसूली शुरू नहीं की जाएगी. इस अवधि में वाहन चालक बिना टोल शुल्क दिए एक्सप्रेसवे का उपयोग कर सकेंगे.
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ये उत्तर प्रदेश का लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे है. 47 दिन में 40 जगह से ब्रेक हुआ है. इसे बनाने में 4,700 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 13 जुलाई को किया था. इस दौरान CM योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे. pic.twitter.com/A10xJ4F6Uz
मामले को गंभीरता से लेते हुए NHAI ने निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों और ठेकेदार कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है. रिपोर्टों के मुताबिक, परियोजना की गुणवत्ता को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं.
वहीं, निर्माण एजेंसी के खिलाफ भी कड़े कदम उठाए जा रहे हैं और भविष्य की परियोजनाओं में उसकी पात्रता की समीक्षा की जा रही है. पूरे मामले की तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम भी बनाई गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सड़क में आई खराबी की असली वजह क्या रही.
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63 किमी लंबा है लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे
करीब 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे दोनों शहरों के बीच यात्रा समय कम करने और लोगों की यात्रा को आसान बनाने के उद्देश्य से बनाया गया है. इस परियोजना से रोजाना हजारों यात्रियों और व्यावसायिक वाहनों को लाभ मिलने की उम्मीद थी. हालांकि उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क की स्थिति खराब होने से इसकी गुणवत्ता को लेकर अब लोग सवाल उठा रहे हैं.
फिलहाल लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर मरम्मत का काम जारी है. NHAI का कहना है कि सभी तकनीकी कमियों को दूर करने और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद ही टोल वसूली दोबारा शुरू की जाएगी. तब तक यात्रियों को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के एक्सप्रेसवे पर यात्रा की सुविधा मिलती रहेगी.
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे में कितने करोड़ हुए खर्च?
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण पर लगभग 4,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. इस परियोजना का उद्देश्य दोनों शहरों के बीच यात्रा को तेज और सुगम बनाना था, जिससे करीब 90 मिनट का सफर घटकर लगभग 40 मिनट में पूरा होने की उम्मीद जताई गई थी. हालांकि, सड़क के एक हिस्से में आई तकनीकी खामी के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा कदम उठाते हुए फिलहाल टोल वसूली पर रोक लगा दी है. साथ ही निर्माण एजेंसी, परियोजना से जुड़े इंजीनियरों और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.
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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो
दरअसल, 26 जुलाई को उन्नाव जिले के कोरारी क्षेत्र में एक्सप्रेसवे का लगभग 300 मीटर लंबा हिस्सा खिसक गया था. इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल उठने लगे. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने क्षतिग्रस्त हिस्से से वाहनों की आवाजाही रोककर ट्रैफिक को वैकल्पिक मार्ग पर डायवर्ट कर दिया है, जबकि एक्सप्रेसवे के अन्य हिस्सों पर यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है. NHAI के अनुसार, प्रभावित हिस्से की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है और सभी सुरक्षा मानकों की पुष्टि होने के बाद ही वहां यातायात पूरी तरह बहाल किया जाएगा.