UP News: लखनऊ और कानपुर के बीच रहने वाले लाखों लोगों का सालों पुराना इंतजार अब खत्म होने वाला है. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को औद्योगिक नगरी कानपुर से जोड़ने वाला 63 किलोमीटर लंबा शानदार एक्सप्रेसवे पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है. 4700 करोड़ रुपये की लागत से बने इस महामार्ग के शुरू होने से न सिर्फ दो बड़े शहरों के बीच की दूरी कम हो जाएगी, बल्कि विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस भव्य प्रोजेक्ट के लोकार्पण के लिए अपनी कमर कस ली है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावना जताई जा रही है कि आगामी 24 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस आधुनिक सड़क मार्ग का उद्घाटन कर देश को समर्पित कर सकते हैं. लोकार्पण की संभावित तारीखों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने आयोजन स्थल का चयन और हेलीपैड निर्माण जैसी तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि ऐन वक्त पर कोई कमी न रहे.
यह भी पढ़ें: Delhi Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बड़ी खुशखबरी! जून से इन 5 बड़े रास्तों पर जाम से मिलेगी परमानेंट मुक्ति
18 किमी एलिवेटेड और 45 किमी ग्रीनफील्ड पर बना ये शानदार एक्सप्रेसवे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे अपनी बनावट और तकनीक के मामले में बेहद खास है. कुल 63 किलोमीटर लंबे इस सफर में यात्रियों को 18 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड (जमीन से ऊपर) मिलेगा, जबकि 45 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह से नया यानी ग्रीनफील्ड होगा. NHAI ने इस मार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए किमी संख्या 60 (लालगंज बाईपास के पास) पर एक विशाल 'रेस्ट एंड सर्विस एरिया' विकसित किया है.
यहां आने वाले समय में यात्रियों को पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, ई-चार्जिंग स्टेशन और ट्रामा सेंटर जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी. फिलहाल, प्राधिकरण इसी खाली पड़ी जमीन को प्रधानमंत्री के भव्य कार्यक्रम के लिए सबसे उपयुक्त मान रहा है, क्योंकि यहां से एक्सप्रेस-वे की दूरी बेहद कम है और रोड कनेक्टिविटी के कारण आम जनता को भी कार्यक्रम में आने में कोई परेशानी नहीं होगी.
आयोजन स्थल पर बनेंगे तीन हेलीपैड
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की भव्यता को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं. आयोजन के लिए फिलहाल दो स्थानों पर विचार चल रहा है; पहला विकल्प लालगंज के पास का सर्विस एरिया है और दूसरा जाजमऊ पुल से ठीक पहले का स्थान है. NHAI के अधिकारियों का मानना है कि सर्विस एरिया की कई बीघे जमीन पर एक बड़ा जनसमूह आसानी से समा सकता है, जिससे यातायात में कोई बाधा या डायवर्जन भी नहीं करना पड़ेगा.
कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से तीन हेलीपैड बनाए जाएंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी के अनुसार, 22 से 24 मई के बीच किसी भी दिन लोकार्पण की अंतिम मुहर लग सकती है, जिसके लिए वेंडरों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि कम समय में भी बेहतर तैयारी की जा सके.
लखनऊ-कानपुर की तस्वीर बदलने वाला है यह प्रोजेक्ट
यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ यात्रा का समय घटाएगा बल्कि व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा. इस परियोजना के शुरू होने के बाद लखनऊ से कानपुर का सफर, जिसमें पहले 2-3 घंटे लगते थे, वह महज 45 मिनट का रह जाएगा. साथ ही, वर्तमान के भारी ट्रैफिक से भी राहत मिलेगी.
यह भी पढ़ें: New Noida पर बड़ा अपडेट! DNGIR प्रोजेक्ट के लिए 37 गांवों में जमीन अधिग्रहण शुरू, यहां देखें
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस भव्य प्रोजेक्ट के लोकार्पण के लिए अपनी कमर कस ली है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभावना जताई जा रही है कि आगामी 24 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस आधुनिक सड़क मार्ग का उद्घाटन कर देश को समर्पित कर सकते हैं. लोकार्पण की संभावित तारीखों को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने आयोजन स्थल का चयन और हेलीपैड निर्माण जैसी तैयारियां शुरू कर दी हैं, ताकि ऐन वक्त पर कोई कमी न रहे.
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18 किमी एलिवेटेड और 45 किमी ग्रीनफील्ड पर बना ये शानदार एक्सप्रेसवे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे अपनी बनावट और तकनीक के मामले में बेहद खास है. कुल 63 किलोमीटर लंबे इस सफर में यात्रियों को 18 किलोमीटर का हिस्सा एलिवेटेड (जमीन से ऊपर) मिलेगा, जबकि 45 किलोमीटर का हिस्सा पूरी तरह से नया यानी ग्रीनफील्ड होगा. NHAI ने इस मार्ग पर यात्रियों की सुविधा के लिए किमी संख्या 60 (लालगंज बाईपास के पास) पर एक विशाल ‘रेस्ट एंड सर्विस एरिया’ विकसित किया है.
यहां आने वाले समय में यात्रियों को पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट, ई-चार्जिंग स्टेशन और ट्रामा सेंटर जैसी सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी. फिलहाल, प्राधिकरण इसी खाली पड़ी जमीन को प्रधानमंत्री के भव्य कार्यक्रम के लिए सबसे उपयुक्त मान रहा है, क्योंकि यहां से एक्सप्रेस-वे की दूरी बेहद कम है और रोड कनेक्टिविटी के कारण आम जनता को भी कार्यक्रम में आने में कोई परेशानी नहीं होगी.
आयोजन स्थल पर बनेंगे तीन हेलीपैड
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की भव्यता को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं. आयोजन के लिए फिलहाल दो स्थानों पर विचार चल रहा है; पहला विकल्प लालगंज के पास का सर्विस एरिया है और दूसरा जाजमऊ पुल से ठीक पहले का स्थान है. NHAI के अधिकारियों का मानना है कि सर्विस एरिया की कई बीघे जमीन पर एक बड़ा जनसमूह आसानी से समा सकता है, जिससे यातायात में कोई बाधा या डायवर्जन भी नहीं करना पड़ेगा.
कार्यक्रम के लिए विशेष रूप से तीन हेलीपैड बनाए जाएंगे. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी के अनुसार, 22 से 24 मई के बीच किसी भी दिन लोकार्पण की अंतिम मुहर लग सकती है, जिसके लिए वेंडरों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि कम समय में भी बेहतर तैयारी की जा सके.
लखनऊ-कानपुर की तस्वीर बदलने वाला है यह प्रोजेक्ट
यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ यात्रा का समय घटाएगा बल्कि व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा. इस परियोजना के शुरू होने के बाद लखनऊ से कानपुर का सफर, जिसमें पहले 2-3 घंटे लगते थे, वह महज 45 मिनट का रह जाएगा. साथ ही, वर्तमान के भारी ट्रैफिक से भी राहत मिलेगी.
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