महाराष्ट्र के नासिक में आगामी सिम्हस्थ कुंभ मेला 2027-28 को लेकर तैयारियों की औपचारिक शुरुआत हो गई है. बुधवार को पंचवटी स्थित ऐतिहासिक श्री कालाराम मंदिर में धार्मिक विधि-विधान के साथ धर्मध्वज फहराया गया. इस आयोजन को सिम्हस्थ की तैयारियों का पहला बड़ा संकेत माना जा रहा है, जिससे पूरे शहर में उत्साह का माहौल बन गया है. इस खास मौके पर देश के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. दोनों ने पूजा-अर्चना के बाद 21 फीट ऊंचे पंचधातु के ध्वजस्तंभ पर भगवा धर्मध्वज फहराया. यह क्षण श्रद्धालुओं और संत-महंतों के लिए बेहद भावुक और गौरवपूर्ण रहा.
अयोध्या की तर्ज पर किया तैयार
ध्वजस्तंभ को खासतौर पर अयोध्या की तर्ज पर तैयार किया गया है. इस पर लगे भगवा ध्वज में भगवान हनुमान की आकृति और ‘ॐ’ का पवित्र चिन्ह अंकित है, जो सनातन परंपरा और आस्था का प्रतीक है. पूरे मंदिर परिसर को पारंपरिक सजावट, फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था, जिससे वहां मेले जैसा वातावरण देखने को मिला. कार्यक्रम में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में संत-महंत मौजूद रहे. धार्मिक अनुष्ठान के दौरान मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. श्रद्धालुओं ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे सिम्हस्थ के आगमन का शुभ संकेत माना.
क्यों खास है ये परंपरा?
धर्मध्वज फहराने की इस परंपरा को सिम्हस्थ कुंभ मेले की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. आने वाले समय में नासिक में इस महापर्व को लेकर तैयारियां और तेज होने की संभावना है. प्रशासन की ओर से बुनियादी ढांचे, यातायात, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं. सिम्हस्थ कुंभ मेला दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु शामिल होते हैं. ऐसे में इस आयोजन की सफलता के लिए सरकार और धार्मिक संगठनों के बीच समन्वय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है.










