Toll Tax: मेरठ से प्रयागराज जाने वालों को बड़ा झटका! इस एक्सप्रेसवे पर खत्म हुआ मुफ्त का सफर, जानें किस गाड़ी के लिए कितना लगेगा टोल टैक्स

Toll Tax Update: गंगा एक्सप्रेसवे पर 15 दिनों का मुफ्त सफर अब समाप्त हो गया है. अदाणी और आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर ने आधी रात से टोल वसूली शुरू कर दी है, जानें अब सफर के लिए कितना शुल्क देना होगा.

Ganga Expressway toll tax rates 2026

गंगा एक्सप्रेसवे पर अब लगेगा टोल टैक्स

Ganga Expressway: उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेसवे पर अब मुफ्त सफर का आनंद लेने वाले लोगों के लिए खबर है कि यहां निश्शुल्क यात्रा की सुविधा समाप्त हो गई है. अदाणी इंफ्रास्ट्रक्चर ने गुरुवार की रात 12 बजे से अपने हिस्से के एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स वसूलने का काम शुरू कर दिया है. वहीं एक्सप्रेसवे के 129 किलोमीटर के हिस्से का निर्माण करने वाली कंपनी आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर शुक्रवार रात 12 बजे से टोल की वसूली शुरू करेगी. यूपीडा की सिफारिश पर सरकार ने 29 अप्रैल से 15 दिनों के लिए नागरिकों को बिना किसी शुल्क के सफर करने की छूट दी थी जो अब पूरी हो चुकी है. अब इस रूट पर चलने वाले हर वाहन को तय दरों के अनुसार भुगतान करना होगा.

विज्ञापन

मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ता है मार्ग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 594 किलोमीटर लंबे इस भव्य एक्सप्रेसवे का लोकार्पण 29 अप्रैल को किया था. सार्वजनिक निजी साझेदारी यानी पीपीपी मॉडल पर बने इस एक्सप्रेसवे का निर्माण दो प्रमुख कंपनियों ने मिलकर किया है. यह मार्ग मेरठ से शुरू होकर हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक जाता है. मेरठ से शुरू होने वाले पहले 129 किलोमीटर के हिस्से की जिम्मेदारी आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर के पास है जबकि बाकी तीन बड़े हिस्सों का निर्माण अदाणी इंफ्रास्ट्रक्चर ने किया है. इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से पश्चिमी यूपी और पूर्वी यूपी के बीच की दूरी काफी कम हो गई है जिससे व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है.

विज्ञापन

गंगा एक्सप्रेसवे पर किस वाहन के लिए कितना लगेगा टोल टैक्स?

एक्सप्रेसवे पर सफर के लिए सरकार ने अलग-अलग वाहनों के हिसाब से दरें निर्धारित की हैं. कार और जीप चालकों को 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान करना होगा जबकि हल्के कामर्शियल वाहनों के लिए यह दर 4.50 रुपये तय की गई है. बस और ट्रक चालकों को 8.20 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से टैक्स देना होगा. इसके अलावा यात्रा की कुल दूरी के दौरान आने वाले पुलों और अन्य सुविधाओं के लिए अलग से शुल्क वसूलने का भी प्रावधान है. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि टोल की वसूली पूरी तरह पारदर्शी होगी और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए यह टैक्स जरूरी है ताकि सड़क का रखरखाव सही ढंग से किया जा सके.

विज्ञापन

एक तरफ की यात्रा के लिए तय की गई मोटी रकम

अगर आप गंगा एक्सप्रेसवे पर एक तरफ की पूरी यात्रा करते हैं तो आपको अच्छी खासी रकम चुकानी होगी. कार, जीप और वैन जैसे हल्के वाहनों के लिए एक तरफ का कुल टोल 1800 रुपये तय किया गया है. दोपहिया, तिपहिया और पंजीकृत ट्रैक्टरों के लिए यह राशि 905 रुपये होगी. भारी वाहनों की बात करें तो हल्के कामर्शियल वाहनों को 2840 रुपये और बस व ट्रक को 5720 रुपये देने होंगे. वहीं निर्माण संबंधी भारी मशीनों और मल्टी एक्सल वाहनों के लिए 8760 रुपये जबकि बहुत बड़े यानी ओवरसाइज वाहनों के लिए 11265 रुपये का टोल निर्धारित किया गया है. यह टोल शुरू होने से अब यात्रियों को सफर के लिए अपना बजट पहले से तैयार रखना होगा.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Raja Alam

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
... और पढ़ें
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ