दिव्यांगों के फंड का किया गलत इस्तेमाल, सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस पर ED का शिकंजा
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद और उनके सहयोगियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है. बता दें कि यह मामला डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट व प्रतिनिधियों द्वारा सरकारी फंड के कथित दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है. इस मामले में लखनऊ जोनल कार्यालय ने चार्जशीट भी दाखिल की है.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद और उनके सहयोगियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है. बता दें कि यह मामला डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट व प्रतिनिधियों द्वारा सरकारी फंड के कथित दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है. इस मामले में लखनऊ जोनल कार्यालय ने चार्जशीट भी दाखिल की है.
बता दें कि ED ने करीब 45.92 लाख रुपये की संपत्ति को स्थायी रूप से जब्त करने और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए स्पेशल PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) कोर्ट, लखनऊ में शिकायत दर्ज कराई है. जिसके बाद अदालत ने इस चार्जशीट पर संज्ञान लिया है. दरअसल, यह मामला मुख्य रूप से विकलांगों को कृत्रिम अंग और उपकरण बांटने के लिए मिले फंड के गबन से संबंधित है.
ईडी की यह जांच उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज की गई 17 अलग-अलग एफआईआर पर आधारित है. ये रिपोर्ट ट्रस्ट के प्रतिनिधि प्रत्युष शुक्ला और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई थीं.
वहीं, मामले की जांच के यह सामने आया कि केंद्र सरकार ने ट्रस्ट को 71.50 लाख रुपये की ग्रांट-इन-एड प्रदान की थी. इस राशि का उपयोग विकलांगों के लिए शिविर आयोजित करने के लिए किया जाना था. आरोप है कि स्वीकृत शिविरों का आयोजन धरातल पर नहीं हुआ और इस धन का दुरुपयोग किया गया.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद की पत्नी लुईस खुर्शीद और उनके सहयोगियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है. बता दें कि यह मामला डॉ. जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट व प्रतिनिधियों द्वारा सरकारी फंड के कथित दुरुपयोग और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा हुआ है. इस मामले में लखनऊ जोनल कार्यालय ने चार्जशीट भी दाखिल की है.
बता दें कि ED ने करीब 45.92 लाख रुपये की संपत्ति को स्थायी रूप से जब्त करने और आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए स्पेशल PMLA (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) कोर्ट, लखनऊ में शिकायत दर्ज कराई है. जिसके बाद अदालत ने इस चार्जशीट पर संज्ञान लिया है. दरअसल, यह मामला मुख्य रूप से विकलांगों को कृत्रिम अंग और उपकरण बांटने के लिए मिले फंड के गबन से संबंधित है.
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ईडी की यह जांच उत्तर प्रदेश पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा दर्ज की गई 17 अलग-अलग एफआईआर पर आधारित है. ये रिपोर्ट ट्रस्ट के प्रतिनिधि प्रत्युष शुक्ला और अन्य के खिलाफ दर्ज की गई थीं.
ED, Lucknow Zonal Office had filed a Prosecution Complaint (PC) on 11.08.2025 seeking confiscation of properties worth Rs. 45.92 Lakh and conviction of the accused persons, Dr. Zakir Hussain Memorial Trust, Ms. Louise Khurshid W/o Salman Khurshid, and Mohammad Athar involved in… pic.twitter.com/Vk79hkkyk6
वहीं, मामले की जांच के यह सामने आया कि केंद्र सरकार ने ट्रस्ट को 71.50 लाख रुपये की ग्रांट-इन-एड प्रदान की थी. इस राशि का उपयोग विकलांगों के लिए शिविर आयोजित करने के लिए किया जाना था. आरोप है कि स्वीकृत शिविरों का आयोजन धरातल पर नहीं हुआ और इस धन का दुरुपयोग किया गया.