उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है. इस केस में शामिल दूसरे आरोपी गुलफाम को भी पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है. इससे पहले इस हमले में शामिल पहला आरोपी पहले ही मुठभेड़ में मारा जा चुका था. अब इस केस के दोनों मुख्य आरोपी पुलिस कार्रवाई में खत्म हो चुके हैं.
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, यूट्यूबर सलीम अकसर मुस्लिम धर्म की कुरीतियों के बारे में अपने चैनल पर बोलते रहे हैं. कुछ दिन पहले गाजियाबाद के लोनी इलाके में सलीम वास्तिक पर उस समय हमला हुआ था, जब वो अपने काम में व्यस्त थे. तभी दो युवक बाइक पर आए और अचानक उन पर चाकू से हमला कर दिया. हमलावरों ने सलीम की गर्दन और शरीर के ऊपरी हिस्से पर गंभीर वार किए. हमला इतना खतरनाक था कि मौके पर मौजूद लोग घबरा गए. सलीम को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है. पुलिस जांच में सामने आया कि हमलावर पूरी तैयारी के साथ आए थे. उन्होंने हेलमेट पहन रखे थे और बाइक पर नंबर प्लेट भी नहीं थी, ताकि पहचान ना हो सके.
कैसे हुआ दोनों का एनकाउंटर?
हमले के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की. सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने पहले आरोपी की पहचान अमरोहा के रहने वाले जिशान के तौर पर की. कुछ दिन बाद पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें वो मारा गया. उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस ने उसके पास से हथियार और हमले में इस्तेमाल किया गया सामान भी बरामद किया था. पहले आरोपी के मारे जाने के बाद दूसरा आरोपी गुलफाम फरार हो गया था. पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी. अलग-अलग जगहों पर दबिश दी जा रही थी और उसकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी. आखिरकार पुलिस को सूचना मिली कि गुलफाम एक इलाके में छिपा हुआ है. जब पुलिस उसे पकड़ने पहुंची तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से गुलफाम गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस का क्या कहना है?
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ये हमला पूरी तरह सुनियोजित था और हमलावर सलीम वास्तिक की सोशल मीडिया गतिविधियों से नाराज थे. पुलिस का दावा है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. पुलिस अब ये भी जांच कर रही है कि इस हमले के पीछे कोई और व्यक्ति या संगठन तो शामिल नहीं था. अगर कोई और नाम सामने आता है तो उस पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी. दोनों एनकाउंटर के बाद गाजियाबाद में पुलिस सतर्क है. संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है.