Swati Pandey
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Friendship In Jail love Matter: खबर आगरा से है, जहां प्रेमी के साथ रह रही पत्नी को वापस बुलाने के लिए पति ने प्रेमी और उसके भाई का अपहरण कर लिया। आरोपी ने दोनों को बंधक बनाकर रखा था। अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की गहनता से जांच की। पुलिस ने पहले पत्नी को खोजा। पुलिस ने आरोपी को भरोसा दिलाया कि उसकी पत्नी वापस आ गई अब वह कहीं नही जायेगी, जिसके बाद आरोपी ने दोनों भाईयों को मुक्त किया। पुलिस आरोपित की तलाश कर रही है। उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
14 अक्तूबर को गुमान सिंह निवासी सीमा ने थाने पर सूचना दी कि उसके बेटे सोनू व बॉबी 12 अक्तूबर की रात से लापता हैं। दोनों बेटे बाइक से गुड़गांव जाने के लिए निकले थे। 13 अक्तूबर की रात उनके बेटे विजय के पास फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि सोनू और बॉबी उसके कब्जे में हैं। पुलिस ने तहरीर पर अपहरण का मुकदमा लिखा। छानबीन शुरू की गई। जिस नंबर से फोन आया था उसकी डिटेल निकाली गई।
पिता ने पुलिस को बताया कि 2011 में उन्होने अपनी बेटी की शादी विक्रमपुर निवासी सहदेव के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद सहदेव एक हत्याकांड में जेल चला गया था। वर्ष 2014 में सोनू भी एक हत्याकांड में जेल गया। जेल में सोनू और सहदेव की दोस्ती हो गई। सहदेव की पत्नी उससे जेल में मिलने जाया करती थी। इस दौरान सोनू भी उससे मिला करता था। दोनों एक दूसरे से पसंद करने लगे।
करीब आठ साल बाद वर्ष 2022 में सोनू जेल से रिहा हुआ। जेल से बाहर आते ही सोनू और रोमी एक दूसरे से मिलने लगे थे। दोनों में प्यार हो गया। सोनू के प्यार में रोमी ने घर छोड़ दिया। इसके बाद सोनू की रिहाई के दो महिने बाद सहदेव भी जेल से बाहर आ गया। पत्नी घर पर नहीं मिली। सहदेव को सोनू और अपनी पत्नी के रिश्ते के बारें में पता चला इस बात पर सहदेव सोनू से दुश्मनी मान बैठा।
सहदेव के जेल में रहने के दौरान सहदेव की पत्नी सोनू के साथ रहने लगी थी। सहदेव ने पत्नी को वापस पाने के लिए फिरोजाबाद के नसीरपुर थाने में जानलेवा हमले का फर्जी मुकदमा लिखाया। सहदेव सोनू को जेल भिजवाना चाहता था। पुलिस ने जांच में मुकदमा फर्जी पाया। सहदेव और उसके भाई राघवेंद्र को जेल भेज दिया। जेल से छूटने के बाद उसने पत्नी को वापस पाने के लिए फिर साजिश रची।
सगे भाइयों के अपहरण पर हरकत में आई पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर सहदेव की पत्नी रोमी का पता लगाया। पुलिस को जानकारी मिली कि सहदेव की पत्नी दिल्ली के रोहिणी में रह रही थी। पुलिस उसे दिल्ली से आगरा लेकर आई। पुलिस ने सहदेव की बात उसकी पत्नी से कराई और उसे भरोसा दिलाया कि पत्नी वापस आ गई है। इसके बाद सहदेव ने सोनू और उसके भाई बॉबी को मुक्त किया।
12 अक्तूबर को सहदेव ने पत्नी रोमी की मां पुष्पा देवी से सोनू को फोन कराया था। सोनू उससे मिलने गांव दतावली, फिरोजाबाद पहुंचा। अपने साथ बॉबी को साथ ले गया था। वहां सहदेव और रोमी देवी के भाई ने मिलकर दोनों भाइयों को बंधक बना लिया। सहदेव अपने भाई राघवेंद्र की मदद से दोनों को गाड़ी में डालकर विक्रमपुर ले गया। वहां यमुना में बीहड़ में दोनों को बंधक बना रखा।
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